पोलियो आज दुनियाभर से खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है। 1988 की तुलना में इस बीमारी से प्रभावित बच्चों के मामलों में 99 फीसदी तक कमी आई है। इसके बावजूद कई बार ये खतरनाक बीमारी मासूमों को अपनी चपेट में लेने मे कामयाब हो रही है। इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए दुनियाभर में लोग दिन रात कड़ी मेहनत करने में जुटे हुए हैं। 24 अक्तूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया गया। इस मौके पर यूनिसेफ के वॉलिंटयर्स और स्वास्थकर्मियों ने 95 देशों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान कई मुश्किलें आईं, लेकिन कोशिश करने वाले आखिर कब हारे हैं। 'जिंदगी की दो बूंद' पिलाने के लिए इन स्वयंसेवकों ने कहीं पहाड़ लांघा तो कहीं रस्सी के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार की। आइए विभिन्न देशों में मुश्किलों को पीछे छोड़कर अपना फर्ज निभाने वालों के जज्बे को सलाम करते हैं।
मासूमों को पोलियो से बचाने को कहीं जान जोखिम में डाल नदी पार की तो कहीं पहाड़ लांघा
यूएन हिंदी समाचार
Published by: अमित कुमार
Updated Sat, 26 Oct 2019 06:20 PM IST
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