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सदन में रखे जाएंगे छह से अधिक बिल
Shimla
Updated Mon, 04 Aug 2014 05:30 AM IST
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शिमला। छह अगस्त से शुरू होने जा रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में छह से अधिक बिल सदन के पटल पर रखे जाने की तैयारी है। इनमें भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए लोकायुक्त विधेयक को भी सदन में ले जा रहे हैं। इस सत्र से पहले लाए गए दो अध्यादेशों को भी विधेयक के रूप में सदन के पटल पर पारित होने को रखा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त विधेयक के ड्राफ्ट पर सेलेक्ट कमेटी की एक और बैठक चार अगस्त को होगी। अगर इसके ड्राफ्ट को अंतिम रूप मिल गया तो इसे सदन के पटल पर रखा जा सकता है। इसके दायरे में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सचिवों, निदेशकों से लेकर तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को लाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश शहरी एवं नगर नियोजन संशोधन विधेयक भी सदन में चर्चा को रखने की तैयारी चल रही है। इसमें अवैध भवनों को नियमित करने की प्रक्रिया बदली जा रही है। भवन मालिकों को छह मंजिल तक के भवनों के नियमितीकरण में छूट दी जा रही है। इस विधेयक पर भी प्रवर समिति में चर्चा चल रही है।
हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागवानी उत्पाद विपणन (विकास एवं विनियमन) विधेयक मानसून सत्र में पारित होने को जा रहा है। इसमें सेब की पैकिंग के प्रावधान जोड़े गए हैं। इस पर अध्यादेश लाया जा चुका है। इसके मुताबिक सेब की एक पेटी में 22.50 किलो से ज्यादा की पैकिंग नहीं हो सकती। एक और अध्यादेश पंचायत सचिवों की भरती प्रक्रिया में बदलाव के लिए भी लाया जा चुका है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखा जा रहा है। इसके मुताबिक पंचायत सचिवों का काडर ग्राम पंचायत से बढ़ाकर जिला परिषद का कर दिया गया है। नगर निकायों की तीन किलोमीटर की परिधि के बाहर सरकार लग्जरी टैक्स में दस साल के लिए छूट देने जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विलासिता कर माफ किया जा रहा है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश विलासिता (होटल एवं अन्य आवास) कर संशोधन विधेयक सदन में ले जाने की तैयारी है। इसके अलावा कुछ और विधेयक विधानसभा में रखे जा सकते हैं।
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हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त विधेयक के ड्राफ्ट पर सेलेक्ट कमेटी की एक और बैठक चार अगस्त को होगी। अगर इसके ड्राफ्ट को अंतिम रूप मिल गया तो इसे सदन के पटल पर रखा जा सकता है। इसके दायरे में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सचिवों, निदेशकों से लेकर तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को लाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश शहरी एवं नगर नियोजन संशोधन विधेयक भी सदन में चर्चा को रखने की तैयारी चल रही है। इसमें अवैध भवनों को नियमित करने की प्रक्रिया बदली जा रही है। भवन मालिकों को छह मंजिल तक के भवनों के नियमितीकरण में छूट दी जा रही है। इस विधेयक पर भी प्रवर समिति में चर्चा चल रही है।
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हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागवानी उत्पाद विपणन (विकास एवं विनियमन) विधेयक मानसून सत्र में पारित होने को जा रहा है। इसमें सेब की पैकिंग के प्रावधान जोड़े गए हैं। इस पर अध्यादेश लाया जा चुका है। इसके मुताबिक सेब की एक पेटी में 22.50 किलो से ज्यादा की पैकिंग नहीं हो सकती। एक और अध्यादेश पंचायत सचिवों की भरती प्रक्रिया में बदलाव के लिए भी लाया जा चुका है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखा जा रहा है। इसके मुताबिक पंचायत सचिवों का काडर ग्राम पंचायत से बढ़ाकर जिला परिषद का कर दिया गया है। नगर निकायों की तीन किलोमीटर की परिधि के बाहर सरकार लग्जरी टैक्स में दस साल के लिए छूट देने जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विलासिता कर माफ किया जा रहा है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश विलासिता (होटल एवं अन्य आवास) कर संशोधन विधेयक सदन में ले जाने की तैयारी है। इसके अलावा कुछ और विधेयक विधानसभा में रखे जा सकते हैं।
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