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...ताकि फिर न जाए किसी कनव की जान

Sat, 31 May 2014 10:25 PM IST
पठानकोट।
पठानकोट। Updated Sat, 31 May 2014 10:25 PM IST
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स्कूल बस की चपेट में आने से हुई कनव नामक मासूम की मौत का मामला ठंड पड़ता नजर नहीं आ रहा है। मामले में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ उसके परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने अभियान शुरू किया है। इसके तहत शनिवार को उन्होंने निजी स्कूलों की मनमानी के संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूल के सामने खड़े होकर कार्ड बांटा।
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एंजल पब्लिक स्कूल के इस छात्र की मौत 16 अप्रैल को तब हो गई थी जब वह छुट्टी के बाद घर लौटने के लिए बस में सवार होने जा रहा था। पहली कक्षा के इस छात्र की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधक व बस ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने शहर में कैंडल मार्च भी निकाला था।
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उन्होंने स्कूल के चेयरमैन तथा प्रिंसीपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके मामले में कोई कार्रवाई न होने से आहत परिजनों और मोहल्ले वासियों ने शनिवार को स्कूल के बाहर खड़े होकर लोगों में पर्चे बांटे। इसमें कनव के पिता कुलदीप कुमार भी शामिल थे। उन्होंने कार्ड के माध्यम से अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल प्रंबधन को यकीनी बनाने की अपील की।
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ताकि उनके बच्चों की जिंदगी सुरक्षित रहे। कनव के पिता ने बताया कि हमारी ओर से सभी बच्चों के अभिभावकों के साथ मिलकर एक ऐसी अभिभावक संस्था बनाई जाएगी, जिसके द्वारा हम स्कूल प्रबंधन, प्रिंसीपल तथा स्टाफ से बच्चों को होने वाली समस्याओं के संबंध में विचार विमर्श करेंगे। बच्चों की समस्याओं के बारे में उनकी ओर से स्कूल प्रबंधनों से जवाबदेही मांगी जाएगी।

क्या था संदेश
प्रिय भाई-बहन,
        मेरा लड़का कनव जिसकी दिनांक 16 अप्रैल 2014 को स्कूल के मैदान में ही छुट्टी के वक्त स्कूल की गाड़ी के नीचे आने से दुखदायी मौत हो गई। मेरा लड़का कनव जब गाड़ी के नीचे आया तो स्कूल के मैदान में ही 25 मिनट तक तड़पता रहा और उसकी मौत हो गई। अब स्कूल मैनेजमैंट तरह-तरह के बहाने बनाकर हमें दिमागी तौर पर परेशान कर रहा है।

जब हमने स्कूल में छानवीन की तो पता चला कि स्कूल की प्रिंसिपल शिवालकां ढिल्लो हैं, जिसने दो वर्ष पहले ही बीएड की है। जबकि प्रिंसिपल बनने के लिए कम से कम 10 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। वहीं स्कूल की चहारदिवारी के पास ही शमशान घाट है, जिससे वहां से उठने वाला धुंआ बच्चाें पर हानिकारक प्रभाव डालता है।

हम स्कूल को इतने पैसे देते हैं, तो बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी देना स्कूल प्रंबंधन से लिखित रूप में लेना हमारा अधिकार बनता है। आप सभी माता-पिता से बिनती है कि वह हर स्कूल से एफिडेविट लें, ताकि उनके बच्चे सुरक्षित हो सकें और स्कूल प्रबंधन किसी प्रकार की लापरवाही न बरत सके।

एसएसपी बोले, जांच जारी है
इस संबंध में जब एसएसपी राकेश कौशल ने बताया कि मामले की जांच जारी है। केस को डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर को सौंपा दिया गया है। जल्दी ही मामले को हल कर कार्रवाई की जाएगी।
 
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