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देवउठनी एकादशी के बाद भी आखिर क्यों नहीं हो सकेंगे शुभ कार्य, पढ़ें 2019 में विवाह के शुभ मुहूर्त
पं कृष्ण गोपाल मिश्रा, ज्योतिषाचार्य
Updated Tue, 13 Nov 2018 03:26 PM IST
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देवउठनी एकादशी 2018
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हिंदू सनातन धर्म के अनुसार मानव जीवन के 16 महत्वपूर्ण संस्कारो में विवाह एक महत्वपूर्ण संस्कार है जिस पर गृहस्थ जीवन की आधारशिला रखी जाती है। विवाह एक ऐसा अनोखा रस्म है जिसके अंतर्गत दो अनजान परिवेश के व्यक्ति भावनात्मक एवं शारीरिक रूप से एक दूसरे के लिए वचनबद्ध होते हैं तथा इन दोनों के साथ-साथ दोनों के परिवारो का भी मिलन होता है। ज्योतिष के अनुसार विवाह गृहस्थ जीवन को पारिवारिक ढांचा देने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है। जिसका आधारशिला अत्यंत ही शुभ और मांगलिक बेला में होना चाहिए। अत: ज्योतिष में इसके नियमित मुहूर्त देखकर विवाह करने की प्रथा है।
विवाह मुहूर्त में गुरु और शुक्र ग्रह की भूमिका
ज्योतिष के अनुसार विवाह ही नहीं अपितु हर मांगलिक कार्य के लिए मुहूर्त देखने की परंपरा है। विवाह में ज्योतिष के अनुसार गुरु और शुक्र की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है अतः इन दोनों ग्रहो की शुभ एवं मजबूत गोचर स्थिति में ही विवाह करने का प्रावधान है| जब कभी भी गोचर में गुरु या शुक्र अस्त या दोषग्रस्त होते हैं, तो उन दिनों विवाह विवाह निषेध किया गया है। ज्योतिष के अनुसार गुरु एक पूर्ण पुरुष प्रधान मंगलकारी ग्रह जो गृहस्थ जीवन के शुभारंभ में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है और ठीक उसी प्रकार शुक्र एक पूर्ण स्त्रीय प्रधान ग्रह जिसका गृहस्थ जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन दोनों की शुभ स्थिति और शुभ दृष्टि ही अच्छे वैवाहिक जीवन की आधारशिला के द्योतक माने गए हैं इसलिए विवाह का मुहूर्त निकालते समय गोचर में इन दोनों ग्रहों का शुभ स्थिति में होना, उदित रहना और बलशाली रहना ही अच्छे विवाह का मुहूर्त के लिए शुभ फलदायी है।
देवोत्थान एकादशी के बाद भी नहीं है कोई शुभ मुहूर्त
13 नवंबर 2018 को अपराहन 15:53 बजे गुरु अस्त हो चुके हैं और 7 दिसंबर 2018 को प्रातः 10:05 तक गुरु अस्त रहेंगे। गुरु अस्त होने से 3 दिन पूर्व गुरुत्व दोष आरंभ हो जाता है एवं उदय होने के 3 दिन पश्चात तक गुरुत्व दोष बना रहता है। अतः उपरोक्त समय में अर्थात 10 नवंबर से 10 दिसंबर 2018 के मध्य कोई भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, उपनयन संस्कार व मुण्डन संस्कार आदि से संबंधित कोई भी मांगलिक कार्य करना ज्योतिष के अनुसार वर्जित है। 10 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच सिर्फ 11 दिसंबर को एक शुभ नक्षत्र उत्तराषाढ़ा मिल रहा है जो विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त तो है परंतु शुभ तिथि और शुभ योग के अभाव में 11 दिसंबर को भी विवाह का मुहूर्त नहीं है। और 16 दिसंबर से 14 जनवरी के मध्य सूर्य का धनु राशि में होना खरमास का समय माना गया है जिसके अंतर्गत कोई भी मांगलिक कार्य वर्जित है।
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इस कारण इस वर्ष देव उठनी एकादशी के बाद विवाह मुहूर्त नहीं है क्योंकि हिंदू परंपरा में देवोत्थान एकादशी के बाद मांगलिक कार्य एवं विवाह करने की परंपरा है देवोत्थान एकादशी से लेकर 15 दिसंबर के बीच में हर वर्ष विवाह के मुहूर्त रहते हैं परन्तु इस वर्ष गुरु के अस्त होने के कारण 14 जनवरी 2019 तक विवाह के मुहूर्त नहीं है। विवाह के साथ उपनयन संस्कार व मुंडन संस्कार भी उपरोक्त समय में वर्जित है। 14 जनवरी 2019 से 14 मार्च 2019 के बीच में पुन: सभी मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त समय होगा।
साल 2019 में विवाह के मुहूर्त
जनवरी 2019- 17,18,22,23,25,26,27,28,29 और 30 आदि तारीख शुभ है।
फरवरी 2019- 9,10,14,19,21,22,25 और 26 आदि तारीख शुभ है।
मार्च 2019- 7,8,9 और 13 आदि तारीख शुभ है।
अप्रैल 2019- 16,17,18,19,20,22,23,24,25 और 26 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
