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सुखबीर बादल 5 को अदालत में पेश होंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Wed, 03 Feb 2016 02:53 PM IST
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जीएमआईसी सतीश कुमार की अदालत ने उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चल रहे आपराधिक केस की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता नरेश सहगल की दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया। साथ ही इस केस में 5 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल को भी पेश होकर बयान दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले उन्हें इस केस में निजी पेशी से छूट मिली हुई थी।
वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान पत्रकार नरेश सहगल से मारपीट करने व कैमरे छीनने की घटना से संबंधित यह मामला 30 जून, 2006 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायतों पर थाना सिटी कोटकपूरा में दर्ज हुआ था।
उस समय फरीदकोट अदालत में केस का ट्रायल भी शुरू हो गया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने केस की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। करीब डेढ़ माह पहले ही 21 दिसंबर को हाईकोर्ट ने रोक हटाते हुए निचली अदालत के केस की दोबारा सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए थे।
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ट्रायल शुरू होने पर शिकायतकर्ता नरेश सहगल ने दो याचिकाएं दाखिल की थीं, जिसके माध्यम से कुछ पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के रूप में तलब करने और कुछ गवाहों को अदालत में पेश करने की इजाजत मांगी गई थी।
मंगलवार को अदालत ने इन दोनों याचिकाओं को खारिज करते हुए शिकायतकर्ता पक्ष की गवाही बंद करने का आदेश दिया और कानूनी प्रक्रिया के तहत उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को 5 फरवरी को अदालत के समक्ष पेश होकर सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज करवाने की हिदायत दी गई है।
कानूनी माहिरों के अनुसार आपराधिक मामले में अदालत की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की गवाहियां पूरी होने के बाद आरोपी पक्ष का धारा 313 के तहत बयान दर्ज किया जाता है।
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वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान पत्रकार नरेश सहगल से मारपीट करने व कैमरे छीनने की घटना से संबंधित यह मामला 30 जून, 2006 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायतों पर थाना सिटी कोटकपूरा में दर्ज हुआ था।
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उस समय फरीदकोट अदालत में केस का ट्रायल भी शुरू हो गया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने केस की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। करीब डेढ़ माह पहले ही 21 दिसंबर को हाईकोर्ट ने रोक हटाते हुए निचली अदालत के केस की दोबारा सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए थे।
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ट्रायल शुरू होने पर शिकायतकर्ता नरेश सहगल ने दो याचिकाएं दाखिल की थीं, जिसके माध्यम से कुछ पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के रूप में तलब करने और कुछ गवाहों को अदालत में पेश करने की इजाजत मांगी गई थी।
मंगलवार को अदालत ने इन दोनों याचिकाओं को खारिज करते हुए शिकायतकर्ता पक्ष की गवाही बंद करने का आदेश दिया और कानूनी प्रक्रिया के तहत उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को 5 फरवरी को अदालत के समक्ष पेश होकर सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज करवाने की हिदायत दी गई है।
कानूनी माहिरों के अनुसार आपराधिक मामले में अदालत की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की गवाहियां पूरी होने के बाद आरोपी पक्ष का धारा 313 के तहत बयान दर्ज किया जाता है।