Independence Day 2022: गुलाम भारत में इस महिला को मिला था मंत्री पद, जानें विजय लक्ष्मी पंडित के बारे में
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Independence Day 2022: भारत की राजनीति में आज महिलाओं की स्थिति बहुत मजबूत हो चुकी है। हाल ही में देश को दूसरी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रूप में मिली हैं। इसके अलावा कई दलों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। राज्य सरकार महिलाएं चला रही हैं। कई बड़े राजनीतिक पदों पर, केंद्रीय मंत्री से लेकर राज्यों की कैबिनेट में महिलाएं शामिल हैं लेकिन जिस दौर में भारत अंग्रेजों का गुलाम हुआ करता था, कई स्वतंत्रता सेनानी भारत की आजादी के लिए संग्राम कर रहे थे, तब एक महिला थी जो गुलाम भारत में भी राजनीतिक पद पर आसीन थी। इस महिला ने देश की आजादी के लिए तो आवाज उठाई ही, लेकिन गुलाम भारत की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। देश आजादी के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस मौके पर जानिए भारतीय महिला नेता विजय लक्ष्मी पंडित के बारे में, जो गुलाम भारत में मंत्री नियुक्त हुईं, साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
विजय लक्ष्मी पंडित कौन हैं?
विजय लक्ष्मी पंडित गुलाम भारत में सक्रिय राजनीति में शामिल महिला नेता थीं। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की बहन के तौर पर भी विजय लक्ष्मी पंडित को लोग जानते हैं। लेकिन भारत की आजादी में उनकी भूमिका भी अहम है। विजय लक्ष्मी पंडित ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया था।
विजय लक्ष्मी पंडित का जीवन परिचय
विजय लक्ष्मी पंडित का जन्म इलाहाबाद में पंडित मोतीलाल नेहरू के परिवार में 18 अगस्त 1900 को हुआ था। विजय लक्ष्मी पंडित जवाहरलाल नेहरू से ग्यारह साल छोटी थीं।1921 में काठियावाड़ के प्रसिद्ध वकील रणजीत सीताराम पंडित से विजय लक्ष्मी पंडित का विवाह हुआ था। उन दोनों की संतान का नाम नयनतारा सहगल है।
राजनीति में विजय लक्ष्मी पंडित
गुलाम भारत में 1935 में भारत सरकार अधिनियम लागू हुआ। 1937 में इस कानून के तहत कई प्रांतों में कांग्रेस की सरकार बनी, जिसमें विजय लक्ष्मी पंडित को उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रांत का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। अंग्रेजों के राज में विजय लक्ष्मी पंडित कैबिनेट पद पाने वाली पहली महिला थीं। 1937 में उन्हें स्थानीय स्व-प्रशासन और जन स्वास्थ्य विभाग में मंत्री नियुक्त हुईं। 1947 तक वह इसी पद पर रहीं।
यूएन में विश्व की प्रथम महिला अध्यक्ष बनीं विजय लक्ष्मी पंडित
इसके अलावा 1940 से 1942 तक ऑल इंडिया विमेंस कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष पद पर रहीं। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अध्यक्ष भी विजय लक्ष्मी पंडित थीं। 1947 में विजय लक्ष्मी पंडित विश्व की प्रथम महिला राजदूत नियुक्त हुईं, जिन्होंने तीन राजधानियों के राजदूत के पद पर काम किया। 1953 में संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष चुने जाने के साथ ही विश्व की प्रथम महिला बनीं। 1990 में विजय लक्ष्मी पंडित का निधन हो गया।

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