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इन 7 वजहों से अपनी खूबसूरती के बाद भी दुनिया में बदनाम है सऊदी अरब
Fri, 22 Jul 2016 07:29 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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Updated Fri, 22 Jul 2016 07:29 PM IST
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सऊदी अरब का नाम जहन में आते ही हमें साफ सुथरी सड़के, बड़ी-बड़ी इमारतें और एक कायदे से चलने वाला मुल्क हमारी निगाहों में तैर जाता है लेकिन यहां का एक सच और भी है जिसे ये चकाचौंध छिपा ले जाते हैं। आधुनिक सऊदी अरब के कुछ ऐसे सच भी हैं जिसके आगे बीते कई दशकों का पिछड़ापन भी फीका पड़ जाए।
इन वजहों से अपनी खूबसूरती के बाद भी दुनिया में बदनाम है सऊदी
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सऊदी अरब में कोई न ही कोई चुनाव होता है न वहां कोई राजनीतिक दल है। इतना है कि वहां कोई संसद भी नहीं है। साथ ही यह जानकर आपको आश्चर्य ही होगा कि यहां पूरे मुल्क में कहीं कोई असहमति का कोई स्थान नहीं है। यानी जो राजा कहेगा वही आपको करना है। बता दें कि यहां के किंग अब्दुल्ला की मौत के कुछ दिन पहले ब्लॉगर रईफ बदावी को जब पहले 1,000 कोड़े मारे गए थे तो उनमें से पहवे 50 कोड़े सिर्फ इसलिए मारे गए थे क्योंकि उन्होंने अपने ब्लॉग में अभिव्यक्ति की आजादी की बात लिखी थी।
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- फोटो : Getty Images
यहां अगर आपको अच्छी नौकरी चाहिए तो आपको सउद घराने का होना जरूरी है। बताया जाता है है कि इस घराने के 7,000 प्रिंस लोगों को यूं ही नौकरी मिल गई। विशेषज्ञों की मानें तो यह संख्या सिर्फ 7,000 तक नहीं रुकी है बल्कि 30,000 है। इसके साथ ही यह बात भी ध्यान रखने योग्य है कि नौकरी के लिए जो लोग योग्य हैं उन्हें निकाल दिया जाता है। यहां अच्छी नौकरी के लिए योग्यता नहीं नाम मानक है।
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इन सब के बीच यहां सबसे बड़ी विडंबना यह है कि शासन चलाने के लिए उत्तराधिकारी का चयन करने के लिए पुरानी प्रक्रिया को प्रयोग में लाया जाता है। यहां अगले शासक का चयन ज्येष्ठता के आधार पर किया जाता है। सऊदी में पिता पक्ष के आधार पर प्राप्त वरिष्ठता के तहत शासक चुना जाता है। उदाहरण के लिए 90 साल के अब्दुल्ला ने अपनी सत्ता अपने 79 साल के भाई सलमान को सौंप दी। जबकि युवराज मुकरीन इस साल 70 साल के हो जाएंगे।
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saudi arab
सऊदी में कानून व्यवस्था का आलम ये है कि अगर आपने चोरी की है तो आपके हाथ काट दिए जाएंगे। दुर्व्यवहार के लिए कोड़े पड़ते हैं और किसी अन्य सामाजिक दुर्व्यवहार के लिए सर धड़ से अलग कर दिया जाता है।
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