स्ट्रीट लाइब्रेरी खोल ज्ञान का प्रसार कर रहीं अरुणाचल प्रदेश की यह शिक्षिका
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आज के समय में सड़क पर एक सार्वजनिक लाइब्रेरी खोलना और लोगों के लिए एक ऐसी व्यवस्था निर्मित करना जहां पाठक आराम से ज्ञान प्राप्त कर सके, यह किसी पुण्य से कम नहीं है और यह काम कर दिखाया है अरुणाचल प्रदेश की एक शिक्षिका ने। जिसके बाद से लोग इस स्ट्रीट लाइब्रेरी से कोई भी पसंदीदा किताब को निशुल्क पढ़कर ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस स्ट्रीट लाइब्रेरी से जुड़ी अन्य खास बातें।
इस तरह की शुरुआत
मीना गुरुंग एक सरकारी स्कूल टीचर हैं जो कि अरुणाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में इनका रहती हैं। घर के बगल में ही उन्होंने 'स्ट्रीट लाइब्रेरी' की शुरुआत उन्होंने अपने घर के पास से ही की। इस लाइब्रेरी में कई तरह की किताबें उन्होंने रखी और पास ही पढ़ने वालों के बैठने की भी व्यवस्था की। उनके इस विचार को लोगों ने खूब सराहा और सोशल मीडिया पर साझा भी किया।
किताब नहीं होती है चोरी
यह मीना की निजी लाइब्रेरी नहीं है, उन्होंने इसे शुरू से ही सार्वजनिक रखा। लोग यहां आते हैं, खुद से किताब लेते हैं, यहीं बैठकर पढ़ते हैं और फिर रखकर चल देते हैं। कोई कभी किताब चोरी करने की नियत से नहीं आता। लाइब्रेरी पूरे समय खुली रहती है और कई लोग ऐसे भी आते हैं जिन्हें मीना नहीं जानती हैं लेकिन वे भी ईमानदारी से किताब पढ़ने के बाद रखकर जाते हैं।
महिलाएं और युवा पढ़ते हैं किताब
मीना की यह स्ट्रीट लाइब्रेरी ऐसी जगह पर है, जहां खुला और शांत वातावरण है और किताब पढ़ने के लिए, एकाग्रचित्त के लिए ऐसी व्यवस्था बहुत ही उत्तम है। महिलाओं और युवाओं को यह स्ट्रीट लाइब्रेरी बहुत ही पसंद आ रही है, शाम के समय में इनकी संख्या खूब हो जाती है। मीना ने तय किया है कि वे अरुणाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की लाइब्रेरी खोलेंगी।

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