फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Pathankot News ›   The forty pairs married in jalsa

जलसे में एक दूजे के हुए चालीस जोड़े

Wed, 01 Jan 2014 11:25 PM IST
अमर उजाला,गुरदासपुर
अमर उजाला,गुरदासपुर Updated Wed, 01 Jan 2014 11:25 PM IST
विज्ञापन
The forty pairs married in jalsa
गुरदासपुर। अंतरराष्ट्रीय अहमदिया मुस्लिम जमाअत का 122वां तीन दिवसीय सालाना जलसा बेशक समाप्त हो गया है। फिर भी यह अपने पीछे कुछ स्वर्ण यादें छोड़ गया है। इस जलसे में पाकिस्तान समेत कई देशों के नागरिकों ने शिरकत की थी। जलसे के दौरान मसजिद अक्सा में करीब 40 लड़के और लड़कियों के निकाह पढे़ गए। इनमें से तीन निकाह पाकिस्तानी लड़कियों के हैं। ये जानकारी रिश्ते-नातों के सचिव बुशारत अहमद हैदर ने दी।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इस जलसे में काफी बड़ी संख्या में पाकिस्तान से श्रद्धालु आते हैं। कादियां के लोगों की पाकिस्तान में रिश्तेदारियां हैं। हर साल जलसे के दौरान दूसरे देशों के लोग एक दूसरे से रिश्ते तय करते हैं। इस वर्ष भी तीन रिश्ते भी तय हुये हैं। कादियां निवासी मलीहा पुत्री स्वर्गीय मुमताज अहमद का निकाह रबवाह जिला चिनाब नगर पाकिस्तान निवासी वलीद अहमद से हुआ और दूसरा निकाह सदफ पुत्री मुहम्मद इसहाक निवासी शेखुपुरा यूपी का  पाकिस्तानी नागरिक रूहैब रजा खां से हुआ है।
विज्ञापन


ये सभी निकाह मस्जिद अक्सा में पढ़े गये हैं। उक्त दोनों लड़कियां शादी के बाद पाकिस्तान जाऐंगी। कादियां के अब्दुल कदीर का निकाह पाकिस्तान के लाहौर शहर की रहने वाली तहमीना पुत्री नईम अहमद नासिर से हुआ है। निकाह के पश्चात 25 दिसंबर को इनकी शादी हुई तथा 29 दिसंबर को वलीमा की रस्म का आयोजन किया गया। पाकिस्तान के जितने भी रिश्ते हुये हैं वे आपस में रिश्तेदार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 इस संबंध में पाकिस्तानी निवासी चौधरी मकबूल अहमद ने बताया कि पाकिस्तानी लोग अपनी बेटियों की शादियां अब भारत में करने को तरजीह देते हैं। इसका कारण उन्होंने पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवादियों को बताया। उन्होंने कहा कि वहां पर मानवीय जीवन की कोई अहमियत नहीं है। वहां पर अहमदीयों को तंग परेशान किया जाता है और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता भी छीन ली जाती है। इसलिए वे अपने बच्चों के  बेहतर भविष्य के लिये पाकिस्तान से बाहर शादी करना पसंद करते हैं। वे भारत में अमन शांति और आपसी भाईचारा कायम होने के कारण यहां के परिवारों से अपनी लड़कियों से शादी करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed