First Indian Woman Magistrate: ओमाना कुंजम्मा का भारत की पहली महिला मजिस्ट्रेट बनने का सफर रहा इतना रोचक
ओमाना कुंजम्मा का जन्म तमिलानाडु में हुआ था। वह एक कुलीन मलयालम नायर परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनकी एक बड़ी बहन भी थी। ओमाना भारत की पहली महिला मजिस्ट्रेट थीं। साथ ही केरल की पहली महिला आईएएस भी थीं।
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First Indian Woman Magistrate Omana Kunjamma: भारत के इतिहास में महिलाओं का योगदान और उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ आवाज उठानी हो या फिर अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरें तोड़ देश को आजाद कराने के लिए स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेना हो, भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलीं। देश की आजादी के बाद भारत के विकास के लिए भी महिलाएं प्रयास करती रहीं। देश की पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हों या सेना में शामिल महिला अफसर हों, राजनीति से लेकर रक्षा नीति तक हर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अहम रही। आज के दौर में भारतीय कानून व्यवस्था का जिम्मा कई महिलाएं उठा रही हैं, लेकिन देश की आजादी के बाद पहली बार इस क्षेत्र में महिलाओं ने अपने प्रयासों के जरिए अपना स्थान बना लिया। क्या आपको पता है कि भारत की पहली महिला मजिस्ट्रेट कौन हैं? चलिए जानते हैं पहली महिला मजिस्ट्रेट ओमाना कुंजम्मा के बारे में।
कौन है ओमाना कुंजम्मा?
ओमाना कुंजम्मा भारत की पहली महिला मजिस्ट्रेट थीं। इतना ही नहीं केरल की पहली महिला आईएएस बनने का श्रेय भी ओमाना कुंजम्मा के नाम है। अपने मजिस्ट्रेट कार्य काल में कुंजम्मा ने कई सुधार किए। कुंजम्मा के प्रयासों के कारण दुनियाभर में वह मशहूर हुईं और कई पुरस्कारों से सम्मानित भी की जा चुकी हैं।
ओमाना कुंजम्मा का जीवन परिचय
ओमाना कुंजम्मा का जन्म तमिलानाडु में हुआ था। वह एक कुलीन मलयालम नायर परिवार से ताल्लुक रखती थीं। ओमाना कुंजम्मा के पिता का नाम गोविंद पिल्लई और माता का नाम लक्ष्मी था। इसके अलावा ओमाना कुंजम्मा की एक बड़ी बहन थीं, जिनका नाम थिक्कुरिसी सुकुमारन नायर था।
ओमाना कुंजम्मा की शिक्षा
बचपन से ही ओमाना पढ़ाई में काफी होनहार थीं। उन्होंने 12वीं के बाद लाॅ की पढ़ाई की। हालांकि उनकी पढ़ाई के बीच कई सारी समस्याएं भी आईं लेकिन ओमाना ने हार नहीं मानी और अपने सपने को पूरा करने के लिए शिक्षा पूरी की। इसके बाद मजिस्ट्रेट बनकर अपने करियर की शुरुआत की।
ओमाना कुंजम्मा का करियर
ओमाना ने तमिलनाडु के जिला कोर्ट में नौकरी करनी शुरू की। ये देश के इतिहास में पहली बार था कि कोई महिला मजिस्ट्रेट बनी थी। हालांकि इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद ओमाना ने ईमानदारी से अपने पदभार को संभाला। कई बड़े फैसले लिए। जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई। साथ ही पुलिस कार्यों को भी नियंत्रित किया।
ओमाना कुंजम्मा की उपलब्धि
देश की पहली मजिस्ट्रेट बनने वाली ओमाना कुंजम्मा ने अपने कार्यों से समाज विकास में अहम भूमिका निभाई। केरल की पहली महिला आईएएस अधिकारी बनने का खिताब भी ओमाना कुंजम्मा के नाम है।

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