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आपकी मां में भी है यह आदत, कारण जानेंगे तो सिर नहीं उठाएंगे
राकेश झा/ टीम डिजिटल, दिल्ली
Updated Mon, 03 Feb 2014 11:41 AM IST
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अगर आप याद करेंगे तो पाएंगे कि आपकी मां में भी यह आदत है। वह भी दुनिया की दूसरी मां से अलग नहीं हैं। जब भी आप घर जाते होंगे तो आपसे पूछती होगी खाना खाया कि नहीं खाया।
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अगर आप कहीं बाहर रहते हैं और कुछ महीने या साल बाद मिलते हैं तो बोलती होगी ठीक से खाना नहीं खाता दुबला हो गया है। जब तक आप घर पर रहते होंगे कुछ न कुछ खिलाने की कोशिश करती होगी।
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आपका पेट भले ही भरा हो लेकिन मां की आत्मा को चैन नहीं मिलता होगा, कहती होगी थोड़ा सा तो खा ले। हो सकता है कि कभी कभी मां की इस आदत से आप झुंझला जाते हों। लेकिन आपने कभी गौर किया है मां आखिर ऐसा क्यों करती है।
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अगर आप इसका कारण जानेंगे तो मां के सामने कभी सिर उठाकर बात नहीं कर पाएंगे, आपका सिर मां के चरणों में झुक जाएगा। असल में मां और बच्चा एक ही शरीर के दो हिस्से होते हैं। इसलिए मां बच्चे से अधिक जुड़ी होती है।
मां को पता होता है कि उसका बच्चा संसार में अमृत पीकर नहीं आया है। उसके बच्चे को भी एक दिन इस दुनिया से जाना है। मौत कभी भी उसके बच्चे को अपने आगोश में ले सकती है। लेकिन जब बच्चा इस दुनिया से विदा हो तो वह भूखा नहीं जाए।
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परामनोविज्ञान के अनुसार बच्चा कहीं भी हो लेकिन बच्चा तकलीफ में होता है तो मां को उसकी सूचना अपने आप मिल जाती है। इसका कारण यह है कि मां की छठी इंद्री हमेशा बच्चे की खबर मां तक पहुंचाती रहती है।
परामनोविज्ञान और हिप्नोसिस विशेषज्ञ जे पी मल्लिक बताते हैं कि मां के अंदर बच्चों को लेकर एक प्रकार की असुरक्षा की भावना रहती है। इसके कारण मां बच्चे के खाने-पीने और दूसरी बातों पर बहुत ध्यान देती है।
जबकि ऐसा करने से बच्चे के अंदर निर्भरता की भवना बढ़ जाती है जो बच्चे के विकास के लिए ठीक नहीं है। इसलिए मां के चाहिए बच्चे पर ध्यान जरुर दें लेकिन थोड़ी आजादी भी जरुर दें ताकि वह जल्दी आत्मनिर्भर बन सके।