Air Force Day 2021: राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट हैं शिवांगी सिंह, जानिए कैसे पहुंची इस मुकाम पर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज भारतीय वायुसेना दिवस है। आज से 89 साल पहले देश 8 अक्टूबर 1932 को देश में वायुसेना की नींव रखी गई थी। तब से अब तक हमारी जाबांज वायुसेना ने अपने पराक्रम का लोहा मनवाया। इसी शौर्य और पराक्रम को हर साल सलामी देने के लिए आज के दिन भारतीय वायुसेना दिवस मनाया जाता है। वायुसेना टीम में दमदार लड़ाकू विमान के साथ उनके उड़ाने वाले हीरो का नाम जुड़ा हुआ है। पाक अधिकृत कश्मीर में प्रवेश करके आतंकियों पर एयर स्ट्राइक करने वाले हमारे वायुसेना के लड़ाकों की जीत पर पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा हुआ था। अभिनंदन वर्धमान का नाम भारत ही नहीं पाकिस्तान के लोगों के जेहन में भी बस चुका होगा लेकिन क्या आपको किसी महिला पायलट के बारे में पता है? हवाई जहाज उड़ाने से लेकर भारत की वायुसेना में फाइटर जेट उड़ाने तक के क्षेत्र में देश की बेटियों की हिस्सेदारी है। पिछले साल भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल शामिल हुए। फ्रांस से आए दमदार लड़ाकू विमान राफेल को उड़ाने वाली पहली महिला पायलट के बारे में जानते हैं आप? चलिए भारतीय वायुसेना दिवस के मौके पर जानते हैं देश के सबसे ताकतवर विमान राफेल को उड़ाने वाली पहली महिला पायलट शिवांगी सिंह के बारे में।
साल 2020 में फ्रांस से राफेल की पहली खेप भारत आई थी। जिससे अंबाला एयरबेस पर लैंड कराया गया। भारतीय वायुसेना की महिला पायलट शिवांगी सिंह को फाइटर विमान राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो में पहली महिला फ्लाइट लेफ्टिनेंट के तौर पर शामिल किया गया। यह महिलाओं के साथ ही देश के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। शिवांगी सिंह को ये जिम्मेदारी मिलने पर सबसे अधिक गर्व उनके परिवार के बाद उत्तर प्रदेश के लिए है, वजह है शिवांगी सिंह का यूपी से खास कनेक्शन।
शिवांगी सिंह कौन हैं, परिवार और शिक्षा
वायुसेना पायलट शिवांगी सिंह उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की रहने वाली हैं। वाराणसी के फुलवरिया रेलवे क्रासिंग के पास सालों से उनका परिवार एक पुराने मकान में रह रहा है। शिवांगी सिंह के पिता का नाम कुमारेश्वर सिंह है और माता सीमा सिंह हैं। वहीं दो भाई मयंक व शुभांशु और एक बहन हिमांशी सिंह है।
शिवांगी सिंह ने शुरुआती पढ़ाई वाराणसी से ही पूरी की। क्लास आठ तक शिवांगी ने वाराणसी के कैंटोमेंट स्थित सेंट मेरीज स्कूल के पढ़ाई की। जिसके बाद उन्होंने शिवपुर के सेंट जोजर्स कॉन्वेंट स्कूल बाईपास से 12वीं परीक्षा पास की। बचपन से ही शिवांगी पढ़ाई में अव्वल रहीं। 12वीं में उनके 89 फीसदी अंक आए थे। इसके बाद शिवांगी ने बीएससी सनबीम विमेंस कॉलेज भगवानपुर से की। यहां 68 फीसदी अंक मिले। पढ़ाई के दौरान उन्होंने एनसीसी ज्वाइन कर ली। स्पोर्ट्स में भी शिवांगी सिंह काफी अच्छी थीं। जैकलिन थ्रो में उन्होंने नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीता था।
वायुसेना में कैसे हुईं शामिल
शिवांगी के नाना वीएन सिंह सेना में कर्नल थे। रिटायर होने के बाद वह नई दिल्ली में रहते थे। शिवांगी अक्सर अपनी मां के साथ नाना से मिलने दिल्ली जाया करती थीं। एक बार जब शिवांगी हाई स्कूल में थीं, तब उनके नाना दिल्ली में उन्हें एयरफोर्स का म्यूजियम दिखाने के लिए ले गए। शिवांगी ने जब एयरफोर्स के विमान और वायु सैनिकों की यूनिफार्म देखी तो काफी उत्साहित हुईं और उन्होंने एयरफोर्स में जाने की ठानते हुए अपने नाना से कहा कि वह भी फाइटर विमान उड़ाएंगी।
एमएससी करने के बाद साल 2015 में शिवांगी ने वायुसेना की परीक्षा पास की और डेढ़ साल कर ट्रेनिंग ली। साल 2017 में उन्हें देश की पांच महिला फाइटर विमान पायलटों की टीम में चुना गया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शिवांगी मिग-21 की फाइटर पायलट बनीं।
पायलट शिवांगी सिंह की उपलब्धि
शिवांगी सिंह ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2013 की परेड में उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया था। बीएचयू में शिवांगी नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा रह चुकी हैं। शिवांगी मिग 21 से उड़ान भर चुकी हैं। राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर पर लगे एयरबेस पर शिवांगी की तैनाती रही। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ भी शिवांगी ने काम किया है।

कमेंट
कमेंट X