मई 2019- 2,6,7,8,12,14,15,17,1921,23,28,29 और 30 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
जून 2019- 8,9,10,12,13,14,15,16,17,18,19,25 और 26 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
जुलाई 2019- 6 और 7 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
नवम्बर 2019- 8,9,10,14,22,23,24 और 30 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
दिसम्बर 2019- 5,6,11 और 12 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
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विवाह मुहूर्त में गुरु और शुक्र ग्रह की भूमिका
ज्योतिष के अनुसार विवाह ही नहीं अपितु हर मांगलिक कार्य के लिए मुहूर्त देखने की परंपरा है। विवाह में ज्योतिष के अनुसार गुरु और शुक्र की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है अतः इन दोनों ग्रहो की शुभ एवं मजबूत गोचर स्थिति में ही विवाह करने का प्रावधान है| जब कभी भी गोचर में गुरु या शुक्र अस्त या दोषग्रस्त होते हैं, तो उन दिनों विवाह विवाह निषेध किया गया है। ज्योतिष के अनुसार गुरु एक पूर्ण पुरुष प्रधान मंगलकारी ग्रह जो गृहस्थ जीवन के शुभारंभ में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है और ठीक उसी प्रकार शुक्र एक पूर्ण स्त्रीय प्रधान ग्रह जिसका गृहस्थ जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन दोनों की शुभ स्थिति और शुभ दृष्टि ही अच्छे वैवाहिक जीवन की आधारशिला के द्योतक माने गए हैं इसलिए विवाह का मुहूर्त निकालते समय गोचर में इन दोनों ग्रहों का शुभ स्थिति में होना, उदित रहना और बलशाली रहना ही अच्छे विवाह का मुहूर्त के लिए शुभ फलदायी है।
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देवोत्थान एकादशी के बाद भी नहीं है कोई शुभ मुहूर्त
13 नवंबर 2018 को अपराहन 15:53 बजे गुरु अस्त हो चुके हैं और 7 दिसंबर 2018 को प्रातः 10:05 तक गुरु अस्त रहेंगे। गुरु अस्त होने से 3 दिन पूर्व गुरुत्व दोष आरंभ हो जाता है एवं उदय होने के 3 दिन पश्चात तक गुरुत्व दोष बना रहता है। अतः उपरोक्त समय में अर्थात 10 नवंबर से 10 दिसंबर 2018 के मध्य कोई भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, उपनयन संस्कार व मुण्डन संस्कार आदि से संबंधित कोई भी मांगलिक कार्य करना ज्योतिष के अनुसार वर्जित है। 10 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच सिर्फ 11 दिसंबर को एक शुभ नक्षत्र उत्तराषाढ़ा मिल रहा है जो विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त तो है परंतु शुभ तिथि और शुभ योग के अभाव में 11 दिसंबर को भी विवाह का मुहूर्त नहीं है। और 16 दिसंबर से 14 जनवरी के मध्य सूर्य का धनु राशि में होना खरमास का समय माना गया है जिसके अंतर्गत कोई भी मांगलिक कार्य वर्जित है।
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इस कारण इस वर्ष देव उठनी एकादशी के बाद विवाह मुहूर्त नहीं है क्योंकि हिंदू परंपरा में देवोत्थान एकादशी के बाद मांगलिक कार्य एवं विवाह करने की परंपरा है देवोत्थान एकादशी से लेकर 15 दिसंबर के बीच में हर वर्ष विवाह के मुहूर्त रहते हैं परन्तु इस वर्ष गुरु के अस्त होने के कारण 14 जनवरी 2019 तक विवाह के मुहूर्त नहीं है। विवाह के साथ उपनयन संस्कार व मुंडन संस्कार भी उपरोक्त समय में वर्जित है। 14 जनवरी 2019 से 14 मार्च 2019 के बीच में पुन: सभी मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त समय होगा।
साल 2019 में विवाह के मुहूर्त
जनवरी 2019- 17,18,22,23,25,26,27,28,29 और 30 आदि तारीख शुभ है।
फरवरी 2019- 9,10,14,19,21,22,25 और 26 आदि तारीख शुभ है।
मार्च 2019- 7,8,9 और 13 आदि तारीख शुभ है।
अप्रैल 2019- 16,17,18,19,20,22,23,24,25 और 26 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
मई 2019- 2,6,7,8,12,14,15,17,1921,23,28,29 और 30 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
जून 2019- 8,9,10,12,13,14,15,16,17,18,19,25 और 26 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
जुलाई 2019- 6 और 7 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
नवम्बर 2019- 8,9,10,14,22,23,24 और 30 तारीख विवाह हेतु शुभ है।
दिसम्बर 2019- 5,6,11 और 12 तारीख विवाह हेतु शुभ है।