Women's Day 2025: कौन हैं तनुष्का सिंह, जो बनीं फाइटर जेट जगुआर उड़ाने वाली पहली महिला पायलट
International Women's Day 2025 फाइटर जेट जैगुआर उड़ाने का गौरव हासिल करते हुए तनुष्का सिंह ने भारतीय वायु सेना में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उनकी उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक भी है।
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International Women's Day 2025 Tanushka Singh: भारतीय वायु सेना में महिला अफसरों की भागीदारी बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले भारतीय वायु सेना में एक और महिला को दमदार पद मिला है। फ्लाइंग आफिसर तनुष्का सिंह भारतीय वायुसेना (IAF) मेंं जगुआर फाइटर जेट स्क्वाड्रन में स्थायी तैनाती पाने वाली पहली महिला पायलट बन गई हैं। इस गौरव को हासिल करते हुए तनुष्का सिंह ने भारतीय वायु सेना में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उनकी उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक भी है।
एयरफोर्स की ट्रेनिंग के दौरान कुछ महिला पायलटों ने जगुआर फाइटर जेट उड़ाया है लेकिन तनुष्का सिंह वायुसेना का पहली महिला पायलट हैं, जिन्हें स्थायी रूप से इस स्क्वाड्रन में शामिल किया गया है। जगुआर फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के बेड़े में अपनी टेक्निकल स्ट्राइक क्षमता और सटीक हमले की ताकत के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं फ्लाइंग आफिसर तनुष्का सिंह के बारे में, उनका जीवन परिचय और उपलब्धि।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
तनुष्का सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं, लेकिन अधिकांश बचपन और शिक्षा मंगलुरु में हुई। उनका परिवार सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल अजय प्रताप सिंह भारतीय सेना में अधिकारी रह चुके हैं और दादा कैप्टन देवेंद्र बहादुर सिंह भी सेना में सेवा दे चुके हैं।
उन्होंने साल 2007 से मंगलुरु में रहकर शिक्षा प्राप्त की। तनुष्का ने डीपीएस एमआरपीएल स्कूल, सुरतकल से स्कूली शिक्षा हासिल की। आगे की पढ़ाई शारदा पीयू कॉलेज, मंगलुरु से पूरी की। 2022 में मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की।
भारतीय वायुसेना में करियर और प्रशिक्षण
तनुष्का का सपना भारतीय सेना में शामिल होने का था, लेकिन भारतीय वायुसेना में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों को देखते हुए उन्होंने अपना लक्ष्य बदल दिया। तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एयरफोर्स अकादमी में कठोर प्रशिक्षण लिया और हॉक एमके 132 विमान पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। तनुष्का ने जगुआर जैसे लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए ट्रेनिंग ली।
तनुष्का सिंह की उपलब्धि
तनुष्का सिंह के नाम पहली महिला जगुआर पायलट बनने की उपलब्धि दर्ज हो गई है। भारतीय वायुसेना के जगुआर फाइटर जेट स्क्वाड्रन में स्थायी तैनाती के साथ उन्हें ये गौरव प्राप्त हुआ। बता दें कि जगुआर फाइटर जेट एक टेक्निकल स्ट्राइक विमान है, जो सटीक हमले और गहरी पैठ वाले मिशन के लिए जाना जाता है। यह विमान दुश्मन के ठिकानों पर गुप्त तरीके से हमले करने में सक्षम है और भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण फाइटर जेट्स में से एक है।

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