उत्तर कोरिया में एक पर्यटक, छात्र और पत्रकार के तौर पर जाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। यहां ऐसे कानून हैं कि अगर थोड़ी सी गलती हुई तो आपको जेल जाना पड़ सकता है। अमेरिका के 21 वर्षीय छात्र ओटो वार्मबियर को उत्तर कोरिया में 15 साल के लिए श्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। ओटो के ऊपर आरोप लगा है कि उसने एक प्रोपेगेंडा स्लोगन की चोरी की है।
उत्तर कोरिया: ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल
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ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल
- फोटो : Reuters
उत्तर कोरिया में पैदा हुए कनाडा के हेयोन सू लिम को देश के खिलाफ आरोप करने के आरोप में जिदंगी भर के लिए कठिन कारवास की सजा दी गई।
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नवंबर 2012 में गिरफ्तार किए गए बॉ को उत्तर कोरिया में क्रिश्चियन मिशनर की स्थापना करने के लिए 15 साल की कैद की सजा दी गई। बॉ को क्रिश्चियन स्टूडेंट के एक समूह के साथ बॉर्डर पार करते समय गिरफ्तार किया गया था।
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बाद में अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते कीनथ बॉ को छोड़ा गया। करीब दो साल बाद यूएस एयरफोर्स के जेट से उन्हें वापस लाया गया। कीनेथ बॉ और उनकी मां म्यूंग ही बॉ एयरपोर्ट पर एक दूसरे के साथ।
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अमेरिका से टूरिस्ट वीजा पर गए मैथ्यू टॉड मिलर को उत्तर कोरिया में होसटाइल एक्ट में गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही उसे छह साल के कठोर कारावास की सजा दी गई।