{"_id":"132-56074","slug":"Shimla-56074-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंबित योजनाओं पर लागू नहीं नई गाइडलाइंस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंबित योजनाओं पर लागू नहीं नई गाइडलाइंस
Shimla
Updated Sun, 31 Aug 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। हिमाचल सरकार ने जिला परिषदों और पंचायत समितियों को बजट खर्च पर राहत दी है। राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि लंबित योजनाओें पर बजट खर्चने की नई गाइडलाइंस लागू नहीं होंगी। इन योजनाओं पर बजट पहले की तरह पुरानी गाइडलाइंस पर ही खर्च किया जा सकेगा। जिस बजट मेें कटौती की गई है, उसे भी जिला परिषदों के माध्यम से ही मनरेगा कनवर्जेंस में डालकर खर्च किया जाएगा।
राज्य सरकार ने जिला परिषदों और पंचायत समितियों को सीधे तौर पर दिए जाने वाले बजट में 20-20 फीसदी की कटौती की है। हालांकि, अब यह भी साफ कर दिया गया है कि इस काटे गए बजट को भी जिला परिषदों और पंचायत समितियों के माध्यम से ही खर्च किया जाएगा। यह पैसा जिला परिषदों और पंचायत समितियों की संस्तुति से ही मनरेगा कनवर्जेंस में डालकर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई काम पुरानी गाइडलाइंस पर पहले से ही चल रहा है और उसकी बाकी किस्तें दिए जाने को हैं तो उसमें नई गाइडलाइंस की कोई बाधा नहीं होगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा है कि जिला परिषदों और पंचायत समितियों को सीधे तौर पर दिए जाने वाले बजट में ही 20-20 फीसदी की कमी लाई गई है। बजट तो अभी भी दोनों ही एजेंसियों को पूर्ववत मिलेगा। अब यह 20-20 प्रतिशत मनरेगा कनवर्जेंस के माध्यम से भी जिला परिषदों और पंचायत समितियों की संस्तुति पर खर्च होगा। पुराने चल रहे कार्यों मेें इसे पुरानी गाइडलाइंस पर ही दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार ने जिला परिषदों और पंचायत समितियों को सीधे तौर पर दिए जाने वाले बजट में 20-20 फीसदी की कटौती की है। हालांकि, अब यह भी साफ कर दिया गया है कि इस काटे गए बजट को भी जिला परिषदों और पंचायत समितियों के माध्यम से ही खर्च किया जाएगा। यह पैसा जिला परिषदों और पंचायत समितियों की संस्तुति से ही मनरेगा कनवर्जेंस में डालकर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई काम पुरानी गाइडलाइंस पर पहले से ही चल रहा है और उसकी बाकी किस्तें दिए जाने को हैं तो उसमें नई गाइडलाइंस की कोई बाधा नहीं होगी।
विज्ञापन
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा है कि जिला परिषदों और पंचायत समितियों को सीधे तौर पर दिए जाने वाले बजट में ही 20-20 फीसदी की कमी लाई गई है। बजट तो अभी भी दोनों ही एजेंसियों को पूर्ववत मिलेगा। अब यह 20-20 प्रतिशत मनरेगा कनवर्जेंस के माध्यम से भी जिला परिषदों और पंचायत समितियों की संस्तुति पर खर्च होगा। पुराने चल रहे कार्यों मेें इसे पुरानी गाइडलाइंस पर ही दिया जाएगा।
विज्ञापन