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अबोहर में बेटा-बेटी को बचाते मां डूबी, तीनों की मौत
अमर उजाला, (अबोहर/फिरोजपुर)
Updated Fri, 13 Dec 2013 10:35 PM IST
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घर में बनी पानी की डिग्गी के पास खेल रहे अपने बच्चों को डिग्गी में गिरता देख एक मां उन्हें बचाने के लिए डिग्गी में कूद गई लेकिन तैरना न जानने के कारण महिला और उसने दोनों बच्चों की मौत हो गई।
यह दर्दनाक हादसा हनुमानगढ़ में रावतसर के पास भांखरावाला के चक 10 केडब्ल्यूडी में हुआ। रमेश कुम्हार रावतसर में बढ़ई का काम करता है। शुक्रवार सुबह वह दुकान पर चला गया था। पड़ोस के लोगों ने उसे सूचना दी कि उसकी पत्नी और बच्चे कुंड में डूब गए हैं।
जानकारी के अनुसार, वीरवार शाम रमेश की पत्नी संतोष घर के काम में व्यस्त थी। इस दौरान उसकी तीन साल की बेटी कल्पना और दो साल का हिमांशु आंगन में खेलते-खेलते पानी की डिग्गी के पास पहुंच गए और अचानक दोनों ही डिग्गी में गिर गए। उसी समय संतोष की नजर उन पर पड़ी और वह उन्हें बचाने के लिए डिग्गी में कूद गई। महिला की चीख सुनकर पड़ोस के लोग भी वहां पहुंच गए और उन्होंने तीनों को डिग्गी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक तीनों दम तोड़ चुके थे।
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मृतका संतोष के पिता हरिसिंह कुम्हार ने इस बारे में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। अस्पताल में एसडीएम रतनलाल स्वामी, सीआई अनिल मीणा, महबूब खां सहित ने मृतकों के परिजनों को ढाढस बंधवाया। मृतका के पति रमेश ने बताया कि घर में बनी पानी की डिग्गी पर ढक्कन नहीं था। कई बार ढक्कन लगवाने की सोची थी, लेकिन हर बार किसी और काम में लग जाते।
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यह दर्दनाक हादसा हनुमानगढ़ में रावतसर के पास भांखरावाला के चक 10 केडब्ल्यूडी में हुआ। रमेश कुम्हार रावतसर में बढ़ई का काम करता है। शुक्रवार सुबह वह दुकान पर चला गया था। पड़ोस के लोगों ने उसे सूचना दी कि उसकी पत्नी और बच्चे कुंड में डूब गए हैं।
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जानकारी के अनुसार, वीरवार शाम रमेश की पत्नी संतोष घर के काम में व्यस्त थी। इस दौरान उसकी तीन साल की बेटी कल्पना और दो साल का हिमांशु आंगन में खेलते-खेलते पानी की डिग्गी के पास पहुंच गए और अचानक दोनों ही डिग्गी में गिर गए। उसी समय संतोष की नजर उन पर पड़ी और वह उन्हें बचाने के लिए डिग्गी में कूद गई। महिला की चीख सुनकर पड़ोस के लोग भी वहां पहुंच गए और उन्होंने तीनों को डिग्गी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक तीनों दम तोड़ चुके थे।
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मृतका संतोष के पिता हरिसिंह कुम्हार ने इस बारे में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। अस्पताल में एसडीएम रतनलाल स्वामी, सीआई अनिल मीणा, महबूब खां सहित ने मृतकों के परिजनों को ढाढस बंधवाया। मृतका के पति रमेश ने बताया कि घर में बनी पानी की डिग्गी पर ढक्कन नहीं था। कई बार ढक्कन लगवाने की सोची थी, लेकिन हर बार किसी और काम में लग जाते।