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दीपों के पर्व में जगमगा उठी राजधानी
Shimla
Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
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शिमला। मंगलवार को राजधानी शिमला रोशनी में जगमगा उठी। घरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में सुख, शांति व समृद्धि की कामना के साथ मां लक्ष्मी का विधि विधान से पूजन हुआ। आतिशबाजी की धूम-धड़ाम के बीच देर रात तक दीये अपनी झिलमिलाहट बिखेरते रहे।
दीपावली पर मंगलवार सुबह से ही शहर में रौनक रही। लोगों ने पारंपरिक ढंग से घरों को सजाया। मंदिरों में भी दिन भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। शाम को आसमान आतिशबाजी के रंग में रंग गया। इसके बाद महालक्ष्मी का पूजन हुआ। लोगोें ने मां को खील, पताशे, मिठाई और फल का प्रसाद अर्पित कर स्वागत में दरवाजों पर दीपक, मोमबत्ती जलाईं। देर रात तक आसमान में आतिशबाजी होती रही।
धुआं हो गई करोड़ों की आतिशबाजी
आईस स्केटिंग रिंक, संजौली, खलीणी बाईपास सहित अन्य स्थानों पर आतिशबाजी की करीब ढाई सौ दुकानें लगाई गई थीं। इन दुकानों पर मंगलवार सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई। दुकानों पर बच्चों ने फुलझड़ी, अनार, चकरी, चकमक माचिस आदि की खरीददारी की तो वहीं बड़ों ने बड़े पटाखे खरीदे। आतिशबाजी विक्रेता कहते हैं कि दीपावली के दिन बिक्री में काफी इजाफा हुआ।
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नई वैराइटी की मिठाइयां भाईं
इस बार खोये से बनी मिठाइयां कोनों में सिमटी नजर आईं। इनको लोगों ने कम ही तरजीह दी। हालांकि, इस बाद कुछ नई वैराइटी की महंगी मिठाइयां जरूर लोगों ने पसंद की, क्याेंकि खाने में ये नुकसान दायक नहीं थी। छैने की रंगबिरंगी विभिन्न रूपों की मिठाइयां भी खूब बिकीं। पारंपरिक बेसन व बूंदी के लड्डू, बालूशाही के साथ पेठे की भी खूब मांग रही।
दस में बिकी गेंदा फूल की माला
दीपावली पूजन को लेकर फूल मालाआें भी मार्केट में खूब बिक्री हुई। गेंदा फूल की माला दस रुपये तक की बिकी। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में लोगों ने फूल की दुकानें लगाईं। सभी पर भीड़ लगी रही।
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दीपावली पर मंगलवार सुबह से ही शहर में रौनक रही। लोगों ने पारंपरिक ढंग से घरों को सजाया। मंदिरों में भी दिन भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। शाम को आसमान आतिशबाजी के रंग में रंग गया। इसके बाद महालक्ष्मी का पूजन हुआ। लोगोें ने मां को खील, पताशे, मिठाई और फल का प्रसाद अर्पित कर स्वागत में दरवाजों पर दीपक, मोमबत्ती जलाईं। देर रात तक आसमान में आतिशबाजी होती रही।
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धुआं हो गई करोड़ों की आतिशबाजी
आईस स्केटिंग रिंक, संजौली, खलीणी बाईपास सहित अन्य स्थानों पर आतिशबाजी की करीब ढाई सौ दुकानें लगाई गई थीं। इन दुकानों पर मंगलवार सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई। दुकानों पर बच्चों ने फुलझड़ी, अनार, चकरी, चकमक माचिस आदि की खरीददारी की तो वहीं बड़ों ने बड़े पटाखे खरीदे। आतिशबाजी विक्रेता कहते हैं कि दीपावली के दिन बिक्री में काफी इजाफा हुआ।
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नई वैराइटी की मिठाइयां भाईं
इस बार खोये से बनी मिठाइयां कोनों में सिमटी नजर आईं। इनको लोगों ने कम ही तरजीह दी। हालांकि, इस बाद कुछ नई वैराइटी की महंगी मिठाइयां जरूर लोगों ने पसंद की, क्याेंकि खाने में ये नुकसान दायक नहीं थी। छैने की रंगबिरंगी विभिन्न रूपों की मिठाइयां भी खूब बिकीं। पारंपरिक बेसन व बूंदी के लड्डू, बालूशाही के साथ पेठे की भी खूब मांग रही।
दस में बिकी गेंदा फूल की माला
दीपावली पूजन को लेकर फूल मालाआें भी मार्केट में खूब बिक्री हुई। गेंदा फूल की माला दस रुपये तक की बिकी। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में लोगों ने फूल की दुकानें लगाईं। सभी पर भीड़ लगी रही।