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डीसी आफिस के बाहर जाम लगाते डेढ़ सौ किसान गिरफ्तार
अमर उजाला बठिंडा
Updated Tue, 27 May 2014 10:53 PM IST
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बारिश से खराब हुए नरमे के मुआवजे की मांग, धान का सही रेट देने व बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर मंगलवार को किसानों ने डीसी कार्यालय के बाहर जाम लगा दिया।
इसी दौरान पुलिस ने किसानों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए। ऐसे में पुलिस अधिकारियों के निर्देशों पर पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान किसानों व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। धक्का-मुक्की के बीच 150 से अधिक किसानों को हिरासत में ले लिया गया।
भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) के नेतृत्व में लगाए इस धरने में जिले भर से किसान व मजदूरों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। किसान यूनियन नेताओं बलदेव सिंह संदोहा व काका सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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ये हैं यूनियन की मांगें
बासमती का रेट 4000 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए
बारिश से नष्ट हुई नरमे व गेहूं की फसल का मुआवजा दिया जाए
पांच हजार व ढाई एकड़ जमीन वाले किसानों को मोटर कनेक्शन दिया जाए
किसानों को 12 घंटे बिजली सप्लाई दी जाए
खुदकुशी पीड़ितों को मुआवजा व नौकरी दी जाए।
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इसी दौरान पुलिस ने किसानों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए। ऐसे में पुलिस अधिकारियों के निर्देशों पर पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान किसानों व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। धक्का-मुक्की के बीच 150 से अधिक किसानों को हिरासत में ले लिया गया।
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भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) के नेतृत्व में लगाए इस धरने में जिले भर से किसान व मजदूरों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। किसान यूनियन नेताओं बलदेव सिंह संदोहा व काका सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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ये हैं यूनियन की मांगें
बासमती का रेट 4000 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए
बारिश से नष्ट हुई नरमे व गेहूं की फसल का मुआवजा दिया जाए
पांच हजार व ढाई एकड़ जमीन वाले किसानों को मोटर कनेक्शन दिया जाए
किसानों को 12 घंटे बिजली सप्लाई दी जाए
खुदकुशी पीड़ितों को मुआवजा व नौकरी दी जाए।