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स्मार्ट बेटियां: एक बहन की तकलीफें देख दूसरी की जिंदगी बचाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Nov 2018 01:26 PM IST
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स्मार्ट बेटियां
- फोटो : अमर उजाला
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सोलह साल की कच्ची उम्र में ब्याही अनीता की तकलीफें उसके चेहरे पर झलकने लगी थीं। कमजोर गृहस्थी, गरीबी की मार और दम तोड़ते बचपन के अक्स उसकी जिंदगी में आए दिन उभरते थे। इसीलिए बंशीलाल ने तय किया कि एक बहन ने बाल विवाह के बाद जो भुगता, वह उसकी दूसरी बहन को नहीं झेलने देगा। लिहाजा जब पिताजी ने अनीता की तरह अर्चना की भी पढ़ाई छुड़वा कर उसे ससुराल भेजने का मन बनाया तो बंशीलाल ने दो टूक कह दिया 'नहीं पिताजी, ऐसा नहीं हो सकता।'
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जिला बलरामपुर के रेहरा बाजार ब्लॉक के महुवा गांव के निवासी बंशीलाल की उम्र तकरीबन 30 साल है। वे कुर्मी बिरादरी से संबंधित हैं और वे बताते हैं कि कुर्मियों में बाल विवाह आम बात है। अनीता और अर्चना छोटी बहने हैं। बंशीलाल याद करते हैं कि अनीता जब सोलह साल की थी और कक्षा आठ में पढ़ रही थीं, तभी उनके पिता ने उनका ब्याह एक किसान से कर दिया था जो खुद भी ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था और जिसकी कमाई भी पर्याप्त नहीं थी। कच्ची उम्र में ब्याह के बाद बंशी ने धीरे-धीरे बहन को कुम्हलाते हुए देखा। लेकिन वह कुछ नहीं कर सकते थे क्योंकि खुद उनकी उम्र भी तब बमुश्किल 21 वर्ष थी।
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लेकिन कुछ बरस बाद जब उन्हें पता लगा कि अनीता की तरह सबसे छोटी बहन अर्चना को भी सोलह साल में ही ब्याहने की तैयारी चल रही है तो बंशी को लगा कि आवाज उठाने का वक्त आ गया है। उन्होंने अपने परिवार में परंपरा बदल डालने का संकल्प लिया और अपने चाचा और दादा को अपनी मुहिम से जोड़ा। उन्होंने सबको इस बात का मनाया कि जल्दी विवाह होने से अर्चना की जिंदगी पर तरह तरह के बुरे असर होंगे। अनीता की मिसाल सामने थी ही।
नतीजा यह हुआ कि बंशीलाल के पिता भी नई पीढ़ी की दलील के आगे नतमस्तक हो गए। अर्चना बच गई। उसने बारहवीं क्लास तक पढ़ाई पूरी की और अठारह बरस की आयु के बाद ही उसकी ब्याह हुआ।
स्मार्ट बेटियां अभियान से जुड़ी इंटरनेट साथी रंजना ने यह वीडियो कथा बनाकर अमर उजाला को भेजी है।
अमर उजाला फाउंडेशन, यूनिसेफ, फ्रेंड, फिया फाउंडेशन और जे.एम.सी. के साझा अभियान स्मार्ट बेटियां के तहत श्रावस्ती और बलरामपुर जिले की 150 किशोरियों-लड़कियों को अपने मोबाइल फोन से बाल विवाह के खिलाफ काम करने वालों की ऐसी ही सच्ची और प्रेरक कहानियां बनाने का संक्षिप्त प्रशिक्षण दिया गया है। इन स्मार्ट बेटियों की भेजी कहानियों को ही हम यहां आपके सामने पेश कर रहे हैं।