Jodhaiya Bai Baiga: 67 साल की उम्र में चित्रकारी सीख हुईं प्रसिद्ध, जानें पद्मश्री जोधैया बाई बैगा के बारे में
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Jodhaiya Bai Baiga : गणतंत्र दिवस 2023 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान किया गया। इस बार 106 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्मश्री पुरस्कार दिए गए। 106 पद्म पुरस्कार सम्मानित लोगों की सूची में 19 महिलाओं का नाम शामिल है। इन महिलाओं में प्रसिद्ध लेखिका सुमन मूर्ति, सुधा कल्याणम और अभिनेत्री रवीना टंडन शामिल हैं। वहीं कई ऐसी महिलाएं भी हैं, जो समाज के विकास में अपना योगदान दे रही हैं और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही हैं। पद्म पुरस्कार पाने वाली महिलाओं में मध्य प्रदेश की एक बुजुर्ग महिला जौधेया बाई बैगा का भी नाम है। आइए जानते हैं जोधैया बाई बैगा की उपलब्धियों के बारे में।
कौन हैं जोधैया बाई बैगा
मध्य प्रदेश की जोधैया बाई बैगा जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। वह उमरिया जिले की रहने वाली हैं और काफी बड़ी उम्र में चित्रकारी सीख दुनियाभर में प्रसिद्ध पाई, साथ ही कला के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किया।
लकड़ी बेचकर करती थीं गुजारा
जोधैया बाई बैगा ने अन्य आदिवासी महिलाओं की तरह ही साधारण जिंदगी गुजारी। वह लकड़ियां और गोबर बेचकर घर चलाने में पति की मदद करती थीं। उनके पति एक मजदूर थे। उन्होंने गुजर बसर के लिए दो जून की रोटी कमाने के अलावा कभी कुछ नहीं सोचा। हालांकि जब उम्र के एक पड़ाव के बीत जाने के बाद जोधैया बाई ने चित्रकारी सीखी।
67 साल की उम्र में सीखी चित्रकारी
जब उनके पति दुनिया को छोड़कर चले गए तो जोधैया बाई के दिमाग में चित्रकारी का ख्याल आया। 67 वर्ष की आयु में उन्होंने कला की ओर रुख किया। उन्होंने कुछ नया सीखने का प्रयास किया। उन दिनों दिवंगत कलाकार आशीष स्वामी जनगण तस्वीर खाना चलाते थे। इसी स्टूडियो में जोधैया ने चित्रकारी सीखी।
पहले फर्श पर रंगोली बनानी सीखी, फिर सब्जियों पर चित्रकारी की और बाद में लकड़ी पर अपनी कला को उभारा। बाद में जब उन्हें कागज पर चित्रकारी करने को कहा गया तो जोधैया ने हैंडमेड पेपर और कैनवास पर चित्रकारी करनी शुरू की।
इटली में जोधैया बाई की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी
जोधैया बाई की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी केवल मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के कई शहरों में लगी। वर्ष 2019 में इटली में उनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगी। वर्ष 2022 में उनके कार्य की सराहना करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री रामनाथ कोविंद ने जोधैया बाई को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया।

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