पंजाब: लुधियाना की गुरवीन कौर 99.8 फीसदी अंकों के साथ टॉपर, जालंधर के छात्रों ने भी मारी बाजी
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सेक्रेड हॉर्ट कॉन्वेंट स्कूल लुधियाना की 12वीं (ह्यूमैनिटीज) की छात्रा गुरवीन कौर ने 99.8 फीसदी अंक लेकर प्रदेश में टॉप किया है। सोमवार को जब परिवार को खबर मिली तो पूरा परिवार खुशी से झूम डठा। गुरवीन के पिता गुरिंदर पाल सिंह वकील हैं। उनकी माता बलविंदर कौर डायटीशियन है।
गुरवीन अपनी इस कामयाबी के लिए वाहेगुरु, माता-पिता और स्कूल अध्यापकों को श्रेय देती हैं। गुरवीन कौर ने बताया कि उन्होंने कभी यह तय नहीं किया था कि वह हर रोज इतने घंटे पढ़ाई करेंगी लेकिन ज्यादातर वह रात के समय पढ़ाई करती थी। जितना भी समय वह पढ़ाई को देती थी उस समय उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहता था।
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पहले वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थीं लेकिन सितंबर 2019 में उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। उन्होंने व्हाट्सएप को छोड़ बाकी सभी एप डिलीट कर दिए थे। व्हाट्सएप पर स्कूल से नोट्स मिलते रहते थे इसलिए उसे रखना जरूरी बन गया था।
गुरवीन कौर का कहना है कि वह आगे चलकर लॉ की पढ़ाई करेंगी। उनके पिता वकील हैं इसलिए उनका भी उस तरफ झुकाव है। लॉ की शिक्षा पूरी करने के बाद वह ज्यूडिशरी में टॉपर बनाना चाहती हैं। इसके लिए वह अभी से मेहनत करना शुरू करेंगी
जालंधर: दृष्टिहीन विद्यार्थी ध्रुव ने हासिल किए 98.2 प्रतिशत अंक
12वीं सीबीएसई के नतीजों में कॉमर्स स्ट्रीम में ध्रुव ने 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वह दृष्टिहीन हैं लेकिन कुछ कर गुजरने का जज्बा उनमें कूट-कूटकर भरा है। ध्रुव एमजीएन स्कूल, अर्बन इस्टेट के विद्यार्थी हैं। ध्रुव का कहना है कि उन्होंने 7वीं तक की पढ़ाई राष्ट्रीय अंधविद्यालय, वसंत विहार से की है। इसके बाद एमजीएन में दाखिला लिया था। इस स्कूल में आने के बाद उन्होंने 10वीं में 93.8 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
उन्होंने अपनी सारी पढ़ाई लैपटॉप के जरिए की है। उनके लैपटॉप में एक ऐसा साफ्टवेयर है जो किताबों में लिखे हर पाठयक्रम को बोलकर बताता था। इसके साथ ही स्कूल के अध्यापकों ने उनका काफी साथ दिया है। परिवार के आशीर्वाद और शिक्षकों के साथ ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है। ध्रुव को कंप्यूटर सॉफ्टवेटर का शौक है। वह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में करियर बनाना चाहते हैं। उन्हें लिखना पसंद है। वह अपना और अपने मां-बाप का हर सपना पूरा करना चाहते हैं।
जालंधर: डॉक्टर बनना चाहती है शाइना जिंदल, हासिल किए 95 फीसदी अंक
सीजेएस स्कूल की शाइना जिंदल ने 12वीं मेडिकल में 95 फीसदी अंक हासिल किए। शाइना जिंदल के भाई कपीश जिंदल ने आईसीएसई दसवीं की परीक्षा में 96.8 फीसदी अंक हासिल किए थे। शाइना के माता-पिता प्रो. लेखा जिंदल व प्रो. रविन्द्र मोहन जिंदल दोनों डीएवी व एचएमवी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। शाइना का कहना है कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। वह अपने दादा-दादी के नक्शे कदम पर चलना चाहती है। इससे पहले शाइना ने साल 2018 में आईसीएसई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 97.3 फीसदी अंक हासिल किए थे।
रोपड़ की अर्शदीप कौर ने किया जिले में टॉप
सीबीएसई के 12वीं के नतीजों में रोपड़ के सेंट कार्मल स्कूल की छात्रा अर्शदीप कौर ने जिले में टॉप किया है। अर्शदीप ने 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है दो साल कड़ी मेहनत की जिसका नतीजा उन्हें मिला है। अर्शदीप के पिता पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। अर्शदीप की माता सरोज कुमारी का कहना है कि भगवान ऐसी बेटी सबको दे। अर्शदीप के बड़े भाई कैलाश ने कहा कि उनकी बहन ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है।
पढ़ाई के साथ मनोरंजन को भी दें टाइम: अभ्या
दिन में आप जितनी देर पढ़ाई कर सकते उसे करें लेकिन जब बोरियत होने लगे तो रुक जाएं। कुछ समय कोई और काम करें तो दिमाग तरोताजा होकर फिर पढ़ाई के लिए तैयार हो जाएगा। यह कहना है सीबीएसई 12वीं के नतीजों में कॉमर्स स्ट्रीम में 99 प्रतिशत अंक लाने वाली अभ्या अरोड़ा का। अभ्या एमजीएन स्कूल, अर्बन इस्टेट की छात्रा हैं।
उन्होंने 500 में से 495 अंक हासिल किए हैं। अभ्या का कहना है कि उनका ध्यान अभी पढ़ाई में है। वह फाइनेंस इंडस्ट्री में जाना चाहती हैं। उनके 99 प्रतिशत अंक पूरे साल की मेहनत का नतीजा है। विद्यार्थी यह सोच ले कि वह आखिरी 2 या 3 माह पढ़ाई करके इतने प्रतिशत अंक ला सकता है तो ऐसा नहीं है। अभ्या का कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ अंग्रेजी नॉवेल पढ़ना, ड्राइंग और म्यूजिक सुनना पसंद है।
अभ्या के पिता नवीन अरोड़ा एचडीएफ बैंक में लोन एजेंट का काम करते हैं। उनका कहना है कि अभ्या को शुरू से ही पढ़ने का काफी शौक रहा है। अभ्या के 10वीं में भी 99 प्रतिशत अंक थे। तब वह आईसीएससी बोर्ड सेंट जोजेफ स्कूल में पढ़ती थी। अभ्या से जब ट्यूशन की बात कही गई तो उसने हमेशा सेल्फ स्टडी की बात कही। अभ्या की मां देविका गृहिणी हैं। उनका कहना है कि वह अपनी बेटी का हर सपना पूरा होता देखना चाहतीं हैं।