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केंद्र के निर्धारित मापदंड धान खरीद में बाधा : बादल
अमर उजाला, संगरूर
Updated Fri, 18 Oct 2013 06:24 PM IST
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा धान की खरीद के लिए निर्धारित मापदंड सूबे में धान की खरीद में बाधा है। बादल वीरवार को रणबीर कॉलेज में रस्मी तौर पर सरस मेले का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे हुए थे।
बादल ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करके धान की खरीद के मापदंड निर्धारित किए हैं। भले ही खेतीबाड़ी राज्य का विषय है इसके बावजूद केंद्र ने इस पर पूरी तरह कंट्रोल कर लिया है। इस कारण राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। प्रदेश सरकार ने बिना अड़चन धान की खरीद को यकीनी बनाने के लिए बड़े प्रबंध किए हैं। बिना अड़चन खरीद को यकीनी बनाना प्रदेश सरकार की पहली जिम्मेवारी है ताकि किसानों को सुविधा प्रदान की जा सके। इसके लिए प्रदेश सरकार ने राज्य में 1795 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं।
एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन की सरकार बनेगी। राज्य सरकार ने सभ्याचार की संभाल के लिए खास नीति बनाई हुई है और इसके दिशानुसार राज्य में कई यादगारें बनाई गई हैं। अब 18 अक्तूबर को श्री अमृतसर साहिब में 115 करोड़ रुपये की लागत से यादगार का नींव पत्थर रखा जा रहा है।
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इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग, बलवीर सिंह घुन्नस, विधायक इकबाल सिंह झुंदा, पूर्व मंत्री गोबिंद सिंह लौंगोवाल, रणजीत सिंह बालियां, जसबीर सिंह देओल, डीआईजी एसके वर्मा, डीआईजी गुरप्रीत सिंह गिल, डिप्टी कमिश्नर डा. इंदु मल्होत्रा, एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, यूथ अकाली नेता अमनवीर सिंह चैरी, कर्मजीत सिंह रखड़ा, सुखजीत सिंह आदि उपस्थित थे।
दस्तकारी को उत्साहित करने की जरूरत
इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए बादल ने दस्तकारी और शिल्पकारी को उत्साहित करने की जरूरत पर बल दिया ताकि पंजाब के देहाती दस्तकार अपने गांवों में रहकर अपनी कला का प्रसार कर सकें तथा राज्य के पुराने सभ्याचार को कायम रख सकें। राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि ऐसे मेलों के अवसर पर छोटे दस्तकारों द्वारा हाथों से तैयार की वस्तुओं को आसानी से बेचा जा सकता है। इससे न केवल दस्तकारी को उत्साहित किया जा सकता है बल्कि हजारों व्यक्तियों को रोजगार भी मिलता है।
चौबीस राज्यों के दस्तकार पहुंचे
ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने बताया कि पंजाब में लगाए जा रहे इस छठे सरस मेले में 24 राज्यों से चार सौ दस्तकार और करीब एक सौ कलाकार पहुंचे हैं। यह मेला 27 अक्तूबर तक चलेगा और देहाती क्षेत्र के गरीबी रेखा से निचले दस्तकारों का आर्थिक जीवन स्तर ऊंचा उठाने में यह मेला बेहद लाभदायक साबित होता है।
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बादल ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करके धान की खरीद के मापदंड निर्धारित किए हैं। भले ही खेतीबाड़ी राज्य का विषय है इसके बावजूद केंद्र ने इस पर पूरी तरह कंट्रोल कर लिया है। इस कारण राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। प्रदेश सरकार ने बिना अड़चन धान की खरीद को यकीनी बनाने के लिए बड़े प्रबंध किए हैं। बिना अड़चन खरीद को यकीनी बनाना प्रदेश सरकार की पहली जिम्मेवारी है ताकि किसानों को सुविधा प्रदान की जा सके। इसके लिए प्रदेश सरकार ने राज्य में 1795 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं।
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एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन की सरकार बनेगी। राज्य सरकार ने सभ्याचार की संभाल के लिए खास नीति बनाई हुई है और इसके दिशानुसार राज्य में कई यादगारें बनाई गई हैं। अब 18 अक्तूबर को श्री अमृतसर साहिब में 115 करोड़ रुपये की लागत से यादगार का नींव पत्थर रखा जा रहा है।
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इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग, बलवीर सिंह घुन्नस, विधायक इकबाल सिंह झुंदा, पूर्व मंत्री गोबिंद सिंह लौंगोवाल, रणजीत सिंह बालियां, जसबीर सिंह देओल, डीआईजी एसके वर्मा, डीआईजी गुरप्रीत सिंह गिल, डिप्टी कमिश्नर डा. इंदु मल्होत्रा, एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, यूथ अकाली नेता अमनवीर सिंह चैरी, कर्मजीत सिंह रखड़ा, सुखजीत सिंह आदि उपस्थित थे।
दस्तकारी को उत्साहित करने की जरूरत
इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए बादल ने दस्तकारी और शिल्पकारी को उत्साहित करने की जरूरत पर बल दिया ताकि पंजाब के देहाती दस्तकार अपने गांवों में रहकर अपनी कला का प्रसार कर सकें तथा राज्य के पुराने सभ्याचार को कायम रख सकें। राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि ऐसे मेलों के अवसर पर छोटे दस्तकारों द्वारा हाथों से तैयार की वस्तुओं को आसानी से बेचा जा सकता है। इससे न केवल दस्तकारी को उत्साहित किया जा सकता है बल्कि हजारों व्यक्तियों को रोजगार भी मिलता है।
चौबीस राज्यों के दस्तकार पहुंचे
ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने बताया कि पंजाब में लगाए जा रहे इस छठे सरस मेले में 24 राज्यों से चार सौ दस्तकार और करीब एक सौ कलाकार पहुंचे हैं। यह मेला 27 अक्तूबर तक चलेगा और देहाती क्षेत्र के गरीबी रेखा से निचले दस्तकारों का आर्थिक जीवन स्तर ऊंचा उठाने में यह मेला बेहद लाभदायक साबित होता है।