{"_id":"132-50340","slug":"Shimla-50340-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजधानी में आप तय कीजिए प्लॉट के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजधानी में आप तय कीजिए प्लॉट के दाम
Shimla
Updated Thu, 20 Mar 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। राजधानी में जमीन की कीमतें आम जनता तय करेगी। आपके इलाके की जमीन सर्किल रेट से ज्यादा है या कम। 31 मार्च तक इस पर तहसीलदार के पास आपत्ति या सुझाव दे सकते हैं। जमीन खरीद की संशोधित दरों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दरों के निर्धारण का काम 31 मार्च तक पूरा किया जाना है।
सूत्र बताते हैं कि अगले वित्तीय साल में सर्किल रेट में दस से पंद्रह फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। शिमला शहर में प्लॉट की खरीद करना आम आदमी की पहुंच से बाहर है। जोड़ तोड़ कर प्लॉट की खरीद कर भी ली तो उसे समतल करने और उस पर मकान बनाने की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी ही पूरी कर सकती है।
मौजूदा समय में सर्किल रेट तीन श्रेणियों में निर्धारित है। प्रथम श्रेणी में उन प्लॉटों को रखा गया है जो मुख्य सड़क के 40 मीटर के दायरे में हैं। दूसरे श्रेणी में 50 मीटर के दायरे में आने वाले प्लॉट हैं। तीसरी श्रेणी में उन प्लॉटों को रखा गया है, जो संपर्क सड़क के किनारे हैं। इसके साथ ही जमीन की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सर्किल रेट तय किए गए हैं। इसके पीछे स्टांप ड्यूटी की चोरी पर अंकुश लगाने की दलील दी जा रही है। निर्धारित सर्किल रेट से कम कोई भी विक्रेता जमीन नहीं बेच सकता।
विज्ञापन
इसलिए जरूरी हुआ सर्किल रेट का निर्धारण
इससे पहले जमीन की खरीद फरोख्त में स्टांप ड्यूटी की जमकर चोरी होती थी। उदाहरण के लिए चार बिस्वा प्लाट का सौदा 15 लाख में तय हुआ। विक्रेता और खरीददार आपस में सट्टी बट्टी कर बताते थे कि यह सौदा तीन लाख में हुआ है। 12 लाख पर बनने वाली स्टाप डयूटी देने से बच जाते थे। लेकिन खरीददार को अब सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी देनी होगी बेशक उसने उससे भी कम कीमत पर जमीन क्यों न खरीदी हो।
शहर में यह है मौजूदा प्रति सेक्वयर मीटर कीमत
रिज , शांकली , लक्कड़ बाजार , कलेस्टन , कालीबाड़ी , कैथू , ताराहाल , संजौली चौक और संजौली बाजार में जमीन की कीमत प्रथम श्रेणी में प्रति सेक्वयर मीटर 7700 रूपये, दूसरी श्रेणी में 7623 रूपये और तीसरी श्रेणी में 7546 चुकाने होंगे। इसी तरह सबसे महंगी जमीन कृष्णानगर इलाके, माल रोड़ , राम बाजार और लोअर बाजार में हैं। यहां तीन श्रेणियों में खरीददार को 9900, 9801 और 9702 प्रति सेक्वयर मीटर चुकाने पड़ रहे हैं। शहर में सबसे कम सर्किल रेट जाखू , छोटा शिमला, कसुम्पटी , यूएस क्लब और बैनमोर में हैं। यहां तीन श्रेणियों में 5500/5445 और 5390 प्रति सेक्वयर मीटर हैं।
मकान बनाने के लिए 200 स्कवेयर मीटर जमीन चाहिए
एक मकान बनाने के लिए 200 स्कवेयर मीटर जमीन की जरूरत होती है। इसमें करीब 5.33 बिस्वा आता है। उदाहरण के लिए आप कलेस्टन में जमीन खरीदते हैं तो आपको सर्किल रेट के हिसाब से 15.40 लाख चुकाने होंगे। जमीन को समतल करने के लिए लाखों खर्च करने होंगे। इसके बाद भवन निर्माण के लिए लाखों रुपये की जरूरत होगी। इस बार फिर से सर्किल रेट बढ़ने जा रहे हैं।
31 मार्च तक होगा संशोधित दरों का निर्धारण - उपायुक्त
उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि स्टैंप डयूटी व पंजीकरण फीस के बारे में आम जनता के सुझाव व आपत्तियां पूर्ण विवरण और आवश्यक साक्ष्य सहित आमंत्रित किए गए हैं। भूमि के क्रय विक्रय की संशोधित दरों के निर्धारण का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि अगले वित्तीय साल में सर्किल रेट में दस से पंद्रह फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। शिमला शहर में प्लॉट की खरीद करना आम आदमी की पहुंच से बाहर है। जोड़ तोड़ कर प्लॉट की खरीद कर भी ली तो उसे समतल करने और उस पर मकान बनाने की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी ही पूरी कर सकती है।
विज्ञापन
मौजूदा समय में सर्किल रेट तीन श्रेणियों में निर्धारित है। प्रथम श्रेणी में उन प्लॉटों को रखा गया है जो मुख्य सड़क के 40 मीटर के दायरे में हैं। दूसरे श्रेणी में 50 मीटर के दायरे में आने वाले प्लॉट हैं। तीसरी श्रेणी में उन प्लॉटों को रखा गया है, जो संपर्क सड़क के किनारे हैं। इसके साथ ही जमीन की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सर्किल रेट तय किए गए हैं। इसके पीछे स्टांप ड्यूटी की चोरी पर अंकुश लगाने की दलील दी जा रही है। निर्धारित सर्किल रेट से कम कोई भी विक्रेता जमीन नहीं बेच सकता।
विज्ञापन
इसलिए जरूरी हुआ सर्किल रेट का निर्धारण
इससे पहले जमीन की खरीद फरोख्त में स्टांप ड्यूटी की जमकर चोरी होती थी। उदाहरण के लिए चार बिस्वा प्लाट का सौदा 15 लाख में तय हुआ। विक्रेता और खरीददार आपस में सट्टी बट्टी कर बताते थे कि यह सौदा तीन लाख में हुआ है। 12 लाख पर बनने वाली स्टाप डयूटी देने से बच जाते थे। लेकिन खरीददार को अब सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी देनी होगी बेशक उसने उससे भी कम कीमत पर जमीन क्यों न खरीदी हो।
शहर में यह है मौजूदा प्रति सेक्वयर मीटर कीमत
रिज , शांकली , लक्कड़ बाजार , कलेस्टन , कालीबाड़ी , कैथू , ताराहाल , संजौली चौक और संजौली बाजार में जमीन की कीमत प्रथम श्रेणी में प्रति सेक्वयर मीटर 7700 रूपये, दूसरी श्रेणी में 7623 रूपये और तीसरी श्रेणी में 7546 चुकाने होंगे। इसी तरह सबसे महंगी जमीन कृष्णानगर इलाके, माल रोड़ , राम बाजार और लोअर बाजार में हैं। यहां तीन श्रेणियों में खरीददार को 9900, 9801 और 9702 प्रति सेक्वयर मीटर चुकाने पड़ रहे हैं। शहर में सबसे कम सर्किल रेट जाखू , छोटा शिमला, कसुम्पटी , यूएस क्लब और बैनमोर में हैं। यहां तीन श्रेणियों में 5500/5445 और 5390 प्रति सेक्वयर मीटर हैं।
मकान बनाने के लिए 200 स्कवेयर मीटर जमीन चाहिए
एक मकान बनाने के लिए 200 स्कवेयर मीटर जमीन की जरूरत होती है। इसमें करीब 5.33 बिस्वा आता है। उदाहरण के लिए आप कलेस्टन में जमीन खरीदते हैं तो आपको सर्किल रेट के हिसाब से 15.40 लाख चुकाने होंगे। जमीन को समतल करने के लिए लाखों खर्च करने होंगे। इसके बाद भवन निर्माण के लिए लाखों रुपये की जरूरत होगी। इस बार फिर से सर्किल रेट बढ़ने जा रहे हैं।
31 मार्च तक होगा संशोधित दरों का निर्धारण - उपायुक्त
उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि स्टैंप डयूटी व पंजीकरण फीस के बारे में आम जनता के सुझाव व आपत्तियां पूर्ण विवरण और आवश्यक साक्ष्य सहित आमंत्रित किए गए हैं। भूमि के क्रय विक्रय की संशोधित दरों के निर्धारण का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा।