फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Sprinter Bhagwani Devi Biography in Hindi Wins Gold At World Masters Athletics Championships

Bhagwani Devi: एथलीट दादी के चैंपियन बनने की कहानी है रोचक, जानें भगवानी देवी के बारे में

Wed, 26 Oct 2022 03:06 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Wed, 26 Oct 2022 03:06 PM IST
विज्ञापन
Sprinter Bhagwani Devi Biography in Hindi Wins Gold At World Masters Athletics Championships
भागवानी देवी - फोटो : सोशल मीडिया

Bhagwani Devi : भारत की कई महिला एथलीट और खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की नाम रोशन कर रही हैं। कम उम्र में ही सानिया मिर्जा से लेकर भवानी देवी, पीवी सिंधु और मीराबाई चानू ने अपना नाम बनाया। इन महिला एथलीट्स ने कई खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और कई सारे मेडल जीत कर भारत का परचम दुनियाभर में लहराया। लेकिन हाल ही में भारत ने एक ऐसी महिला एथलीट की जीत का जश्न मनाया, जिसने उम्र की सीमा पार करके देश का नाम रोशन किया है। शूटर दादी के बाद अब एथलीट दादी सुर्खियों में हैं। 94 साल की स्प्रिंटर भगवानी देवी डागर ने फिनलैंड में हुए वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। चलिए जानते हैं स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाली एथलीट दादी भगवानी देवी डागर के बारे में।

विज्ञापन


कौन है भगवानी देवी डागर

भगवानी देवी ने हाल में फिनलैंड के टांपरे में आयोजित वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर की दौड़ में जीत हासिल कर भारत के लिए स्वर्ण पदक झटक लिया। उन्होंने महज 24.74 सेकंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी की और नेशनल रिकॉर्ड कायम किया। खास बात ये है कि भगवानी देवी की उम्र 94 साल है। इस चैंपियनशिप में उन्होंने एक गोल्ड जीतने के साथ ही दो कांस्य पदक भी अपने नाम किए हैं। रनिंग में कमाल दिखाने वाली भगवानी देवी ने चैंपियनशिप में गोला फेंक और डिसकस थ्रो में भी हिस्सा लिया और कांस्य पदक जीता।
विज्ञापन


भगवानी देवी कैसे बनी एथलीट

हरियाणा की रहने वाली भगवानी देवी के एथलीट बनने की कहानी बहुत रोचक है। भगवानी देवी के पोते विकास डागर एक अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट हैं और राजीव गांधी स्पोर्ट्स पुरस्कार से सम्मानित हैं। विकास डागर की दादी भी एक साधारण सी गृहणी हैं, जिनका जीवन पति के निधन के बाद बेटे और परिवार को संभालने में गुजरा। वह खेतों में भी काम किया करती थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भगवानी देवी की ट्रेनिंग

लेकिन उनके पोते ने उन्हें खेल की ओर प्रेरित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए ट्रेनिंग दी। भगवानी देवी पिछले 1 साल से फिनलैंड में होने वाली चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही थीं। वह रोजाना सुबह 5 बजे उठकर दौड़ लगाने जाती, शाम में फिर रनिंग पर जाया करती थीं।

भगवानी देवी की सफलता

इसी साल अप्रैल में भगवानी देवी ने दिल्ली स्टेट में 3 गोल्ड जीते, साथ ही चेन्नई नेशनल के दौरान 3 गोल्ड मेडल हासिल किए। उसके बाद इंग्लैंड चैंपियनशिप में 1 गोल्ड और 2 कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। भगवानी देवी के परिवार में बेटे हवा सिंह डागर के अलावा बहू सुनीता, पोता विकास डागर, विनीत डागर, नीतू डागर और पढ़ पोते निकुंज और विश्वेंद्र हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed