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संजौली कॉलेज में कामर्स की 40 सीटें खत्म
Shimla
Updated Sat, 14 Jun 2014 05:33 AM IST
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शिमला। प्रदेश के एक मात्र सेंटर आफ एक्सीलेंस संजौली कॉलेज में कामर्स
संकाय की चालीस सीटें घटा दी हैं। यहां कामर्स की 120 सीटें थी लेकिन इस बार दाखिला 80 सीटों पर ही दिए जाने का प्रस्ताव है। वहीं दूसरी तरफ इस प्रस्ताव के अमल में आने से पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है।
छात्र कॉलेज प्रशासन से मांग कर चुके हैं सीटें न घटाई जाएं। सीटें कम होने से प्रदेश भर से यहां दाखिला लेेने आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। कॉलेज में शहर के अन्य कालेजों के मुकाबले दो दिन में प्रवेश लेने को तीन संकायों में सबसे अधिक फार्म पहुंचे हैं। इसमें कामर्स की 80 सीटों के लिए 170 और साइंस की 360 सीटों के लिए 300, कला संकाय की 720 सीटों के लिए दो सौ से अधिक फार्म जमा हो चुके हैं। अन्य दोनों संकाय में सीटें पर्याप्त हैं लेकिन कामर्स में सीट पाने को अभी से मारोमारी नजर आने लगी है। अन्य विज्ञान और कला संकाय में प्रति विषय 60-60 सीटें भरी जा रही हैं। छात्र मांग कर रहा है कि कामर्स में पहले की तरह से 120 सीटें और दो सेक्शन बनाए जाए लेकिन कॉलेज प्रशासन ऐसा कर पाने में पूरी तरह से असमर्थता जता रहा है। कॉलेज में स्टाफ और भवन की कमी के चलते कक्षाएं बिठाने में दिक्कत आ रही है।
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120 की जाएं सीटें : एसएफआई
एसएफआई इकाई अध्यक्ष संजौली कॉलेज योवन नेगी, सचिव मुनीश शर्मा और प्रेस सचिव अमित कुमार ने कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि कामर्स में छात्रों के आए आवेदन और मांग को देखते हुए सीटें 120 की जाएं। दो सेक्शन के लिए शिक्षक और क्लास रूम की व्यवस्था करें।
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एबीवीपी ने भी उठाई मांग
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अर्पिता द्विवेदी ने कॉलेज प्रशासन से सीटें बढ़ाने की मांग की है। कहा कि इससे सैकड़ों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यहां दाखिला पाने के लिए प्रदेश भर से छात्र-छात्राएं आती हैं।
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कक्षाएं बिठाने को जगह नहीं : डा. जेएस नेगी
कॉलेज प्राचार्य डा. जेएस नेगी ने कहा कि कामर्स की सीटें कम की हैं। कॉलेज में कामर्स संकाय के लिए सिर्फ तीन ही शिक्षक हैं। कक्षाएं चलाने को क्लास रूम की कमी भी है। सीटें बढ़ाने से कक्षाएं लगाना मुश्किल होगा, जिससे छात्र परेशान होंगे।
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संकाय की चालीस सीटें घटा दी हैं। यहां कामर्स की 120 सीटें थी लेकिन इस बार दाखिला 80 सीटों पर ही दिए जाने का प्रस्ताव है। वहीं दूसरी तरफ इस प्रस्ताव के अमल में आने से पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है।
छात्र कॉलेज प्रशासन से मांग कर चुके हैं सीटें न घटाई जाएं। सीटें कम होने से प्रदेश भर से यहां दाखिला लेेने आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। कॉलेज में शहर के अन्य कालेजों के मुकाबले दो दिन में प्रवेश लेने को तीन संकायों में सबसे अधिक फार्म पहुंचे हैं। इसमें कामर्स की 80 सीटों के लिए 170 और साइंस की 360 सीटों के लिए 300, कला संकाय की 720 सीटों के लिए दो सौ से अधिक फार्म जमा हो चुके हैं। अन्य दोनों संकाय में सीटें पर्याप्त हैं लेकिन कामर्स में सीट पाने को अभी से मारोमारी नजर आने लगी है। अन्य विज्ञान और कला संकाय में प्रति विषय 60-60 सीटें भरी जा रही हैं। छात्र मांग कर रहा है कि कामर्स में पहले की तरह से 120 सीटें और दो सेक्शन बनाए जाए लेकिन कॉलेज प्रशासन ऐसा कर पाने में पूरी तरह से असमर्थता जता रहा है। कॉलेज में स्टाफ और भवन की कमी के चलते कक्षाएं बिठाने में दिक्कत आ रही है।
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120 की जाएं सीटें : एसएफआई
एसएफआई इकाई अध्यक्ष संजौली कॉलेज योवन नेगी, सचिव मुनीश शर्मा और प्रेस सचिव अमित कुमार ने कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि कामर्स में छात्रों के आए आवेदन और मांग को देखते हुए सीटें 120 की जाएं। दो सेक्शन के लिए शिक्षक और क्लास रूम की व्यवस्था करें।
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एबीवीपी ने भी उठाई मांग
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अर्पिता द्विवेदी ने कॉलेज प्रशासन से सीटें बढ़ाने की मांग की है। कहा कि इससे सैकड़ों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यहां दाखिला पाने के लिए प्रदेश भर से छात्र-छात्राएं आती हैं।
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कक्षाएं बिठाने को जगह नहीं : डा. जेएस नेगी
कॉलेज प्राचार्य डा. जेएस नेगी ने कहा कि कामर्स की सीटें कम की हैं। कॉलेज में कामर्स संकाय के लिए सिर्फ तीन ही शिक्षक हैं। कक्षाएं चलाने को क्लास रूम की कमी भी है। सीटें बढ़ाने से कक्षाएं लगाना मुश्किल होगा, जिससे छात्र परेशान होंगे।