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UP: समाज कल्याण में गलत ढंग से पदोन्नति देने वाले किए जा रहे चिह्नित, 100 प्रवक्ताओं के प्रमोशन का मामला

Fri, 03 Apr 2026 09:50 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 03 Apr 2026 09:50 PM IST
सार

समाज कल्याण विभाग में गलत तरीके से प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति देने का मामला सामने आया है। सभी प्रमोशन रद्द कर दिए गए हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन पर जांच जारी है तथा संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है।

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UP Those responsible for irregular promotions in the Social Welfare Department are being identified; case inv
सर्वोदय विद्यालयों - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

समाज कल्याण निदेशालय उन सभी कार्मिकों को चिह्नित कर रहा है, जिन्होंने सर्वोदय विद्यालयों में 100 प्रवक्ताओं को गलत ढंग से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति देने संबंधी फाइल आगे बढ़ाई थी। 

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इस मामले में शासन ने समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक जे. राम के खिलाफ के खिलाफ पहले ही नियम-7 के तहत जांच बैठा दी है। साथ ही सभी प्रमोशन भी रद्द कर दिए हैं।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रदेश में 101 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। यहां कार्यरत करीब 100 प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य के पद पर दो वर्ष पूर्व प्रोन्नति दी गई। प्रवक्ताओं को 4800 रुपये पे ग्रेड से सीधे 7600 रुपये पे ग्रेड के प्रधानाचार्य के पद पर प्रोन्नति दे दी गई। प्रोन्नति का प्रस्ताव 11 जनवरी 2024 को भेजा गया था।
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नियमानुसार, प्रवक्ताओं को उप प्रधानाचार्य के पद पर ही प्रोन्नति मिल सकती थी। इस तरह से प्रमोशन देना उत्तर प्रदेश समाज कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (प्रथम संशोधन), नियमावली 2004 का उल्लंघन पाया गया। 


समाज कल्याण निदेशालय ने सर्वोदय विद्यालयों का रिकॉर्ड तलब कर लिया है। साथ ही उन सभी कार्मिकों के नाम पूछे हैं, जिन्होंने पदोन्नति संबंधी पत्रावलियों पर दस्तखत किए थे, जिसके बाद ये पत्रावलियां शासन को बढ़ाई गईं।

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