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महिलाओं ने रचा इतिहास, अमेरिका में पूरी की मरीन ट्रेनिंग, इसके लिए गुजरी कठिन परीक्षा से

Tue, 27 Apr 2021 09:37 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Tue, 27 Apr 2021 09:37 AM IST
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us women completed marine training for the first time
army - फोटो : social media
अमेरिकी सेना में महिलाओं के लिए अब लिंगभेद जैसी कोई बाधा नहीं रह गई है। क्योंकि अब इन महिलाओं ने सेना की सबसे कठिन मरीन कॉर्प्स का कोर्स पूरा कर लिया है। अमेरिका के 100 साल के इतिहास में पहली बार लीमा कंपनी की 53 रंगरूटों ने सबसे मुश्किल ्ट्रेनिंग को पूरा किया। कैलिफोर्निया के केप पेंटलटन में सबसे मुश्किल माने जाने वाले 11 सप्ताह के कड़े प्रशिक्षण के बाद अब ये महिलाएं मरीन बन गई हैं। इन महिलाओं की ट्रेनिंग 9 फरवरी 2021 को शुरू हुई थी।
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इस कैंप में ट्रेनिंग करने वाली महिलाओं ने बताया कि लाखों लोगों की नजरें हम पर ही थी। हमें किसी भी हाल में फेल नहीं होना था। 19 साल की एनी बताती हैं कि मैं जिंदगी में कभी भी आसान चुनौतियां नहीं चाहती थी। मुझे पहले ही दिन लग गया था कि मैं मरीन के लिए ही बनी हूं।’ इदाहो की 19 साल की मिया ओ’हारा कहती हैं- आखिरी चढ़ाई में प्लाटून का झंडा मेरे हाथों में था। चढ़ाई बेहद चिकनी और नुकीली थी। कई बार लगा कि यह जिंदगी की आखिरी चढ़ाई है, पर यह भरोसा भी था कि आखिरी छोर पर कोई स्वागत के लिए खड़ा है...और हमने यह कर दिखाया।’ एक छोटे समारोह में इन्हें वर्दी पर लगाने के लिए ईगल, ग्लोब और एंकर पिन दिया गया, जो इस बात का प्रतीक है कि अब वे ट्रेनी नहीं, मरीन हैं।
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सबसे मुश्किल कैंप में पुरुष कंमाडोज के साथ टक्कर ली। इन महिलाओं को पुरुष कंमाडोज के बराबर ट्रेनिंग दी गई है। सुबह 3 बजे से लेकर रात तक चलने वाली इस ट्रेनिंग में मात्र 3 घंटे सोने के लिए मिल पाते थे। वहीं युद्धाभ्यास से लेकर कीचड़, धूल और नुकीली चोटियों पर दौड़ करनी पड़ती थी। जहां पर 35 किलो वजन को लेकर 15 किमी की मुश्किल चढाई को पूरा करना होता था।
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