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पीटीए शिक्षकों की नियुक्ति में नया बखेड़ा
Shimla
Updated Sun, 10 Aug 2014 05:30 AM IST
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शिमला। कॉलेजों में पीटीए शिक्षकों की नियुक्ति पर सरकार के आदेशों से बनी असमंजस की स्थिति से नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। जहां नेट/सेट और यूजीसी नियमों को पात्रता की शर्त बनाकर नियुक्ति करने के आदेश हैं, वहीं पहले से कार्य कर रहे बिना नेट/सेट पास शिक्षकों को भी कंटीन्यू करने को कहा गया है। कॉलेज शिक्षक और अभिभावक पीटीए में किए जा रहे हस्तक्षेप और अयोग्य लोगों को नियुक्ति देने का विरोध कर रहे हैं। इस कारण कॉलेजों में नए सत्र को पीटीए का गठन भी नहीं हो पाया है।
कॉलेजों में स्टॉप गैप अरेंजमेंट पर पीटीए शिक्षक की नियुक्ति होती थी। वर्तमान में पुराने पीटीए शिक्षक हैं ही नहीं। कॉलेज प्रबंधन को 18 जुलाई को जारी अधिसूचना और 26 जुलाई को निदेशक के माध्यम से आए आदेशों में 18 जुलाई से पूर्व पीटीए/स्टॉप गैप/पीरियड आधार पर लगाए शिक्षकों पर आरएंडपी रूल और नेट/सेट की शर्त लागू न कर उनकी सेवाएं जारी रखने को कहा है। नई नियुक्तियां सरकार के आदेशों के मुताबिक करने को कहा गया है। वहीं, पुराने पीटीए, स्टाप गैप और पीरियड आधार पर लगे शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने और नई नियुक्तियों को नेट/सेट और आरएंडपी रूल के तहत करने के दोहरे मापदंड को अपनाने से कॉलेज शिक्षक और अभिभावक कतरा रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि ऐसी नियुक्ति करने पर मामला कोर्ट जाएगा और उन्हें जवाब देना पड़ेगा।
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नियमों की अनदेखी सहन नहीं
प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डा. आरके कायस्था ने कहा कि पीटीए में सरकारी हस्तक्षेप मंजूर नहीं है। अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति का विरोध होगा। नियुक्ति को लेकर आए सरकार के आदेशों के चलते कॉलेज शिक्षक पीटीए का हिस्सा नहीं बनेंगे। अयोग्य लोगों की नियुक्ति के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। बड़े कॉलेजों से नए कॉलेजों को रेगुलर शिक्षकों के स्थानांतरण और उनकी जगह पीटीए नियुक्ति का विरोध होगा।
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सरकार के आदेशों पर ही होगी नियुक्ति
संयुक्त निदेशक कॉलेज और प्रोजेक्ट डायरेक्टर रूसा डा. अमरदेव ने कहा कि कॉलेजों में रिक्त पदों की जगह पीटीए/स्टॉप गैप और पीरियड बेस पर नियुक्ति सरकार के आदेशों के अनुसार होगी। 18 जुलाई से पूर्व कार्यरत पीटीए शिक्षकों पर नेट/सेट की शर्त लागू नहीं होगी। नई नियुक्तियों में सरकार की ओर से तय आरएंडपी रूल और नेट/सेट की शर्त लागू रहेगी। प्राचार्यों के साथ शिक्षा सचिव की बैठक में फैसला लिया गया था कि यदि कॉलेजों में स्वीकृत पद के अलावा अतिरिक्त शिक्षकों की जरूरत होगी तो उन मामलों पर सरकार आवेदन आने पर ही अलग से निर्णय लेगी।
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कॉलेजों में स्टॉप गैप अरेंजमेंट पर पीटीए शिक्षक की नियुक्ति होती थी। वर्तमान में पुराने पीटीए शिक्षक हैं ही नहीं। कॉलेज प्रबंधन को 18 जुलाई को जारी अधिसूचना और 26 जुलाई को निदेशक के माध्यम से आए आदेशों में 18 जुलाई से पूर्व पीटीए/स्टॉप गैप/पीरियड आधार पर लगाए शिक्षकों पर आरएंडपी रूल और नेट/सेट की शर्त लागू न कर उनकी सेवाएं जारी रखने को कहा है। नई नियुक्तियां सरकार के आदेशों के मुताबिक करने को कहा गया है। वहीं, पुराने पीटीए, स्टाप गैप और पीरियड आधार पर लगे शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने और नई नियुक्तियों को नेट/सेट और आरएंडपी रूल के तहत करने के दोहरे मापदंड को अपनाने से कॉलेज शिक्षक और अभिभावक कतरा रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि ऐसी नियुक्ति करने पर मामला कोर्ट जाएगा और उन्हें जवाब देना पड़ेगा।
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नियमों की अनदेखी सहन नहीं
प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डा. आरके कायस्था ने कहा कि पीटीए में सरकारी हस्तक्षेप मंजूर नहीं है। अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति का विरोध होगा। नियुक्ति को लेकर आए सरकार के आदेशों के चलते कॉलेज शिक्षक पीटीए का हिस्सा नहीं बनेंगे। अयोग्य लोगों की नियुक्ति के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। बड़े कॉलेजों से नए कॉलेजों को रेगुलर शिक्षकों के स्थानांतरण और उनकी जगह पीटीए नियुक्ति का विरोध होगा।
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सरकार के आदेशों पर ही होगी नियुक्ति
संयुक्त निदेशक कॉलेज और प्रोजेक्ट डायरेक्टर रूसा डा. अमरदेव ने कहा कि कॉलेजों में रिक्त पदों की जगह पीटीए/स्टॉप गैप और पीरियड बेस पर नियुक्ति सरकार के आदेशों के अनुसार होगी। 18 जुलाई से पूर्व कार्यरत पीटीए शिक्षकों पर नेट/सेट की शर्त लागू नहीं होगी। नई नियुक्तियों में सरकार की ओर से तय आरएंडपी रूल और नेट/सेट की शर्त लागू रहेगी। प्राचार्यों के साथ शिक्षा सचिव की बैठक में फैसला लिया गया था कि यदि कॉलेजों में स्वीकृत पद के अलावा अतिरिक्त शिक्षकों की जरूरत होगी तो उन मामलों पर सरकार आवेदन आने पर ही अलग से निर्णय लेगी।