PM Modi US Visit: 'भारत-US के बीच जटिल मुद्दों के जल्द समाधन पर संशय', ध्रुव जयशंकर बोले- व्यक्तिगत रिश्ते अहम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी अमेरिका यात्रा पर विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के पुत्र ने कहा, इस बैठक से चार अलग-अलग चीजों की उम्मीद कर रहा हूं। ध्रुव ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन अमेरिका के कार्यकारी निदेशक भी हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच किस तरह के व्यक्तिगत संबंध फिर से स्थापित हो सकते हैं, इस पर भी नजरें रहेंगी।
बता दें कि पीएम मोदी फ्रांस दौरे पर हैं। इसके बाद वे अमेरिका जाएंगे। बदलते वैश्विक परिदृश्य में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत-अमेरिका सामरिक संबंध कैसे रहेंगे? इस पर सभी सवाल हो रहे हैं। ध्रुव जयशंकर ने इस पहलू पर कहा, पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के दौरान दो तरह के रक्षा समझौते होंगे। ये आंशिक रूप से अमेरिका और भारत की विभिन्न प्राथमिकताओं को भी दर्शाते हैं। कुछ ऐसी चीजें हैं जो भारत के पास पहले से ही हैं, जो अमेरिका की सूची में हैं। इन चीजों को भारत और अधिक खरीदना चाहता है। उदाहरण के लिए विमान। यह क्षेत्र अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे नौकरियां पैदा करने और व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। यह राष्ट्रपति ट्रंप के लिए भी बड़ी प्राथमिकता है। भारत को कुछ सह-उत्पादन या सह-तकनीकी लाभ के अवसर भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन क्षेत्रों में भी अवसरों की तलाश करना चाहेगा।
#WATCH | Washington, DC: On PM Modi's upcoming US visit and meeting with President Donald Trump, Executive Director of the Observer Research Foundation America, Dhruva Jaishankar says, " There will be two kinds of defence agreements, partially reflective of the different… pic.twitter.com/WI0CTQQNPE
— ANI (@ANI) February 11, 2025
ध्रुव जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी के आगामी दौरे के दौरान अमेरिका के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते पर भी नजर रहेगी। उन्होंने कहा, 'हम कुछ समझौतों की उम्मीद कर सकते हैं। जिसमें दोनों पक्ष टैरिफ के एक सेट और एक अन्य व्यवस्था पर सहमत हों, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम अगले 4 वर्षों में एक दूसरे के साथ व्यापार विवादों में न फंसें। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर स्टील का एक बहुत बड़ा उत्पादक है, इसलिए दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में व्यापारिक रिश्ते बढ़ने की संभावना वास्तविक है।
#WATCH | Washington, DC: On PM Modi's upcoming US visit and meeting with President Donald Trump and India-US trade ties, Executive Director of the Observer Research Foundation America, Dhruva Jaishankar says, " ...We may see some kind of agreement where both sides agree on a set… pic.twitter.com/NG394kQIyc
— ANI (@ANI) February 11, 2025
ट्रंप से टैरिफ कटौती पर होगी चर्चा
गौरतलब है कि विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और अमेरिका के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर काम करेंगे और दुनिया के बेहतर भविष्य को आकार देंगे। उन्होंने कहा, उनकी आगामी अमेरिका यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और प्रौद्योगिकी, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्रों में भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने की दिशा में एजेंडा तय करेगी। माना जा रहा है कि पीएम मोदी द्विपक्षीय वार्ता में राष्ट्रपति ट्रंप से टैरिफ कटौती पर चर्चा कर सकते हैं। फ्रांस और अमेरिका के चार दिनी दौरे पर रवाना होने से पहले सोमवार को पीएम मोदी ने कहा, मैं अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने के लिए उत्सुक हूं।
अमेरिका में स्टील और एल्युमीनियम आयात पर 25% टैरिफ
यह भी रोचक है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्यापार नीति को लेकर गत रविवार को कहा कि वह सोमवार से स्टील और एल्युमीनियम आयात पर 25% टैरिफ लगाने जा रहे हैं और इस हफ्ते के अंत तक इसका पता लगेगा। ट्रंप का मकसद अमेरिकी उद्योगों की रक्षा व व्यापार भुगतान सुधारना है, लेकिन इसका सीधा असर, कनाडा, मेक्सिको, ब्राजील, ब्रिटेन, जापान और ईयू पर पड़ेगा। भारत में स्टील उत्पादकों को निर्यात चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप के इस फैसले पर मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को कहा, गत एक वर्ष में भारत में उच्च स्टील आयात ने पहले ही भारतीय उत्पादकों की कीमतें और कमाई घटा दी है। 2018 में व्यापार युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी स्टील व एल्यूमीनियम आयात में वृद्धि जारी है। मूडीज ने कहा, इससे अमेरिकी स्टील उत्पादकों को फायदा होगा। अमेरिकी टैरिफ से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और भारतीय उत्पादकों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ट्रंप ने स्पष्ट नहीं किया कि पारस्परिक टैरिफ में किन देशों पर उनका फोकस रहेगा, लेकिन ये साफ कर दिया कि सभी देशों पर यह लागू होगा।
भारत पर ज्यादा असर नहीं
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि इस फैसले का बड़ा असर नहीं होगा। स्टील सचिव संदीप पौंड्रिक ने कहा, स्टील आयात पर शुल्क लगाने की अमेरिकी घोषणा का भारतीय उद्योग पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि घरेलू बाजार मजबूत है और थोड़ी मात्रा में अमेरिका को निर्यात किया जाता है। हमने पिछले साल 14 करोड़ टन स्टील का उत्पादन किया, जिसमें से 95,000 टन अमेरिका को निर्यात किया गया।
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अमेरिका से अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजने के बारे में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ध्रुव जयशंकर ने कहा, भारत की न केवल अमेरिका बल्कि अन्य देशों के साथ भी एक पुरानी नीति रही है... अगर प्रवासी लोगों के भारतीय पहचान की पुष्टि हो जाती है और वे अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रुके हैं या उनके पास अमेरिका में रहने के वैध दस्तावेज नहीं हैं। तो ऐसी स्थिति में भारत उन्हें वापस लेने के लिए तैयार है। ध्रुव जयशंकर ने कहा कि भारत पहचान के लिए तंत्र खोजने के लिए कई देशों के साथ काम कर रहा है। अवैध प्रवासियों को देश से निकाला जाना (Deportation) कोई नई नीति नहीं है। हालांकि, इसके असर के कारण भारत में स्पष्ट रूप से बहुत नकारात्मक चीजें हुई हैं। इस बारे में बहुत गंभीरता से बात करना जरूरी है। इसे कैसे बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है और आगे क्या किया जा सकता है, इस पर मंथन करना मददगार होगा।
#WATCH | On upcoming meeting between PM Modi and US President Donald Trump and deportation of illegal Indian immigrants by US, Executive Director of the Observer Research Foundation America, Dhruva Jaishankar says, "India had a long standing policy not just with US but other… pic.twitter.com/hYweIqdwaj
— ANI (@ANI) February 11, 2025