अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को प्रदर्शन कर रहे शिया मुसलमानों पर हुए फिदायीन हमले में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई, जबकि 231 लोग घायल हुए हैं। दरअसल एक प्रस्तावित विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हजारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहा था कि आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया।
तस्वीरे: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 61 की मौत
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि तुर्कमेनिस्तान से काबुल जाने वाली 500 केवी ट्रांसमिशन लाइन का रूट फिर से तय किया जाए और लाइन को बड़ी हजारा आबादी वाले दो अन्य प्रांतों (बामयान और वर्डाक)से भी होकर ले जाया जाए। लेकिन अफगान सरकार का कहना था कि इससे ट्रांसमिशन लाइन को तैयार करने का खर्च काफी अधिक बढ़ जाएगा और प्रोजेक्ट को पूरा करने में अनावश्यक रूप से अधिक समय लगेगा।
तस्वीरे: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 61 की मौत
सरकार के इनकार के बाद हजारा समुदाय (शिया मुस्लिम) के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए। विरोध मार्च के आयोजन कर्ताओं में शामिल लैला मुहम्मदी ने कहा, ‘मैं धमाके के ठीक बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंची तो चारों तरफ लाशें बिखरी थीं। कितनों को अंगभंग अवस्था में देखा।’
तस्वीरे: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 61 की मौत
लोक स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद इस्माइल काओसी ने भी मारे गए लोगों की पुष्टि की।
तस्वीरे: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 61 की मौत
अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हमले के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘अवसरवादी आतंकवादियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर बम धमाका कर दिया। हमले में आम नागरिकों के अलावा सुरक्षाकर्मियों और सैनिकों की भी मौत हुई है।’