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टैक्सों की भरमार पर लाल ब्रिगेड तल्ख
पठानकोट।
Updated Fri, 21 Feb 2014 11:40 PM IST
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प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को सीपीआई (एम) के आह्वान पर लेबर शेड पठानकोट में रोष रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने टैक्स लगाने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसके बाद डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया।
रैली के दौरान डॉ. सुरिंद्र गिल, केवल कालिया और संजीव महाजन की अध्यक्षता में आयोजित रैली में प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के हालातों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। शुक्रवार को आयोजित रैली में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। राज्य सरकार भी इन नीतियों पर ही चल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अब रेत-बजरी पर टैक्स लगाकर मकान बनाने में भी अड़चनें पैदा कर दी हैं। उन्होंने मांग की कि खेतिहर मजदूरों को 250 दिन रोजगार और 350 रुपये दिहाड़ी दी जाए। साथ ही मजदूरों के पांच हजार रुपये तक के कर्जे माफ किए जाएं और रहने के लिए प्लॉट व वित्तीय सहायता दी जाए। लोगों को 14 जीवन उपयोगी वस्तुएं डिपो पर सस्ते दामों पर मुहैया करवाई जाए।
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किसानों के केरल की तर्ज पर कर्ज माफ किए जाएं और किसानों को चार प्रतिशत ब्याज पर कर्जे दिए जाएं। उन्होंने किसानों को फसलों के लाभकारी भाव व सब्सिडी देने, कांट्रेक्ट फार्मिंग की जगह सरकारी खेती को प्रोत्साहित करने, शिक्षा व सेहत सुविधाओं का व्यापारीकरण बंद करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य व केंद्र सरकार ने उनकी मांगें जल्द नहीं मानीं तो सीपीआई (एम) प्रदेश भर में कड़ा रुख अपनाएगी। इससे पहले लेबर शेड से रोष मार्च शुरु किया गया जो वाल्मीकि चौक, गांधी चौक, डाक खाना चौक, मेन बाजार, मिशन रोड से होता हुआ डीसी दफ्तर पहुंचा।
यहां प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया। इस मौके पर सुधा रानी, विक्रमजीत, कृपाल सिंह, राजकुमार, हरबंस लाल, सत्य प्रकाश, विनोद कुमार, देवी सैनी, तरसेम सिंह, चरण सिंह, लखविंद्र सिंह, गणेश राज, राम सरन मौजूद थे।
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रैली के दौरान डॉ. सुरिंद्र गिल, केवल कालिया और संजीव महाजन की अध्यक्षता में आयोजित रैली में प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के हालातों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। शुक्रवार को आयोजित रैली में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। राज्य सरकार भी इन नीतियों पर ही चल रही है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने अब रेत-बजरी पर टैक्स लगाकर मकान बनाने में भी अड़चनें पैदा कर दी हैं। उन्होंने मांग की कि खेतिहर मजदूरों को 250 दिन रोजगार और 350 रुपये दिहाड़ी दी जाए। साथ ही मजदूरों के पांच हजार रुपये तक के कर्जे माफ किए जाएं और रहने के लिए प्लॉट व वित्तीय सहायता दी जाए। लोगों को 14 जीवन उपयोगी वस्तुएं डिपो पर सस्ते दामों पर मुहैया करवाई जाए।
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किसानों के केरल की तर्ज पर कर्ज माफ किए जाएं और किसानों को चार प्रतिशत ब्याज पर कर्जे दिए जाएं। उन्होंने किसानों को फसलों के लाभकारी भाव व सब्सिडी देने, कांट्रेक्ट फार्मिंग की जगह सरकारी खेती को प्रोत्साहित करने, शिक्षा व सेहत सुविधाओं का व्यापारीकरण बंद करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य व केंद्र सरकार ने उनकी मांगें जल्द नहीं मानीं तो सीपीआई (एम) प्रदेश भर में कड़ा रुख अपनाएगी। इससे पहले लेबर शेड से रोष मार्च शुरु किया गया जो वाल्मीकि चौक, गांधी चौक, डाक खाना चौक, मेन बाजार, मिशन रोड से होता हुआ डीसी दफ्तर पहुंचा।
यहां प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया। इस मौके पर सुधा रानी, विक्रमजीत, कृपाल सिंह, राजकुमार, हरबंस लाल, सत्य प्रकाश, विनोद कुमार, देवी सैनी, तरसेम सिंह, चरण सिंह, लखविंद्र सिंह, गणेश राज, राम सरन मौजूद थे।