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किसान नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में घेरा डीसी ऑफिस
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
Updated Wed, 02 Dec 2015 10:13 PM IST
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मंगलवार को सद्भावना रैली का विरोध करने जा रहे पगड़ी संभाल लहर के नेताओं और किसानों को गिरफ्तार कर थानों में बंद कर दिया गया।
बुधवार को 12 किसान नेताओं को एसडीएम मनमोहन सिंह कंग की अदालत में एसएचओ दोरांगला और एसएचओ दीनानगर की अध्यक्षता में पेश किया गया।
मौके पर बड़ी संख्या में पगड़ी संभाल लहर के झंडे तले एकत्र हुए किसानों ने अपने साथियों की आमद पर किसानों के हक में नारेबाजी करने के अलावा पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों ने एसडीएम कार्यालय से डीसी कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए रोष मार्च किया। डीसी कार्यालय के समक्ष बैठकर किसानों को संघर्ष के लिए लामबंद करने के अलावा पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
लहर के नेताओं बलदेव सिंह सेखवां, इकबाल सिंह लाडी, कर्मजीत सिंह, गुरदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह किसानों को रौंदने के अलावा अपने विरोध में उठने वाली हर आवाज को बंद करना चाहती है।
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किसानों ने कहा कि वह अपने हकों के लिए संघर्ष करेंगे। किसानों ने कहा कि नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाए या उनको भी जेल भेज दिया जाए।
पेशी भुगतने आए भुपिंद्र सिंह सेखवां, गुरप्रताप सिंह, जगतार सिंह दारा, उत्तम सिंह, सुखविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह सोनी, रंजीत सिंह, हरभजन सिंह, सिकंदर पाल सिंह, हरजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह ने कहा कि वह अपने हक मांग रहे हैं। प्रदेश सरकार अपनी कमियां छुपाने के लिए किसानों को जेल में बंद कर रही है।
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बुधवार को 12 किसान नेताओं को एसडीएम मनमोहन सिंह कंग की अदालत में एसएचओ दोरांगला और एसएचओ दीनानगर की अध्यक्षता में पेश किया गया।
मौके पर बड़ी संख्या में पगड़ी संभाल लहर के झंडे तले एकत्र हुए किसानों ने अपने साथियों की आमद पर किसानों के हक में नारेबाजी करने के अलावा पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों ने एसडीएम कार्यालय से डीसी कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए रोष मार्च किया। डीसी कार्यालय के समक्ष बैठकर किसानों को संघर्ष के लिए लामबंद करने के अलावा पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
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लहर के नेताओं बलदेव सिंह सेखवां, इकबाल सिंह लाडी, कर्मजीत सिंह, गुरदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह किसानों को रौंदने के अलावा अपने विरोध में उठने वाली हर आवाज को बंद करना चाहती है।
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किसानों ने कहा कि वह अपने हकों के लिए संघर्ष करेंगे। किसानों ने कहा कि नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाए या उनको भी जेल भेज दिया जाए।
पेशी भुगतने आए भुपिंद्र सिंह सेखवां, गुरप्रताप सिंह, जगतार सिंह दारा, उत्तम सिंह, सुखविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह सोनी, रंजीत सिंह, हरभजन सिंह, सिकंदर पाल सिंह, हरजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह ने कहा कि वह अपने हक मांग रहे हैं। प्रदेश सरकार अपनी कमियां छुपाने के लिए किसानों को जेल में बंद कर रही है।