फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   Women’s Equality Day 72 Year Old Woman Usha Shrivastava Starts online Food Business Got Idea From Husband

Women’s Equality Day: पति की ऑनलाइन क्लासेस से मिला ऑनलाइन फूड बिजनेस का आइडिया, 72 वर्ष में शुरू किया व्यवसाय

Fri, 26 Aug 2022 04:03 AM IST
स्वाति शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वाति शर्मा Updated Fri, 26 Aug 2022 04:03 AM IST
विज्ञापन
Women’s Equality Day 72 Year Old Woman Usha Shrivastava Starts online Food Business Got Idea From Husband
ऊषा जी को उनकी उपलब्धियों हेतु मिले हैं सम्मान - फोटो : Usha Shrivastava

कहते हैं सीखने की कोई उम्र नहीं होती और सफलता की ओर बढ़ने में भी कभी उम्र बाधा नहीं बनती। यही कारण है कि कई लोगों ने उम्र के 50 वें पड़ाव पर आकर भी नई पारी की शुरुआत की और सफल हुए। ऐसे उदाहरण केवल किताबों में या फिल्मों ही देखने-पढ़ने को नहीं मिलते। हमारे आस-पास भी ऐसे कई सशक्त लोग मौजूद होते हैं जो खुद तो अपनी मंजिल पाते ही हैं, दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। ऊषा श्रीवास्तव ऐसा ही एक नाम हैं। 

विज्ञापन

मध्यप्रदेश के जबलपुर में 'मम्मीजी की रसोई' नाम से ऑनलाइन फ़ूड बिजनेस चलाने वाली ऊषा श्रीवास्तव सबके लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने उस उम्र में अपने सपने को पूरा करने के लिए दौड़ लगाई जब लोग रिटायरमेंट के बाद घर की चारदीवारी तक खुद को सीमित कर लेते हैं। बड़ी बात यह कि भरे पूरे परिवार की ऊषा श्रीवास्तव के साथ ऐसा करना कोई मजबूरी नहीं थी लेकिन वे अपने सपनों को जीना चाहती थीं और यही वजह है कि आज वे अपनी मुस्कान और अपने काम दोनों से अनगिनत लोगों को प्रेरणा दे रही हैं। 

विज्ञापन

Women’s Equality Day 72 Year Old Woman Usha Shrivastava Starts online Food Business Got Idea From Husband
ऊषा जी अपनी सफलता की यात्रा को साझा करते हुए - फोटो : Usha Shrivastava

पति की क्लासेस को देखकर आया आइडिया 

यह 2019 की बात है, कोरोना के आने के ठीक पहले। अपने पूरे घर को संभालते हुए, सबका ख्याल रखते हुए ऊषा श्रीवास्तव जिम्मेदारियों से थोड़ी निवृत्त हो गई थीं। बच्चों के अपने परिवार थे और पति एस के श्रीवास्तव, भोपाल (भेल) से काफी समय पहले रिटायर हो चुके थे। रिटायरमेंट के बाद भी श्रीवास्तव जी नियमित इंडस्ट्री के इंजीनियर व इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन कोर्स का संचालन कर रहे थे।

ऊषा श्रीवास्तव उनके इस रूटीन को रोज देखतीं और अचानक एक दिन ऊषा जी को खयाल आया कि वे भी तो अपनी पाककला को इस तरह उन लोगों तक पहुंचा सकती हैं जो हेल्दी खाने में विश्वास रखते हैं। बस यहीं से बीज पड़ा 'मम्मीजी की रसोई' का। उन्होंने मन में निश्चय किया और अपने ऑनलाइन फ़ूड बिजनेस की नींव डाल दी।

उन्होंने खासतौर पर उन लोगों के लिए नाश्ता और खाद्य सामग्री तैयार करनी शुरू की जो लाइफस्टाइल डिसीजेस यानी जीवनशैली जनित बीमारियों जैसे डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन, उच्च रक्तचाप, मोटापा आदि से ग्रसित थे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी महसूस किया कि तेज रफ्तार जिंदगी में कामकाजी महिलाओं और उनके बच्चों के लिए भी हेल्दी फ़ूड का रोज उपलब्ध होना मुश्किल हो जाता है।

बस उन्होंने तय कर लिया कि ये कमी पूरी करने में वे मदद का हाथ बढ़ाएंगी और हौसला बढ़ाने में उनकी मदद की उनके पति ने। आज उनके ऑनलाइन फ़ूड व्यवसाय से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं और शहर के बाहर भी उनके हाथ के बनाये स्नैक्स मंगवाए जाते हैं।  

Women’s Equality Day 72 Year Old Woman Usha Shrivastava Starts online Food Business Got Idea From Husband
हेल्दी खाने को लेकर शुरू किया व्यवसाय - फोटो : सोशल मीडिया

माँ के हाथ का स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता 

उनके द्वारा उपलब्ध नाश्ते और खाद्य में सबसे अधिक पसंद किये जाते हैं ओट्स के हाई प्रोटीन लड्डू, खजूर और मूंगफली दाने के एनर्जी रोल, पंजीरी मेवा लड्डू, गुड़-सौंठ के जचकी वाले लड्डू, ड्रायफ्रूट लड्डू, एनर्जी बार और ओट्स व नट्स का ऑइल फ्री नमकीन। ये सभी चीजें हर उम्र और महिला-पुरुषों के लिए होती हैं।

काम के शुरू होने के कुछ ही समय में उनके हाथ के बनाये स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों की चर्चा इस तेजी से होने लगी कि उन्हें किटी पार्टियों, गेदरिंग्स, दफ्तर की मीटिंग्स आदि के लिए भी ऑर्डर मिलने लगे। आज आलम यह है कि त्योहारों के दिनों में ऑर्डर इतने ज्यादा हो जाते हैं कि ऊषा जी रात रात भर जागकर अपने स्टाफ के साथ ऑर्डर पूरे करती हैं। इस दौरान 72 साल की उम्र में भी वे भाग भागकर ऑर्डर तैयार करती हैं। वे कहती हैं जब लोग मेरे हाथ की बनी चीज खाकर कहते हैं कि ये उनको उनकी माँ के हाथ के खाने की या घर की याद दिलाती है तो उनको खिलाने का मेरा उत्साह चौगुना हो जाता है। 
 
ऑनलाइन ऑर्डर लेने और पेमेंट आदि का हिसाब रखने के लिए टेक सेवी होना भी जरूरी था। तो ऊषा जी ने 71 साल की उम्र में अपने नाती-पोतों से मोबाइल पर सारी चीजें सीखीं और आज वे इतनी महारत से ये सारे काम कर लेती हैं कि नौजवान भी देखते रह जाएँ। उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी में मौजूद बच्चों के लिए वो सुपर ग्रैंडमा हैं जो हर काम कर सकती हैं। उनका काम नई पीढ़ी को भी प्रेरणा देता है। जिस तरह से उनमे सीखने और आगे बढ़ने का जूनून है वो इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि 'उम्र तो महज एक नंबर है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed