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June Vrat Festival: जून के महीने में गंगा दशहरा, ग्रहण और जगन्नाथ रथयात्रा जैसे प्रमुख त्योहार
Mon, 01 Jun 2020 07:23 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 01 Jun 2020 07:23 AM IST
सार
- जून महीने में एकादशी, गुप्त नवरात्रि, गायत्री जयंती और प्रसिद्ध जगन्ननाथ यात्रा आरंभ होगी।
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June calendar 2020: हिंदू पंचांग में जून के महीने को आषाढ़ का महीना कहा जाता है।
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विस्तार
अंग्रेजी कैलेंडर का छठा महीना जून आरंभ हो गया है। जून के महीने में कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। हिंदू पंचांग में जून के महीने को आषाढ़ का महीना कहा जाता है। जो 6 जून से प्रारंभ होगा। नए महीने की शुरुआत सोमवार के दिन गंगा दशहरा पर्व के साथ होगी। इसके बाद इस महीने दो ग्रहण भी पड़ेगा जिसमें एक चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण होगा। इसके अलावा इसी महीने में एकादशी, गुप्त नवरात्रि, गायत्री जयंती और प्रसिद्ध जगन्ननाथ यात्रा भी आरंभ होगी। आइए जानते हैं जून महीने के प्रमुख व्रत त्योहार के बारे में...
1 जून-गंगा दशहरा
महीने की शुरुआत गंगा दशहरा पर्व के साथ आरंभ होगी। गंगा दशहरा का पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि पर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। गंगा दशहरा पर पवित्र नदी में स्नान करने से 10 तरह के पाप खत्म हो जाते है।
Ganga Dussehra 2020 : 1 जून को है गंगा दशहरा, जानिए मां गंगा के जन्म की कहानी
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2 जून- निर्जला एकादशी
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। माह में दो एकादशियां आती हैं। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस एकादशी की खास बात यह है कि अगर आपने साल की 24 एकादशी का व्रत नहीं रख पाएं तो सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत रखने से सभी 24 एकादशियों का पुण्य लाभ इस एकादशी में मिल जाता है।
5 जून- वट सावित्री पूर्णिमा और चंद्रग्रहण
ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर वट सावित्रि का व्रत मनाया जाता है। इसमें बरगद की पूजा होती है। पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा का पाठ करना शुभ होता है। इसी दिन साल का दूसरा चंद्रग्रहण देखने को मिलेगा। इसके अलावा इस दिन कबीर जयंती भी मनाई जाएगी।
Ganga Dussehra 2020: गंगा स्नान से खत्म होते हैं 10 तरह के पाप, जानें इससे जुड़े कुछ नियम
15 जून - मिथुन संक्रांति
15 जून को सूर्य वृष राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। मिथुन संक्रांति है। इस दिन सूर्य पूजा, गंगा स्नान और दान का महत्व होता है।
17 जून- योगिनी एकादशी
महीने की दूसरी एकादशी 17 जून को है। इस व्रत को करने से कई तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
21 जून - सूर्य ग्रहण
महीने का दूसरा ग्रहण 21 जून को ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर होगा। यह सूर्य ग्रहण होगा जो भारत में देखा जा सकेगा। ग्रहण दिखाई देने के कारण इसमें सूतककाल लगेगा। सूतक 20 जून की रात 10.14 बजे से शुरू होगा। ग्रहण के बाद घर और मंदिर में गंगाजल से छिड़काव और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।
22 जून - गुप्त नवरात्रि
आषाढ़ महीने में 22 जून से गुप्त नवरात्रि शुरू हो जाएंगे। तांत्रिक क्रिया के लिए गुप्त नवरात्रि किया जाता है।
23 जून - जगन्नाथ रथ यात्रा
विश्व प्रसिद्ध उड़ीसा के पुरी का भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आषाढ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से निकाली जाती है। इसकी तैयारी पहले से ही आरंभ हो जाती है। हालांकि लॉकडाउन के चलते इस बार की रथ यात्रा फीकी रहेगी।
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1 जून-गंगा दशहरा
महीने की शुरुआत गंगा दशहरा पर्व के साथ आरंभ होगी। गंगा दशहरा का पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि पर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। गंगा दशहरा पर पवित्र नदी में स्नान करने से 10 तरह के पाप खत्म हो जाते है।
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2 जून- निर्जला एकादशी
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। माह में दो एकादशियां आती हैं। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस एकादशी की खास बात यह है कि अगर आपने साल की 24 एकादशी का व्रत नहीं रख पाएं तो सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत रखने से सभी 24 एकादशियों का पुण्य लाभ इस एकादशी में मिल जाता है।
5 जून- वट सावित्री पूर्णिमा और चंद्रग्रहण
ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर वट सावित्रि का व्रत मनाया जाता है। इसमें बरगद की पूजा होती है। पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा का पाठ करना शुभ होता है। इसी दिन साल का दूसरा चंद्रग्रहण देखने को मिलेगा। इसके अलावा इस दिन कबीर जयंती भी मनाई जाएगी।
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15 जून - मिथुन संक्रांति
15 जून को सूर्य वृष राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। मिथुन संक्रांति है। इस दिन सूर्य पूजा, गंगा स्नान और दान का महत्व होता है।
17 जून- योगिनी एकादशी
महीने की दूसरी एकादशी 17 जून को है। इस व्रत को करने से कई तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
21 जून - सूर्य ग्रहण
महीने का दूसरा ग्रहण 21 जून को ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर होगा। यह सूर्य ग्रहण होगा जो भारत में देखा जा सकेगा। ग्रहण दिखाई देने के कारण इसमें सूतककाल लगेगा। सूतक 20 जून की रात 10.14 बजे से शुरू होगा। ग्रहण के बाद घर और मंदिर में गंगाजल से छिड़काव और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।
22 जून - गुप्त नवरात्रि
आषाढ़ महीने में 22 जून से गुप्त नवरात्रि शुरू हो जाएंगे। तांत्रिक क्रिया के लिए गुप्त नवरात्रि किया जाता है।
23 जून - जगन्नाथ रथ यात्रा
विश्व प्रसिद्ध उड़ीसा के पुरी का भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आषाढ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से निकाली जाती है। इसकी तैयारी पहले से ही आरंभ हो जाती है। हालांकि लॉकडाउन के चलते इस बार की रथ यात्रा फीकी रहेगी।