क्या आपको मालूम है कि दुनिया में सबसे उम्रदराज जीव कौन सा है? अगर नहीं मालूम, तो चलिए आपके साथ हम भी इस सवाल का जवाब तलाशते हैं। जानवरों में कछुए सबसे ज़्यादा उम्र तक जीने वाले माने जाते हैं। एक कछुआ ढाई सौ बरस की उम्र तक ज़िंदा रहा था। इसी तरह कुछ अमरीकी केकड़े क़रीब 140 साल तक जिए। कुछ मूंगे हज़ारों साल तक जीते रहते हैं। एक घोंघा जिसका नाम मिंग था, वो पांच सौ सात बरस का था, जब वैज्ञानिकों ने ग़लती से उसकी जान ले ली। मगर, ये आंकड़े फीके लगेंगे, जब आप ये जानेंगे कि धरती पर ऐसे बहुत से जीव हैं जो लाखों बरस से ज़िंदा हैं। साइबेरिया, अंटार्कटिका और कनाडा के भयंकर सर्द माहौल में बर्फ़ की परतों के नीचे, कई बैक्टीरिया हैं, जो दसियों लाख साल से वहीं, वैसे के वैसे पड़े हैं। बल्कि मज़े में रह रहे हैं। ये कीटाणु, इतने सर्द माहौल में कैसे जी रहे हैं, ये बात अब तक किसी की समझ में नहीं आई। मगर, ये ज़रूर है कि अगर वो राज़ पता चल जाए, तो इंसान को भी अमर रहने की कुंजी मिल जाएगी। 1979 में रूसी वैज्ञानिक सबित एबिज़ोव, अंटार्कटिका में रूसी स्टेशन वोस्टोक पर काम कर रहे थे। तब उन्होंने 3600 मीटर की गहराई में कुछ बैक्टीरिया, कुछ फफूंद और दूसरे छोटे जीव खोज निकाले थे। लाखों टन बर्फ़ के नीचे, इतनी गहराई में पड़े इन जीवों के बारे में एबिज़ोव ने अंदाज़ा लगाया कि ये हज़ारों साल से ऐसे ही ज़िंदा हैं। ये जीव, धरती की ऊपरी परत से तो वहां गए नहीं होंगे। इसलिए इनकी उम्र लाखों साल ही मानी जा रही है। 2007 में ये रिकॉर्ड भी टूट गया। डेनमार्क की कोपेनहेगेन यूनिवर्सिटी की एक टीम और इसके अगवुएस्के विलरस्लेव पांच लाख साल पुराने ज़िंदा बैक्टीरिया को अंटार्कटिका, साइबेरिया और कनाडा के बेहद सर्द इलाक़ों से खोज निकाला।
दुनिया के सबसे पुराने जीव के बारे में कितना और क्या जानते हैं आप?
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कौन सा है दुनिया का सबसे पुराना जीव?
कौन सा है दुनिया का सबसे पुराना जीव?
इसी आधार पर कुछ वैज्ञानिक ये दावा करते हैं कि कुछ बैक्टीरिया करोड़ों साल से ऐसे ही बर्फ़ के नीचे दबे हुए ज़िंदा हैं। ये बैक्टीरिया, अमरीका के न्यू मेक्सिको इलाक़े में 600 मीटर की गहराई में मिलने वाले नमक के क्रिस्टल के भीतर पाए गए हैं। ये उस दौर के हैं जब धरती पर डायनासोर रहते थे। इन कीटाणुओं को खोजने वाले अमरीकी वैज्ञानिक, रसेल व्रीलैंड कहते हैं कि ये बिल्कुल वैसे ही बैक्टीरिया हैं जैसे कि आज डेड सी में पाए जाते हैं। वहां भी पानी इतना खारा है कि नमक के टुकड़े जैसे जम जाता है। इनमें से कुछ कीटाणुओं को लैब में लाकर रखा गया। ये फिर से एक्टिव होकर बढ़ने लगे थे। वैसे जिस 2-9-3 बैक्टीरिया को करोड़ों साल पुराना बताया जा रहा है, उसे कुछ वैज्ञानिक उतना पुराना नहीं मानते। हालांकि रसेल व्रीलैंड अपने दावे पर क़ायम हैं। वो कहते हैं कि अब तो नमक के टुकड़ों के भीतर, कई जगह इन कीटाणुओं की नई नस्लें पाई गई हैं। ये तीन से पांच करोड़ साल पुराने बताए जाते हैं।
कौन सा है दुनिया का सबसे पुराना जीव?
कौन सा है दुनिया का सबसे पुराना जीव?
रसेल व्रीलैंड मानते हैं कि नमक के क्रिस्टल के अंदर बैक्टीरिया का ज़िंदा रहना आसान है। क्योंकि वहां पानी नहीं होता। वहां मौजूद बैक्टीरिया, आसमानी किरणों से ज़्यादा मज़बूती से निपट सकते हैं। इतने सालों तक किसी कीटाणु के ज़िंदा रहना इंसानों के लिए अहम साबित हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि हमारी धरती पर ज़िंदगी किसी और ग्रह, किसी और आकाशगंगा से आई हो, किसी धूमकेतु या उल्कापिंड के ज़रिए। इसी नज़रिए से मंगल ग्रह पर ज़िंदगी की उम्मीदें भी जगी हैं। वैज्ञानिकों को एक डर भी सता रहा है। उन्हें लगता है कि साइबेरिया या अंटार्कटिका के बेहद सर्द माहौल में कुछ ऐसे बैक्टीरिया या वायरस हो सकते हैं जिनसे इंसानों को नई बीमारी होने का डर हो। कुछ बीमारियों की पुरानी किस्मों के वायरस, बर्फ़ की परतों में छुपे हो सकते हैं। लेकिन, इससे धरती पर सबसे पुराने जीव की तलाश ख़त्म नहीं होती। ये बेहद सूक्ष्म जीव, आज की दुनिया पर गहरी और बड़ी छाप छोड़ रहे हैं।