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अवैध क्लर्क भर्ती मामले का रिकार्ड पुलिस को सौंपा
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Fri, 20 Nov 2015 10:35 PM IST
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कैंटोनमेंट बोर्ड में अवैध क्लर्क भर्ती के मामले में बोर्ड के अधिकारियों ने शुक्रवार को डीएसपी विभोर शर्मा को रिकार्ड सौंपा और अपने बयान दर्ज करवाए। इससे पहले पुलिस ने शिकायतकर्ता वेद प्रकाश मित्तल के बयान लिए थे और उनके पासपोर्ट की कापी ली थी, ताकि जाली शपथपत्र पर उनके जाली हस्ताक्षर की जांच कर सके। डीएसपी विभोर शर्मा ने बताया कि कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने अवैध क्लर्क भर्ती से संबंधित असली रिकार्ड पुलिस के हवाले किया है। बोर्ड के अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
अवैध क्लर्क भर्ती से संबंधित रिकार्ड पुलिस को सौंपने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड एसडीई सतीश कुमार व क्लर्क राहुल मोंगा पहुंचे। जानकारों का कहना है कि इनके साथ कैंटोनमेंट बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र बब्बू, पार्षद सीला, नरेश गोपा भी गए। उस क्लर्क के भी बयान पुलिस ने दर्ज किए जिसकी अवैध तरीके से नियुक्त की गई है।
वेद प्रकाश मित्तल ने दिल्ली स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों, गृहमंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी कि कैंटोनमेंट बोर्ड फिरोजपुर में अवैध तरीके से क्लर्क की भर्ती की गई है। मामले की जांच शुरू की गई तो दिल्ली के अधिकारियों ने फिरोजपुर कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों से जवाब मांगा तो विभाग में से ही किसी अधिकारी ने एक शपथपत्र तैयार कर वेद प्रकाश मित्तल के जाली हस्ताक्षर कर दिल्ली भेज दिया कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है। जब मित्तल को इस बात का पता चला तो उन्होंने फिरोजपुर के एसएसपी हरदयाल सिंह मान को शिकायत दी कि उसके जाली हस्ताक्षर कर झूठा शपथपत्र दिल्ली भेजा है। एसएसपी मान ने इस मामले की जांच डीएसपी विभोर शर्मा को सौंपी है।
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सूत्रों के मुताबिक कैंटोनमेंट बोर्ड में चपरासी के पद पर कार्यरत अमरदीप ने कैंटोनमेंट बोर्ड के एक अधिकारी द्वारा पांच लाख रुपये लेकर एमसीए की डिग्री बांटने का खुलासा किया था और पुलिस को शिकायत दी थी। इसकी तहकीकात डीएसपी विभोर शर्मा कर रहे हैं। अमरदीप ने पुलिस को बताया था कि बोर्ड में कार्यरत कई मुलाजिमों को उक्त अधिकारी ने जाली डिग्री मोटी रकम वसूल कर दी है, जिसके आधार पर उन्होंने तरक्की प्राप्त की है। इस खुलासे के बाद कैंटोनमेंट बोर्ड में रोजाना मजदूरी पर कार्य कर रहे शिकायतकर्ता के पिता अम्मी चंद को हटा दिया गया था लेकिन 18 नवंबर को अमर उजाला में काम से हटा देने की खबर प्रकाशित होने के बाद उसके पिता को दोबारा फिर से काम पर रख लिया है।
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अवैध क्लर्क भर्ती से संबंधित रिकार्ड पुलिस को सौंपने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड एसडीई सतीश कुमार व क्लर्क राहुल मोंगा पहुंचे। जानकारों का कहना है कि इनके साथ कैंटोनमेंट बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र बब्बू, पार्षद सीला, नरेश गोपा भी गए। उस क्लर्क के भी बयान पुलिस ने दर्ज किए जिसकी अवैध तरीके से नियुक्त की गई है।
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वेद प्रकाश मित्तल ने दिल्ली स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों, गृहमंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी कि कैंटोनमेंट बोर्ड फिरोजपुर में अवैध तरीके से क्लर्क की भर्ती की गई है। मामले की जांच शुरू की गई तो दिल्ली के अधिकारियों ने फिरोजपुर कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों से जवाब मांगा तो विभाग में से ही किसी अधिकारी ने एक शपथपत्र तैयार कर वेद प्रकाश मित्तल के जाली हस्ताक्षर कर दिल्ली भेज दिया कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है। जब मित्तल को इस बात का पता चला तो उन्होंने फिरोजपुर के एसएसपी हरदयाल सिंह मान को शिकायत दी कि उसके जाली हस्ताक्षर कर झूठा शपथपत्र दिल्ली भेजा है। एसएसपी मान ने इस मामले की जांच डीएसपी विभोर शर्मा को सौंपी है।
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सूत्रों के मुताबिक कैंटोनमेंट बोर्ड में चपरासी के पद पर कार्यरत अमरदीप ने कैंटोनमेंट बोर्ड के एक अधिकारी द्वारा पांच लाख रुपये लेकर एमसीए की डिग्री बांटने का खुलासा किया था और पुलिस को शिकायत दी थी। इसकी तहकीकात डीएसपी विभोर शर्मा कर रहे हैं। अमरदीप ने पुलिस को बताया था कि बोर्ड में कार्यरत कई मुलाजिमों को उक्त अधिकारी ने जाली डिग्री मोटी रकम वसूल कर दी है, जिसके आधार पर उन्होंने तरक्की प्राप्त की है। इस खुलासे के बाद कैंटोनमेंट बोर्ड में रोजाना मजदूरी पर कार्य कर रहे शिकायतकर्ता के पिता अम्मी चंद को हटा दिया गया था लेकिन 18 नवंबर को अमर उजाला में काम से हटा देने की खबर प्रकाशित होने के बाद उसके पिता को दोबारा फिर से काम पर रख लिया है।