Wing Commander Deepika Mishra: मिलिए भारतीय वायुसेना की पहली महिला अफसर से, जिसे मिला वीरता पुरस्कार
वर्ष 2010 में वायुसेना की महिला पायलट्स को ट्वीन-इंजन उड़ाने की इजाजत मिल गई। वायुसेना की सारंग टीम में दीपिका मिश्रा शामिल हुईं। वर्ष 2014 में दीपिका को सारंग का स्क्वाड्रन लीडर बनने का मौका मिला।
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Wing Commander Deepika Mishra: भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भूमिका दमदार हो रही है। महिला अफसर राफेल की उड़ान भरने से लेकर चिनूक हेलीकॉप्टर उड़ाने की तैयारी में हैं। महिला अफसरों की बढ़ती सहभागिता और उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए उन्हें सम्मान भी मिलता है। भारत के सर्वश्रेष्ठ सम्मान में से एक वीरता पुरस्कार है, जो वायु सेना की किसी महिला अफसर को पहली बार मिला है। इस महिला अधिकारी का नाम दीपिका मिश्रा रहा। दीपिका मिश्रा भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद पर कार्यरत हैं। आइए जानते हैं विंग कमांडर दीपिका मिश्रा के बारे में।
दीपिका मिश्रा को मिला वीरता पुरस्कार
विंग कमांडर दीपिका मिश्रा को वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल वीआर चौधरी ने सम्मानित किया। उन्होंने साल 2021 में मध्य प्रदेश में आई बाढ़ में आपदा राहत अभियान चलाने की जिम्मेदारी निभाई। महिलाओं और बच्चों समेत 47 लोगों की जान बचाई।
दीपिका मिश्रा बनीं सारंग टीम की स्क्वाड्रन लीडर
दीपिका मिश्रा एयरफोर्स अकादमी से पास आउट हैं। वर्ष 2006 में एसएससी महिला पायलट्स को सिंगल इंजन उड़ाने की ही अनुमति हुआ करती थीं। दीपिका मिश्रा जब एयरफोर्स में शामिल हुईं तो उन्हें हेलिकॉप्टर सिस्टम का चेतक/चीता यूनिट दिया गया। बाद में वर्ष 2010 में वायुसेना की महिला पायलट्स को ट्वीन-इंजन उड़ाने की इजाजत मिल गई। वायुसेना की सारंग टीम में दीपिका मिश्रा शामिल हुईं। वर्ष 2014 में दीपिका को सारंग का स्क्वाड्रन लीडर बनने का मौका मिला।
बाढ़ आपदा में बचाई लोगों की जान
मध्य प्रदेश के उत्तर में भीषण बाढ़ आई थी। खराब मौसम, तेज हवाओं के बीच वायुसेना ने आपदा राहत अभियान चलाया, जिसमें विंग कमांडर दीपिका मिश्रा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने वाली एक मात्र रेस्पोंडेंट थीं। उन्होंने बाढ़ आपदा के समय कई लोगों की जान बचाई। एक घर की छत पर चार लोग फंसे थे, विंग कमांडर दीपिका ने उनकी जान बचाई। 8 दिन के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दीपिका मिश्रा ने 47 लोगों को सुरक्षित निकाला।

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