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निशक्त और विधवा कर्मचारियों के तबादले गलत
पठानकोट
Updated Fri, 13 Dec 2013 10:55 PM IST
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रणजीत सागर और शाहपुरकंडी बांध परियोजना से सरप्लस हुए स्टाफ में से बांध प्रशासन ने 653 बेलदारों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इन कर्मचारियों में निशक्त, विधवा और औसती महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। महिला और निशक्त कर्मचारियों ने अपने तबादलों के आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष कमेटी के पदाधिकारी रविंदर सिंह जग्गा, सुरिंदर मान की अध्यक्षता में चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर धरना दिया।
कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि बांध प्रशासन को तबादले करने की स्पष्ट नीति बनानी चाहिए ताकि किसी के साथ अन्याय न हो। आए दिन विधवा, निशक्त और औसती महिला कर्मचारियों की बदली के आदेश जारी किए जाते हैं जिस कारण कर्मचारियों के लिए बाहर जाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के साथ हमदर्दी रखते हुए इन्हें पास के स्थानों पर लगाया जाए।
उन्हाेंने बताया कि ये कर्मचारी बांध निर्माण के दौरान निशक्त हुए हैं और विधवा कर्मचारी अनुकंपा के आधार पर सेवा कर रही हैं। इस कारण इन महिला और निशक्त कर्मचारियों के प्रति कुछ रियायत होनी चाहिए। कमेटी ने बताया कि उनकी से मांगपत्र बांध प्रशासन के माध्यम से सरकार को भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कमेटी ने पंजाब सरकार और बांध प्रशासन से मांग की कि इन कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए तबादले के आदेश रद्द किए जाएं। इस मौके पर कर्मचारी नेता जनक वशिष्ठ, करनैल सिंह और रोशन लाल उपस्थित रहे।
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कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि बांध प्रशासन को तबादले करने की स्पष्ट नीति बनानी चाहिए ताकि किसी के साथ अन्याय न हो। आए दिन विधवा, निशक्त और औसती महिला कर्मचारियों की बदली के आदेश जारी किए जाते हैं जिस कारण कर्मचारियों के लिए बाहर जाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के साथ हमदर्दी रखते हुए इन्हें पास के स्थानों पर लगाया जाए।
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उन्हाेंने बताया कि ये कर्मचारी बांध निर्माण के दौरान निशक्त हुए हैं और विधवा कर्मचारी अनुकंपा के आधार पर सेवा कर रही हैं। इस कारण इन महिला और निशक्त कर्मचारियों के प्रति कुछ रियायत होनी चाहिए। कमेटी ने बताया कि उनकी से मांगपत्र बांध प्रशासन के माध्यम से सरकार को भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कमेटी ने पंजाब सरकार और बांध प्रशासन से मांग की कि इन कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए तबादले के आदेश रद्द किए जाएं। इस मौके पर कर्मचारी नेता जनक वशिष्ठ, करनैल सिंह और रोशन लाल उपस्थित रहे।
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