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एच-1बी वीजा सिर्फ अधिक वेतन पाने वाले विशेष पेशेवरों को ही मिलेगा, सख्त हुए ये नियम

Thu, 08 Oct 2020 04:49 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 08 Oct 2020 04:49 AM IST
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Only high paid special professionals will get H 1B visa
H-1B visa

अमेरिका में अब एच-1बी वीजा सिर्फ अधिक वेतन वाले विशेष पेशेवरों को ही मिलेगा। राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले अमेरिकी कामगारों को लुभाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के नियमों को और सख्त करने का फैसला किया है। नए नियमों में कुछ जरूरी तत्व जोड़े गए हैं, जिसका असर सीधे तौर पर हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों पर पड़ना तय है। इसमें विशेष पेशेवरों को परिभाषित करने के साथ वेतन मानदंडों को बढ़ाया गया है। साथ ही नियोक्ता और कर्मचारी के संबंधों, थर्ड पार्टी नियुक्ति पर निगरानी जैसे नियम भीे जोडे़ गए हैं। इसमें एच-1बी वीजा के आवेदन पर नौकरी देने वाली कंपनी का पूर्ण निरीक्षण किया जाएगा।

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एच-1 बी वीजा

कौन वीजा ले सकता है?
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के अधिकारियों ने कहा कि कौन वीजा ले सकता है और उन्हें कितना भुगतान किया जाना चाहिए, इसको लेकर नियम जारी किए जाएंगे। एच1बी वीजा की सीमा तय की जा सकेगी। नए नियम 60 दिन में प्रभावी होंगे। ट्रंप सरकार ने यह बदलाव ऐसे समय किया है, जब राष्ट्रपति चुनाव में चार सप्ताह से भी कम समय बचा है। एक्टिंग सेक्रेटरी चाड वोल्फ ने कहा, कोरोना महामारी के कारण हम ऐसी स्थिति में पहुंच चुके हैं, जहां आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

हम स्थानीय कामगारों के लिए वह सब करेंगे, जो कानून के दायरे में कर सकते हैं। यह बदलाव विदेशी कामगार प्रोग्राम को मजबूत करेंगे और अमेरिकी कामगारों के लिए अच्छे अवसर और अच्छा वेतन सुनिश्चित करेंगे। अमेरिकी कर्मियों को अच्छे वेतन वाली नौकरियों से बाहर रखकर उनकी जगह गैर अमेरिकियों को दी जा रही है। कुछ मामलों में इससे उनका वेतन कम हो रहा है, जो गलत है।

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सांकेतिक तस्वीर

थर्ड पार्टी नियुक्ति पर नकेल से और बढ़ेंगी भारतीयों की मुश्किलें
थर्ड पार्टी नियुक्तियों के मामले में मौजूदा अधिकतम तीन वर्ष की अवधि को घटाकर अधिकतम एक वर्ष किया गया है। यानी थर्ड पार्टी कंपनी में काम करने वाले पेशेवरों को हर वर्ष एच-1बी वीजा रीन्यू कराने के लिए आवेदन देना होगा और हर बार इसकी जांच की जाएगी। इसका सबसे अधिक असर भारतीय पेशवरों पर पड़ेगा क्योंकि इनकी सबसे अधिक नियुक्तियां थर्ड पार्टी कंपनी के जरिये होती हैं।

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सांकेतिक तस्वीर

पहले ही नौकरी खो चुके हैं हजारों भारतीय
एच1बी वीजा के प्रावधानों को कड़ा किए जाने से पहले ही बड़ी संख्या में भारतीय नौकरी खो चुके हैं। एच1बी वीजा गैर आव्रजक वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को ऐसे विशेष व्यवसाय में नियुक्त करने की अनुमति देता है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत होती है। आईटी कंपनियां हर साल भारत और चीन से हजारों पेशेवरों की नियुक्ति के लिए इस वीजा पर निर्भर होती हैं।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI

सिर्फ ‘विशेष प्रतिभा’ को मिले वीजा: व्हाइट हाउस
वहीं, इस कदम का बचाव करते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जानते हैं कि मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए एच1बी वजा सिर्फ ‘विशेष प्रतिभाओं’ के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति उच्च कुशल पेशवरों को प्राथमिकता देने के लिए वर्क वीजा कार्यक्रम में सुधार कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि कोरोना काल में अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव के बीच अमेरिकियों की नौकरियों को बचाया जा सके।

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