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kumbh 2019 : यदि चाहिए सुख-संपत्ति और सम्मान तो माघ मास में करें इन चीजों का दान

Sun, 20 Jan 2019 03:53 PM IST
Ayush Jha धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Ayush Jha Updated Sun, 20 Jan 2019 03:53 PM IST
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benefits and importance of donation in kumbh mela
प्रयागराज कुंभ 2019 दान
प्रयागराज, जहां कभी भगवान ब्रह्मा ने विशाल यज्ञ किया था। जहां स्वयं भगवान श्रीराम,लक्ष्मण और सीता ने स्नान और पूजन किया था, उस पावन भूमि पर माघ महीने में स्नान और दान का विशेष महत्व है। जब इसी पावन भूमि पर कुंभ मेला लगा हो और माघ का महीना हो तो दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में हर कोई इस पावन भूमि पर, पवित्र तिथि और पवित्र घड़ी पर दान करने के लिए विशेष रूप से पहुंचता है। 
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84 प्रकार के होते हैं दान
प्रयाग की पावन भूमि पर संगम में स्नान के पश्चात आप यहां तमाम लोगों को कई प्रकार के दान करते हुए देखेंगे। मसलन कोई गौदान, अन्नदान, धनदान, कोई वस्त्रदान कोई भोजनदान तो कोई पुस्तक दान करता हुआ आपको दिख जाएगा। राजा हर्षवर्धन के काल में यहां पर 84 प्रकार के दान की बात कही जाती है। जिसके 84 योनियों से मुक्ति की कामना जुड़ी हुई थी। 
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दीपदान का महत्व 
त्रिवेणी संगम पर स्नान-दान के बारे में पुराणों में विशेष रूप से वर्णन मिलता है। मान्यता है कि गंगा-यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर माघ महीने में किया गया दान कई जन्मों के पापों का शमन कर अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इसी प्रकार यहां पर किए जाने वाले दीपदान का भी विशेष महत्व है। कहते हैं कि दीपदान से बीत चुकी दस पीढ़ियों और आने वाली दस पीढ़ियों का उद्धार होता है। 
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गोदान का महत्व 
''को कहि सकहिं प्रयाग प्रभाउ, चार पदारथ भरा भंडारू।'' तीर्थों के राजा प्रयागराज की महिमा अनंत है। मान्यता है कि यहां पर दिए गए दान का अक्षय फल मिलता है। प्रयागराज में तमाम तरह के दान में गोदान का विशेष महत्व है। ऋग्वेद के अनुसार जो जातक गाय का दान करता है, उसे स्वर्ग में उच्च स्थान मिलता है। 


दान देते समय रखें इन बातों का ध्यान
कहते हैं जितना दान लेना कठिन नहीं है, उससे ज्यादा दान देना कठिन कार्य है। जगद्गुरु शंकराचार्य के अनुसार — दानं परं किं सुपात्र दत्तम्। अर्थात् श्रेष्ठ दान तो वह है जो किसी सुपात्र यानी सही आदमी को दिया जाए। ऐसे में दान देते समय इस बात का अवश्य ख्याल रखें। 



 
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