वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब (Youtube) ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक नील मोहन को कंपनी का नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) बना दिया है। नील मोहन सुसान वोजिकी की जगह लेंगे। सुसान वोजिकी नौ साल बाद अपने पद से हट रहीं हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है। नील मोहन अभी यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर हैं। लंबे वक्त से वह सुसान वोजिकी के सहयोगी रहे हैं।
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नील मोहन की यूट्यूब में सीईओ के तौर पर नियुक्ति ने देश की प्रतिष्ठा बढ़ा दी है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि नील मोहन पहले भारतीय मूल के हैं, जिन्हें दुनिया की किसी बड़ी कंपनी का सीईओ बनाया गया है। इसके पहले भी ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं, जिन्होंने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।
आज हम ऐसे ही 20 बड़ी कंपनियों के बारे में बताएंगे, जहां के बड़े पदों पर भारतीय मूल के नागरिक ही बैठे हुए हैं। इनमें सिर्फ यूट्यूब, गूगल या माइक्रोसॉफ्ट नहीं है। बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों की कई दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं। आइए जानते हैं...
1. सुंदर पिचाई, CEO गूगल, अल्फाबेट
गूगल और एल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई का जन्म 1972 में भारत के तमिलनाडु राज्य में हुआ था। उनके पिता पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जो ब्रिटेन की एक कंपनी GEC में काम करते थे। सुंदर की मां स्टेनोग्राफर थीं। स्कूलिंग खत्म करने के बाद सुंदर ने आईआईटी खड़गपुर में एडमिशन लिया था। यहां से उन्होंने मेटालर्जी में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
इसके बाद वह अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग में एमएस करने चले गए। एमएस करने के बाद उन्होंने अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों में से एक व्हार्टन से एमबीए भी किया। 2004 में सुंदर पिचाई गूगल से जुड़े। 2015 में, गूगल अल्फाबेट कंपनी का हिस्सा बना और पिचाई उसके सीईओ बने। पिचाई ने Google क्रोम और क्रोम ओएस डेवलप करने के लिए प्रोडक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व किया। वह मुख्य रूप से Google ड्राइव और एंड्रॉय्ड के डेवलपमेंट के लिए भी प्रभारी थे। एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि वो अमेरिकी हैं या भारतीय, तब इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'मैं अमेरिका का नागरिक हूं, लेकिन भारत मेरे अंदर बसा है और जो मैं हूँ, उसका एक अहम हिस्सा है।'
2. सत्य नडेला, CEO माइक्रोसॉफ्ट
दुनिया की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ भारतीय मूल के सत्य नडेला हैं। सत्य का पूरा नाम सत्य नारायण नडेला है। इनका जन्म 19 अगस्त 1967 को आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के अनंतपुर जिले के एक तेलगु परिवार में हुआ था। नडेला के पिता भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक सिविल सेवक के रूप में कार्य करते थे। नडेला साल 1992 में बतौर इंजीनियर, माइक्रोसॉफ्ट में शामिल हुए। चार फरवरी 2014 को वे माइक्रोसॉफ्ट के CEO चुने गए।
सत्य ने अपनी स्कूलिंग हैदराबाद पब्लिक स्कूल से पूरी की है। साल 1988 में कर्नाटक के मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग में बीटेक किया और फिर विस्कॉन्सिन-मिल्वौकी विश्वविद्यालय से एमएस डिग्री लेने के लिए नडेला अमेरिका गए। यहां से उन्होंने कंप्यूटर साइंस में 1990 में अपनी डिग्री हासिल की। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, एक्सबॉक्स लाइव और एज्योर क्लाउड प्लेटफॉर्म के शुरुआती संस्करणों का नेतृत्व किया।
3. लक्ष्मण नरसिम्हन, स्टारबक्स के होने वाले CEO
कॉफी चेन चलाने वाली दिग्गज कंपनी स्टारबक्स ने भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन को नया सीईओ घोषित किया है। लक्ष्मण एक अप्रैल से कंपनी की बागडोर पूरी तरह से संभाल लेंगे। अभी वह इंटरिम सीईओ के अधीन काम कर रहे हैं। 55 साल के लक्ष्मण नरसिम्हन इससे पहले इन्फामिल बेबी, यूके में Reckitt Benckiser Group PLC में ऊंचे पदों पर काम कर चुके हैं। लक्ष्मण नरसिम्हन का जन्म पुणे में 15 अप्रैल 1967 को हुआ था और वहीं उनकी परवरिश भी हुई है। उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। उन्होंने पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी में द लॉडर इंस्टीट्यूट से जर्मन और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में एमए किया है। पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल से बिजनेस में एमबीए किया।
4. शांतनु नारायण, CEO, Adobe Inc
दुनिया की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी एडोब (Adobe Inc) के सीईओ भी भारतीय मूल के ही हैं। उनका नाम है शांतनु नारायण। शांतनु का जन्म हैदराबाद में हुआ था। उनकी मां अमेरिकी साहित्य पढ़ातीं थीं। पिता की प्लास्टिक के सामान की कंपनी थी। शांतनु ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंजीनियरिंग में बैचलर करने के बाद बर्कले यूनिवर्सिटी कैलिफोर्निया से एमबीए और बॉउलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में मास्टर्स किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मोबाइल फोन Apple से की। इसके बाद वह सिलिकॉन ग्राफिक्स में भी रहे। बाद में उन्होंने ऑनलाइन फोटो शेयरिंग कंपनी पिक्ट्रा की स्थापना की थी। शांतनु ने 1998 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (वर्ल्डवाइड प्रोडक्ट रिसर्च) के रूप में Adobe ज्वॉइन की थी। 2007 में वह इसके सीईओ बने। वह अडोबी फाउंडेशन बोर्ड के प्रेसीडेंट भी हैं। 2011 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें अपने मैनेजमेंट एडवाइजरी बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया था।