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अध्यापकों की लंबित मांगों से अवगत करवाया
अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Sun, 29 Dec 2013 10:12 PM IST
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गवर्नमेंट स्कूल टीचर यूनियन पंजाब के एक वफद ने राज्य के आला शिक्षा अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए उन्हें अध्यापक वर्ग की लंबित मांगों से अवगत करवाया।
रविवार को कोटकपूरा में यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रेम चावला ने बताया कि प्रांतीय प्रधान बलकार सिंह वल्टोहा की अगुवाई वाला वफद शनिवार को चंडीगढ़ में राज्य के डीजीएसई कुमार राहूल, डीपीआई(स) कमल कुमार गर्ग व डीपीआई(ए) दर्शन कौर से मिला, जिन्हें मांग पत्र सौंपने के साथ साथ संघर्ष शुरू करने का नोटिस भी दिया गया।
वफद ने शिक्षा अधिकारियों को अध्यापकों की मांगों व मुश्किलों के संदर्भ में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। यूनियन ने राज्य के प्राइमरी व सेकेंडरी स्कूलों को समायोजित करने का आदेश वापिस लेने, अध्यापकों की तरक्की के आदेश जारी करने, 176 अध्यापकों को स्टेशन अलॉट करने के अधिकार डीईओ को देने, बच्चों की वर्दी के लिए एक हजार रुपये की ग्रांट देने व सरकारी स्कूलों के बिजली पानी के बिलों का भुगतान करने को विशेष ग्रांट देने या फिर अन्य वर्गों की तरह इन बिलों को माफ करने समेत अन्य लंबित मांगों की जानकारी दी और इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का आह्वान किया।
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डीजीएसई कुमार राहूल ने यूनियन को इन मांगों के संदर्भ में 15 जनवरी को अपने कार्यालय में दोबारा बैठक करने के लिए बुलाया है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के साथ भी मीटिंग करवाई जाएगी।
वफद में प्रांतीय महासचिव जगमेल सिंह पक्खोवाल, जसविंदर सिंह ढिल्लों, प्रांतीय वित्तसचिव सुदागर सिंह सराभा, मेघइंद्र सिंह बराड़, लक्ष्मण सिंह मलूका, परमजीत सिंह रामां, कुलदीप सिंह सहदेव, सिकंदर सिंह चीमा, रघूनाथ सिंगला, संजीव शर्मा भी शामिल हुए।
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रविवार को कोटकपूरा में यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रेम चावला ने बताया कि प्रांतीय प्रधान बलकार सिंह वल्टोहा की अगुवाई वाला वफद शनिवार को चंडीगढ़ में राज्य के डीजीएसई कुमार राहूल, डीपीआई(स) कमल कुमार गर्ग व डीपीआई(ए) दर्शन कौर से मिला, जिन्हें मांग पत्र सौंपने के साथ साथ संघर्ष शुरू करने का नोटिस भी दिया गया।
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वफद ने शिक्षा अधिकारियों को अध्यापकों की मांगों व मुश्किलों के संदर्भ में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। यूनियन ने राज्य के प्राइमरी व सेकेंडरी स्कूलों को समायोजित करने का आदेश वापिस लेने, अध्यापकों की तरक्की के आदेश जारी करने, 176 अध्यापकों को स्टेशन अलॉट करने के अधिकार डीईओ को देने, बच्चों की वर्दी के लिए एक हजार रुपये की ग्रांट देने व सरकारी स्कूलों के बिजली पानी के बिलों का भुगतान करने को विशेष ग्रांट देने या फिर अन्य वर्गों की तरह इन बिलों को माफ करने समेत अन्य लंबित मांगों की जानकारी दी और इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का आह्वान किया।
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डीजीएसई कुमार राहूल ने यूनियन को इन मांगों के संदर्भ में 15 जनवरी को अपने कार्यालय में दोबारा बैठक करने के लिए बुलाया है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के साथ भी मीटिंग करवाई जाएगी।
वफद में प्रांतीय महासचिव जगमेल सिंह पक्खोवाल, जसविंदर सिंह ढिल्लों, प्रांतीय वित्तसचिव सुदागर सिंह सराभा, मेघइंद्र सिंह बराड़, लक्ष्मण सिंह मलूका, परमजीत सिंह रामां, कुलदीप सिंह सहदेव, सिकंदर सिंह चीमा, रघूनाथ सिंगला, संजीव शर्मा भी शामिल हुए।