फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Sawan Somwar Puja 2021 Offered To Lord Shiva Favourite Grain

Sawan 2021: जानिए शिवपुराण की रूद्र संहिता में विभिन्न प्रकार के अन्नों से शिवपूजा का फल

Mon, 02 Aug 2021 12:07 PM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 02 Aug 2021 12:07 PM IST
सार

शिव पूजन में कदम्ब, केवड़ा, बकुल, कैथ, कपास, बहेड़ा, अनार, सेमल, केतकी, तुलसी, हल्दी अर्पित करना निषिद्ध माना गया है। वहीं खंडित चावल और अपवित्र अखाद्य वस्तुओं को भी भगवान शिव पर नहीं चढ़ाना चाहिए।

विज्ञापन
Sawan Somwar Puja 2021 Offered To Lord Shiva Favourite Grain
sawan 2021: श्रावण मास भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष महत्व रखता है।

विस्तार

वैसे तो भगवान शंकर की उपासना पूरे साल श्रद्धा भाव से की जाती है, लेकिन श्रावण मास भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष महत्व रखता है। माना जाता है की इस मास में प्रतिदिन या प्रत्येक सोमवार के दिन विधि पूर्वक भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने, शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने और शिवजी के मंत्रों का उच्चारण करने मात्र से ही भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करके उनके सभी कष्टों को हर लेते हैं। उनकी पूजा,आराधना समस्त मनोरथ को पूर्ण करती है। श्रावण मास में भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करना,शिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण करते हुए भगवान शिव की आराधना करना और शिवजी के षडाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का उच्चारण करना विशेष शुभ फलदाई माना जाता है।
विज्ञापन


शिव पूजन में कदम्ब, केवड़ा, बकुल, कैथ, कपास, बहेड़ा, अनार, सेमल, केतकी, तुलसी, हल्दी अर्पित करना निषिद्ध माना गया है। वहीं खंडित चावल और अपवित्र अखाद्य वस्तुओं को भी भगवान शिव पर नहीं चढ़ाना चाहिए। शिवपुराण की रूद्र संहिता में विभिन्न प्रकार के अन्नों(धान्यों) से शिवपूजा का फल अलग-अलग बताया गया है। यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में बांट देना चाहिए।
विज्ञापन


लक्ष्मी प्राप्ति के लिए
शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव पर अखंड और धुले हुए साफ चावल चढ़ाने से उपासक को लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। शिवजी के ऊपर भक्तिभाव से एक वस्त्र चढ़ाकर उसके ऊपर चावल रखकर समर्पित करना और भी उत्तम माना गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शनिजन्य दोषों से मुक्ति के लिए
शिवजी पर तिल अर्पित करने से मनुष्य के सभी पाप एवं रोग नष्ट होते है एवं शनिजन्य दोषों से मुक्ति के लिए भगवान शिव पर काले तिल अर्पित करने चाहिए।

सुख-समृद्धि के लिए
जौ द्वारा की हुई शिव की पूजा स्वर्गीय सुख की वृद्धि करने वाली है,ऐसा शिवपुराण का कथन है।

संतान सुख के लिए
गेहूं से बने हुए पकवान से की हुई शंकरजी की पूजा निश्चय ही बहुत उत्तम मानी गई है,गेंहू के दानों से पूजा करने पर संतान की वृद्धि होती है।

ऐश्वर्य के लिए
यदि मूंग से पूजा की जाए तो भगवान शिव मनुष्य को सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं,ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

धर्म,अर्थ और काम-भोग की वृद्धि के लिए
कंगनी द्वारा सर्वाध्यक्ष परमात्मा शिव का पूजन करने से उपासक के धर्म,अर्थ और काम-भोग की वृद्धि होती है तथा वह पूजा समस्त सुखों को देने वाली होती है।

मनोकामना पूर्ति के लिए
जो उपासक अरहर के पत्तों से शिवजी का श्रृंगार करके शिव की पूजा करे,तो इस प्रकार की गई पूजा अनेकों प्रकार के सुखों और सम्पूर्ण फलों को देने वाली है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed