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छिन सकती है कई बोर्ड अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की कुर्सी
Shimla
Updated Mon, 25 Aug 2014 05:30 AM IST
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शिमला। निगम और बोर्ड में तैनात अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की कुर्सियां छिन सकती हैं। प्रदेश सरकार जल्द बड़ा फेरबदल कर सकती है। एक-एक निगम और बोर्ड के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों को बुलाकर उनकी समीक्षा की जा रही है, जिससे सरकार की कार्यशैली को और चुस्त-दुरुस्त बनाया जा सके। इन्हें कांग्रेस में कार्य करने को भी सरकार की ओर से रवाना किया जा सकता है।
प्रदेश में 40 निगम और बोर्ड हैं। इनमें इतने ही अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की तैनाती की गई है। निगम और बोर्ड के अध्यक्षों का पिछले डेढ़ साल का कार्यकाल कैसा रहा। उनकी ओर से कौन से महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन निगमों और बोर्डों में उनका किस तरह का योगदान रहा। इन सब बातों को ध्यान में रखकर समीक्षा हो रही है।
भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह एक-एक बोर्ड और निगम के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर उनके कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। काम पसंद न आने की स्थिति में उनकी छुट्टी भी की जा सकती है। हालांकि, सरकार कोई भी कड़ा कदम उठाने से पहले अपने स्तर पर पूरा होमवर्क करना जाती है, जिससे उसका भविष्य में कोई गलत असर न पड़े।
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बन सकते हैं नए सीपीएस
प्रदेश सरकार जहां निगम और बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की छुट्टी कर सकती है, वहीं कुछ नए मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) भी बना सकती है। इसको लेकर शुक्रवार से ही सचिवालय में चर्चा शुरू हो गई है।
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प्रदेश में 40 निगम और बोर्ड हैं। इनमें इतने ही अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की तैनाती की गई है। निगम और बोर्ड के अध्यक्षों का पिछले डेढ़ साल का कार्यकाल कैसा रहा। उनकी ओर से कौन से महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन निगमों और बोर्डों में उनका किस तरह का योगदान रहा। इन सब बातों को ध्यान में रखकर समीक्षा हो रही है।
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भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह एक-एक बोर्ड और निगम के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर उनके कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। काम पसंद न आने की स्थिति में उनकी छुट्टी भी की जा सकती है। हालांकि, सरकार कोई भी कड़ा कदम उठाने से पहले अपने स्तर पर पूरा होमवर्क करना जाती है, जिससे उसका भविष्य में कोई गलत असर न पड़े।
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बन सकते हैं नए सीपीएस
प्रदेश सरकार जहां निगम और बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की छुट्टी कर सकती है, वहीं कुछ नए मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) भी बना सकती है। इसको लेकर शुक्रवार से ही सचिवालय में चर्चा शुरू हो गई है।