फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   Witchcraft : Rajasthan Woman Tortured With Accusation Of Black Magic

डायन प्रथा : कब रुकेंगी मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं?

Mon, 02 Dec 2024 06:51 PM IST
Vinod Patahk विनोद पाठक
Updated Mon, 02 Dec 2024 06:51 PM IST
सार

एक समय ऐसा भी था, जब यूरोप द्वारा भारत को जादू-टोने का देश तक बता दिया जाता था, लेकिन पिछले सात दशक में हमने न केवल तरक्की की ऊंचाइयों को छुआ है, बल्कि इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) जैसे क्षेत्रों में दुनिया को राह दिखा रहे हैं। भोपा या जादू-टोना करने वाले केवल पिछड़े या ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं हैं। इनकी जड़ें दिल्ली समेत अधिकांश शहरों में जमी हुई हैं।

विज्ञापन
Witchcraft : Rajasthan Woman Tortured With Accusation Of Black Magic
राजस्थान में डायन प्रथा के नाम पर महिला से बर्बरता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यह घटना आपको भीतर तक झकझोर देगी... राजस्थान के बूंदी जिले के हिंडोली क्षेत्र में एक महिला को डायन बताकर न केवल गर्म सलाखों से दागा गया, बल्कि बाल तक काट दिए गए। मुंह काला कर गांव में घुमाया गया और पेड़ से बांध दिया गया। मल-मूत्र तक खिला दिया गया। यह सब महिला की बीमारी ठीक करने का बहाना बनाकर किया गया। विडंबना यह है कि आज भी देश के अलग-अलग इलाकों में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। भले भारत की साक्षरता दर 74 प्रतिशत से अधिक हो गई हो, लेकिन बड़ी संख्या में लोग ऐसे जादू-टोना करने वालों के चंगुल में फंसते रहते हैं।

विज्ञापन

 

एक समय ऐसा भी था, जब यूरोप द्वारा भारत को जादू-टोने का देश तक बता दिया जाता था, लेकिन पिछले सात दशक में हमने न केवल तरक्की की ऊंचाइयों को छुआ है, बल्कि इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) जैसे क्षेत्रों में दुनिया को राह दिखा रहे हैं। हमारे इंजीनियर अमेरिका की सिलिकॉन वैली पर राज कर रहे हैं। आज दुनिया में उपलब्ध हर आधुनिक वस्तु भारत में आसानी से मिल जाती है। कई देशों के लोग भारत में इलाज कराने आते हैं, क्योंकि हमारे यहां अच्छे डॉक्टर हैं और हमारी मेडिकल साइंस ने खूब तरक्की की है।

विज्ञापन


फिर भी कुछ लोग भोपा या जादू-टोना करने वालों के फेर में आ रहे हैं। या तो उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा होता या वो सही जगह पहुंच नहीं पाते हैं। जब कोई व्यक्ति निराशा होता है तो ऐसे फर्जी लोगों का निशाना बन जाता है, जैसा बूंदी जिले के हिंडोली की महिला के साथ हुआ। महिला को मात्र पेट में दर्द था और वो ठीक नहीं हो रहा था। कमाल की बात यह है कि भोपा महिला को प्रताड़ित करता रहा और किसी ने विरोध तक नहीं किया। हालांकि, अब महिला के परिजनों ने भोपा और उसके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भोपा गैंग के साथ फरार हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन


भोपा या जादू-टोना करने वाले केवल पिछड़े या ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं हैं। इनकी जड़ें दिल्ली समेत अधिकांश शहरों में जमी हुई हैं। बड़े-बड़े शहरों के चौराहों पर अक्सर आपको ऐसे कार्ड बांटने वाले मिल जाएंगे, जो वशीकरण, मनचाहा प्यार, गृह क्लेश, जादू-टोना, पति-पत्नी में अनबन, सौतन व दुश्मन से छुटकारा, जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान करने का दावा करते हैं। जब कोई व्यक्ति चारों ओर से निराश होता है तो इन जादू-टोटका करने वालों के फेर में आ जाता है। बस यही पर किसी भी व्यक्ति के धैर्य और सोच-समझ की परीक्षा होती है।

Witchcraft : Rajasthan Woman Tortured With Accusation Of Black Magic
राजस्थान में डायन प्रथा के नाम पर महिला से बर्बरता - फोटो : freepik.com

हमें ये  समझना चाहिए कि यदि कोई बीमार है या जीवन में परेशानी है तो उसका इलाज डॉक्टर या वैद्य के पास मिलेगा। कई बार हम डॉक्टर से इलाज कराते-कराते उस स्थिति में इलाज को छोड़ देते हैं, जब बीमारी ठीक होने वाली होती है। फिर जादू टोटका करने वालों के फेर में आ जाते हैं और दो-चार लोगों को राहत मिलती है तो वो इनका मुफ्त में प्रचार करने लग जाते हैं। ऐसे फर्जी लोग केवल अपने ठिकाने बनाकर नहीं बैठे हैं, बल्कि बाकायदा खुले मंच सजाकर भी बीमारियां ठीक करने का स्वांग रचते हैं। ऐसे सैकड़ों वीडियो सोशल मीडिया पर देखे जा सकते हैं।


डायन प्रथा को लेकर कोई केंद्रीय कानून तो नहीं है, लेकिन राज्यों में अपने-अपने यहां कानून बना रखे हैं। राजस्थान डायन प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2015 और राजस्थान डायन प्रताड़ना निवारण नियम 2016 के तहत किसी महिला को डायन घोषित कर बदनाम या प्रताड़ित कर नुकसान पहुंचाने पर अपराधी को 1 से 5 साल तक कठोर कारावास या 50,000 रुपए का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र, जादू-टोटका कर किसी व्यक्ति को नुकसान या चोट पहुंचाता है तो उसे 1 से 3 साल तक का कारावास या 10,000 रुपए का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं।


वैसे तो शासन-प्रशासन डायन प्रथा को लेकर समय-समय पर जन-जागरूकता के कार्यक्रम चलता है, लेकिन सोशल मीडिया पर खुलेआम फर्जी दावे कर रहे तत्वों पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है। सरकारी बसों में ऐसे स्टिकर लगे मिल जाते हैं, जो वशीकरण, बीमारियों का शर्तिया इलाज आदि का दावा करते हैं, जबकि उनके पास कोई भी मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं होती। कुछ लोग बाकायदा बड़े आयोजन का स्टेज सजाकर बीमारियों को ठीक करने का ड्रामा करते हैं। ऐसे तत्वों पर सरकार को सख्ती से रोक लगानी चाहिए और केंद्रीय स्तर पर एक सख्त कानून बनना चाहिए।

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed