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नौ साल में भी सुनाम को नहीं मिला शहीद ऊधम सिंह का नाम
अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sun, 09 Feb 2014 09:47 PM IST
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सुनाम शहर का नाम बदल कर ‘सुनाम शहीद ऊधम सिंह वाला’ करने के लिए केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को 7 अप्रैल, 2005 को स्वीकृति दे दी थी। लेकिन नौ साल बाद भी प्रदेश सरकार शहर का नाम बदलने में नाकामयाब रही।
इस बारे में बाकी विभागों ने भी पत्र मिलने के बाद आदेश नहीं माने वहीं राज्य सरकार ने रेल मंत्रालय को इस संदर्भ में नौ साल बाद पत्र लिखा। यह पूरा खुलासा सूचना अधिकार के तहत मांगी जानकारी में हुआ है।
‘भारत दी आजादी दी शमां दा परवाना महान गदरी इंकलाबी शहीद ऊधम सिंह’ पुस्तक के लेखक राकेश कुमार ने बताया कि आरटीआई के तहत माल एवं पुनर्वास विभाग से सुनाम शहर के नाम बदलने संबंधी जानकारी मांगी थी। विभाग ने जवाब दिया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के उप सचिव को नई दिल्ली में 17 अगस्त 2004 को पत्र भेजा गया था कि सुनाम ऐतिहासिक शहर है।
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शहीद ऊधम सिंह के नाम के साथ जोड़कर इसका नाम ‘सुनाम ऊधम सिंह वाला’ रखना चाहते हैं। इस पर केंद्र सरकार ने सात अप्रैल 2005 को सुनाम का नाम ‘सुनाम ऊधम सिंह वाला’ रखने पर स्वीकृति दे दी। केंद्र ने इसके साथ में यह भी कहा कि गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाए और उसकी कापियां सभी संबंधित मंत्रालय और संबंधित विभागों में भेज दी जाए।
लेखक ने बताया कि पंजाब सरकार ने 12 जनवरी 2006 को सुनाम का नाम ‘सुनाम ऊधम सिंह वाला’ बदलने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया, लेकिन रेल मंत्रालय को इस बारे में सूचित नहीं किया गया। रेलवे को यह सूचना 20 नवंबर 2013 को दी गई।
पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन तो जारी किया लेकिन पूरी तरह इस पर अमल करने के लिए जोर नहीं डाला। ऐसे में पंजाब सरकार के कई विभागों में सुनाम शहर के नाम से ही काम हो रहा है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार को खुद निजी तौर पर रुचि लेकर सुनाम शहर के पंजाब से संबंधित सभी विभागों, रेलवे स्टेशन सुनाम व डाकघर का नाम सुनाम ऊधम सिंह वाला करवाए। बाकी विभागों में भी यही नाम अंकित किया जाए।
1974 में हो चुकी थी नाम बदलने की घोषणा
राकेश कुमार ने कहा कि पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने 31 जुलाई 1974 में सुनाम शहर का नाम शहीद के नाम पर बदलने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहीदी समारोह में 31 जुलाई 2005 में नाम बदलने की घोषणा की। पंजाब सरकार ने 24 फरवरी 2006 में गजट प्रकाशित किया। 20 नवंबर 2013 को चेयरमैन रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को नाम बदलने के बारे में पत्र लिखा गया।
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इस बारे में बाकी विभागों ने भी पत्र मिलने के बाद आदेश नहीं माने वहीं राज्य सरकार ने रेल मंत्रालय को इस संदर्भ में नौ साल बाद पत्र लिखा। यह पूरा खुलासा सूचना अधिकार के तहत मांगी जानकारी में हुआ है।
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‘भारत दी आजादी दी शमां दा परवाना महान गदरी इंकलाबी शहीद ऊधम सिंह’ पुस्तक के लेखक राकेश कुमार ने बताया कि आरटीआई के तहत माल एवं पुनर्वास विभाग से सुनाम शहर के नाम बदलने संबंधी जानकारी मांगी थी। विभाग ने जवाब दिया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के उप सचिव को नई दिल्ली में 17 अगस्त 2004 को पत्र भेजा गया था कि सुनाम ऐतिहासिक शहर है।
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शहीद ऊधम सिंह के नाम के साथ जोड़कर इसका नाम ‘सुनाम ऊधम सिंह वाला’ रखना चाहते हैं। इस पर केंद्र सरकार ने सात अप्रैल 2005 को सुनाम का नाम ‘सुनाम ऊधम सिंह वाला’ रखने पर स्वीकृति दे दी। केंद्र ने इसके साथ में यह भी कहा कि गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाए और उसकी कापियां सभी संबंधित मंत्रालय और संबंधित विभागों में भेज दी जाए।
लेखक ने बताया कि पंजाब सरकार ने 12 जनवरी 2006 को सुनाम का नाम ‘सुनाम ऊधम सिंह वाला’ बदलने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया, लेकिन रेल मंत्रालय को इस बारे में सूचित नहीं किया गया। रेलवे को यह सूचना 20 नवंबर 2013 को दी गई।
पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन तो जारी किया लेकिन पूरी तरह इस पर अमल करने के लिए जोर नहीं डाला। ऐसे में पंजाब सरकार के कई विभागों में सुनाम शहर के नाम से ही काम हो रहा है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार को खुद निजी तौर पर रुचि लेकर सुनाम शहर के पंजाब से संबंधित सभी विभागों, रेलवे स्टेशन सुनाम व डाकघर का नाम सुनाम ऊधम सिंह वाला करवाए। बाकी विभागों में भी यही नाम अंकित किया जाए।
1974 में हो चुकी थी नाम बदलने की घोषणा
राकेश कुमार ने कहा कि पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने 31 जुलाई 1974 में सुनाम शहर का नाम शहीद के नाम पर बदलने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहीदी समारोह में 31 जुलाई 2005 में नाम बदलने की घोषणा की। पंजाब सरकार ने 24 फरवरी 2006 में गजट प्रकाशित किया। 20 नवंबर 2013 को चेयरमैन रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को नाम बदलने के बारे में पत्र लिखा गया।