अमेरिकी न्याय विभाग ने खुलासा किया कि आतंकी राणा ने 26/11 आतंकी हमले के तुरंत बाद मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली से कहा था कि भारतीय इसी के लायक थे। उसने मुंबई हमलों में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए लश्कर-ए-ताइबा के नौ आतंकियों की तारीफ की थी। कहा था, सभी को पाकिस्तान का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार निशान-ए-हैदर दिया जाना चाहिए।
Tahawwur Rana: बेनकाब होता पाकिस्तान; तहव्वुर राणा ने हेडली से कहा था- हमलावरों को मिलना चाहिए निशान-ए-हैदर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 12 Apr 2025 08:24 AM IST
सार
2008 के मुंबई आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस हमले में कई पुलिसकर्मी शहीद हुए थे, जिसमें मुंबई पुलिस के तीन बड़े अधिकारी भी शामिल थे। पाकिस्तान से आए आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने इस भीषण हमले को अंजाम दिया था। तहव्वुर राणा इस साजिश के मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक है। इनमें से एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा भी पकड़ा गया था, जिसे साल 2012 में फांसी दे दी गई।
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