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पैसे लेकर फौज में नौकरी दिलवाने का मामला
Firozpur
Updated Tue, 26 Feb 2013 05:31 AM IST
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फिरोजपुर। पैसे लेकर सेना में नौकरी दिलवाने वाले गिरोह के सरगना फौजी गुरनाम सिंह की धरपकड़ करने के लिए सोमवार को पुलिस जालंधर स्थित सेना की सिखलाई यूनिट गई। बताया जा रहा है कि फौजी कुलदीप सिंह और गुरनाम सिंह दोनों ही असम में सेना की सिखलाई यूनिट में तैनात थे। गुरनाम सिंह जालंधर की इस यूनिट में दो साल के लिए डेपुटेशन पर आया हुआ है। इन दोनों ने ही मिलकर काफी बड़ा गिरोह बनाया हुआ है, जो पंजाब में सक्रिय है। पिछले दो साल से इस गिरोह के सदस्य सेना भरती रैली में ऐसे उम्मीदवारों की तलाश करते हैं, जो सेना में नौकरी पाने लिए पैसे देने को तैयार हो जाते हैं। सेना की खुफिया एजेंसी की मदद से पुलिस ने 23 फरवरी को सेना में नौकरी दिलवाने वाले चार एजेंट काबू किए थे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि गुरनाम सिंह की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा कि उनके गिरोह में सेना का कोई बड़ा अधिकारी भी शामिल है या नहीं। कुलदीप सिंह और गुरनाम सिंह के जालंधर स्थित सेना भरती कार्यालय में कई मुलाजिमों के साथ संबंध है। जहां से ये लोग भरती रैली में फिजिकल परीक्षा में पास होने के बाद लिखित परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के मोबाइल फोन नंबर व उनके घरों के पतों की सूची लेते हैं। सोमवार को पुलिस जालंधर स्थित सिखलाई यूनिट में गुरनाम सिंह की गिरफ्तारी के लिए गई। बताया जा रहा है कि उक्त गिरोह के पकड़ने जाने के बाद से ही गुरनाम सिंह भूमिगत है। जालंधर में ही सेना भरती कार्यालय है और गुरनाम के जालंधर आने पर उसका काम आसान हो गया। वह इस कार्यालय के लोगों से अपने गहरे संबंध बना चुका था। कुलदीप उम्मीदवारों से पैसे लेकर गुरनाम तक पहुंचाता था। गुरनाम ही आगे पूरे गिरोह में हर सदस्य को काम के मुताबिक पैसे देता था। गुरनाम सिंह की धरपकड़ के लिए सेना की खुफिया एजेंसी भी पुलिस का पूरा साथ दे रही है। सेना की खुफिया एजेंसी इससे पहले फरीदकोट व फिरोजपुर से सेना भरती की लिखित परीक्षा के लीक हुए प्रश्न-पत्र भी एजेंटों समेत पकड़ चुकी है।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि गुरनाम सिंह की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा कि उनके गिरोह में सेना का कोई बड़ा अधिकारी भी शामिल है या नहीं। कुलदीप सिंह और गुरनाम सिंह के जालंधर स्थित सेना भरती कार्यालय में कई मुलाजिमों के साथ संबंध है। जहां से ये लोग भरती रैली में फिजिकल परीक्षा में पास होने के बाद लिखित परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के मोबाइल फोन नंबर व उनके घरों के पतों की सूची लेते हैं। सोमवार को पुलिस जालंधर स्थित सिखलाई यूनिट में गुरनाम सिंह की गिरफ्तारी के लिए गई। बताया जा रहा है कि उक्त गिरोह के पकड़ने जाने के बाद से ही गुरनाम सिंह भूमिगत है। जालंधर में ही सेना भरती कार्यालय है और गुरनाम के जालंधर आने पर उसका काम आसान हो गया। वह इस कार्यालय के लोगों से अपने गहरे संबंध बना चुका था। कुलदीप उम्मीदवारों से पैसे लेकर गुरनाम तक पहुंचाता था। गुरनाम ही आगे पूरे गिरोह में हर सदस्य को काम के मुताबिक पैसे देता था। गुरनाम सिंह की धरपकड़ के लिए सेना की खुफिया एजेंसी भी पुलिस का पूरा साथ दे रही है। सेना की खुफिया एजेंसी इससे पहले फरीदकोट व फिरोजपुर से सेना भरती की लिखित परीक्षा के लीक हुए प्रश्न-पत्र भी एजेंटों समेत पकड़ चुकी है।
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