{"_id":"5c19ed04bdec2256ee323267","slug":"12-years-old-leonardo-nicanor-quinteros-opens-school-for-poor-in-pocito-in-san-juan-in-argentina","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अर्जेंटीना: गरीब बच्चों के लिए 12 साल के छात्र ने झोपड़ी में खोला स्कूल, 40 साल तक के 36 छात्र आए","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अर्जेंटीना: गरीब बच्चों के लिए 12 साल के छात्र ने झोपड़ी में खोला स्कूल, 40 साल तक के 36 छात्र आए
Wed, 19 Dec 2018 12:32 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 19 Dec 2018 12:32 PM IST
विज्ञापन
अर्जेंटिना में लियोनार्डो निकानोर अपने स्कूल में पढ़ाते हुए
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अक्सर ऐसा देखा गया है कि 12 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चे भविष्य के अपनाने वाले करियर को लेकर संजीदा नहीं होते। लेकिन अर्जेंटीना के 12 वर्षीय छात्र लियोनार्डो निकानोर क्विंतेरोस ने स्कूल खोलकर एक मिसाल कायम की है। अपने इस स्कूल के माध्यम से लियानार्डो गरीब और जरूरतमंद बच्चों की मदद कर रहा है जो स्कूल की फीस नहीं जुटा पाते।
लियोनार्डो अपने विद्यार्थियों के साथ
- फोटो : Social Media
चार से 40 साल तक के 36 छात्र
कुछ महीने पहले झोपड़ी में शुरू हुए इस स्कूल में अब 4 वर्ष से लेकर 40 साल तक के 36 विद्यार्थी पढ़ने आ रहे हैं। एक छात्र ने बताया कि, जो बच्चे स्कूल में एडमिशन नहीं ले पाते। यह स्कूल उनके लिए है। लियो लास पिएड्रिटास शहर में रहते हैं। उन्होंने अपने स्कूल का नाम पैट्रिया यूनिटी स्कूल रखा है।
लियोनार्डो निकानोर क्विंतेरोस
- फोटो : Social Media
स्कॉलरशिप पर टीचर्स एजुकेशन की पढ़ाई
छात्रा क्लारिन कहती हैं, "लियोनार्डो मेरे घर से 40 मिनट की दूरी पर रहता है। वह स्कूल से अपनी पढ़ाई खत्म कर हमें पढ़ाने आता है। अब वह स्कॉलरशिप लेकर टीचर्स एजुकेशन की पढ़ाई भी कर रहा है। सभी स्टूडेंट्स उसे पसंद करते हैं।"
विज्ञापन
विज्ञापन
लियानार्डो अपनी दादी रामोना के साथ
- फोटो : Social Media
अपने स्कूल के टीचर और प्रिंसिपल दोनों हैं
इस स्कूल को खोलने में में उसकी 70 वर्षीय दादी रामोना ने मदद की है। वे इस स्कूल में पढ़ने जाती हैं। दादी रामोना कहती हैं, "आज लियोनार्डो अपने स्कूल का टीचर और प्रिंसिपल दोनों ही है। मुझे उस पर गर्व है। उसकी कोशिश ने इन स्टूडेंट्स की जिंदगी बदल दी है। स्कूल हमारे घर के पास ही बना है। स्कूल बहुत बड़ा नहीं है।"
विज्ञापन
लियोनार्डो निकानोर अपने स्कूल में एक बच्ची को पढ़ाते हुए
- फोटो : Social Media