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मोबाइल डीलर 20 फरवरी तक जुडीशियल कस्टडी में
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
Updated Mon, 08 Feb 2016 10:21 PM IST
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दो फरवरी को मामून से पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस इरशाद अहमद को सिम मुहैया करवाने वाले मालेरकोटला के दीपक कुमार को सोमवार को जुडीशियल कोर्ट मलिकपुर में पेश किया गया। चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट-कम-एडिशनल सिविल जज सीनियर डिविजन जरनैल सिंह की अदालत ने दीपक कुमार को 20 फरवरी तक जुडीशियल कस्टडी में भेज दिया है। दीपक के वकील की ओर से उसकी जमानत के लिए अर्जी भी दी गई है।
फजी दस्तावेज पर लिया गया था सिम
मोबाइल डीलर दीपक कुमार ने बताया कि उसने यह सिम रजिया पुत्री दर्शन लाल, नजदीक शनिदेव मंदिर, मालेरकोटला के पहचान पत्र पर जारी किया था। जब जेआईसी रजिया के घर पहुंची तो पता चला कि रजिया के पिता का नाम दर्शन लाल न होकर कुछ और था। दीपक कुमार ने गलत दस्तावेजों पर सिम जारी किया था।
2014 से लगातार सक्रिय
एसएसआई दीपक कुमार ने बताया कि इरशाद अहमद ने बताया कि यह सिम 2014 में लिया गया था। इसके बाद इस सिम को लगातार सक्रिय रखा गया। उसने यह सिम अपने अन्य साथियों को भी दिया था। यह भी सामने आया है कि इस सिम के माध्यम से इरशाद अहमद ने कई कॉल, कई फोटा भी भेजी हैं। अब आईबी की ओर से यह जांच की जा रही है कि इरशाद ने सिम से क्या-क्या भेजा है और कहां कहां। इरशाद अहमद को भी कोर्ट ने 10 फरवरी तक रिमांड पर भेजा है।
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फजी दस्तावेज पर लिया गया था सिम
मोबाइल डीलर दीपक कुमार ने बताया कि उसने यह सिम रजिया पुत्री दर्शन लाल, नजदीक शनिदेव मंदिर, मालेरकोटला के पहचान पत्र पर जारी किया था। जब जेआईसी रजिया के घर पहुंची तो पता चला कि रजिया के पिता का नाम दर्शन लाल न होकर कुछ और था। दीपक कुमार ने गलत दस्तावेजों पर सिम जारी किया था।
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2014 से लगातार सक्रिय
एसएसआई दीपक कुमार ने बताया कि इरशाद अहमद ने बताया कि यह सिम 2014 में लिया गया था। इसके बाद इस सिम को लगातार सक्रिय रखा गया। उसने यह सिम अपने अन्य साथियों को भी दिया था। यह भी सामने आया है कि इस सिम के माध्यम से इरशाद अहमद ने कई कॉल, कई फोटा भी भेजी हैं। अब आईबी की ओर से यह जांच की जा रही है कि इरशाद ने सिम से क्या-क्या भेजा है और कहां कहां। इरशाद अहमद को भी कोर्ट ने 10 फरवरी तक रिमांड पर भेजा है।
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